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पढ़ाई के लिए पैसों की टेंशन खत्म! बिना गारंटी मिलेगा एजुकेशन लोन, 15 साल में चुकाने की सुविधा

एजुकेशन लोन से जुड़े हर सवाल का जवाब: बिना सिक्योरिटी मिल सकता है लोन, चुकाने के लिए 15 साल तक का समय

उच्च शिक्षा का सपना अब केवल पैसों की कमी के कारण अधूरा रह जाए, यह जरूरी नहीं। इंजीनियरिंग, मेडिकल, मैनेजमेंट या अन्य उच्च शिक्षा के लिए एजुकेशन लोन विद्यार्थियों और उनके परिवारों के लिए बड़ी मदद बन सकता है। सरकार की क्रेडिट गारंटी और PM-Vidyalaxmi जैसी योजनाओं के तहत पात्र विद्यार्थियों को बिना कोलैटरल के लोन की सुविधा भी उपलब्ध है। लेकिन लोन लेने से पहले ब्याज, पात्रता, मोरेटोरियम और रीपेमेंट से जुड़े नियम समझना बेहद जरूरी है।

₹7.5 लाख तक के लोन में सिक्योरिटी से राहत

भारत सरकार की Credit Guarantee Fund Scheme for Education Loans (CGFSEL) के तहत पात्र एजुकेशन लोन में अधिकतम ₹7.5 लाख तक बिना collateral security और third-party guarantee के लोन को गारंटी कवर देने का प्रावधान है।

हालांकि विद्यार्थी को यह ध्यान रखना चाहिए कि एजुकेशन लोन की मंजूरी बैंक की पात्रता शर्तों, संस्थान, कोर्स और आवेदक की परिस्थितियों पर निर्भर करती है। इसलिए केवल ₹7.5 लाख से कम राशि होने का अर्थ यह नहीं है कि हर आवेदन स्वतः मंजूर हो जाएगा।

PM-Vidyalaxmi में बिना गारंटर और कोलैटरल के एजुकेशन लोन

केंद्र सरकार की PM-Vidyalaxmi Scheme उच्च शिक्षा के लिए वित्तीय सहायता का एक महत्वपूर्ण विकल्प है। योजना के तहत चिन्हित Quality Higher Education Institutions (QHEIs) में मेरिट के आधार पर प्रवेश पाने वाले पात्र विद्यार्थियों के लिए collateral-free और guarantor-free education loan की व्यवस्था की गई है।

इस योजना में केवल ₹7.5 लाख तक ही लोन लेने की सीमा नहीं है। आधिकारिक गाइडलाइन के अनुसार एजुकेशन लोन की अधिकतम राशि पर कोई निश्चित ऊपरी सीमा नहीं रखी गई है; जरूरत संस्थान की फीस और शिक्षा से जुड़े पात्र खर्चों के आधार पर तय हो सकती है। वहीं ₹7.5 लाख तक के लोन पर सरकार 75% credit guarantee उपलब्ध कराती है, जिससे बैंकों को ऐसे लोन देने में सहायता मिलती है।

लोन चुकाने के लिए 15 साल तक का समय

PM-Vidyalaxmi की आधिकारिक गाइडलाइन के अनुसार एजुकेशन लोन के repayment की अवधि 15 साल तक हो सकती है। खास बात यह है कि यह अवधि moratorium period के अतिरिक्त है।

यहां moratorium सामान्यतः कोर्स की अवधि + एक वर्ष है। यानी पढ़ाई पूरी होते ही विद्यार्थी पर तुरंत पूरी EMI चुकाने का दबाव नहीं आता; लागू नियमों के अनुसार उसे अतिरिक्त समय मिलता है।

₹8 लाख तक पारिवारिक आय वालों को ब्याज में भी राहत

PM-Vidyalaxmi में ऐसे विद्यार्थियों के लिए एक और महत्वपूर्ण सुविधा है जिनकी वार्षिक पारिवारिक आय ₹8 लाख तक है।

पात्र विद्यार्थियों को ₹10 लाख तक के एजुकेशन लोन पर moratorium period के दौरान लगने वाले ब्याज पर 3% interest subvention मिल सकता है। योजना के तहत एक वर्ष में अधिकतम एक लाख नए विद्यार्थियों को यह ब्याज सहायता देने का प्रावधान है।

किन खर्चों के लिए मिल सकता है एजुकेशन लोन?

PM-Vidyalaxmi के तहत लोन की जरूरत निर्धारित करते समय संस्थान की course fee के साथ अन्य संबंधित खर्चों को भी शामिल किया जा सकता है। इनमें हॉस्टल/मेस फीस, संस्थान की अन्य पात्र फीस, उचित गुणवत्ता वाले लैपटॉप की लागत और पढ़ाई के दौरान आवश्यक जीवन-यापन खर्च जैसी मदें शामिल हो सकती हैं। वास्तविक स्वीकृत राशि विद्यार्थी, कोर्स, संस्थान और बैंक के आकलन पर निर्भर करेगी।

PM-Vidyalaxmi का लाभ किसे मिलेगा?

इस योजना का लाभ हर कॉलेज में एडमिशन लेने वाले विद्यार्थी को स्वतः नहीं मिलता। इसके लिए विद्यार्थी का सरकार द्वारा निर्धारित Quality Higher Education Institution (QHEI) में degree या diploma programme में प्रवेश होना जरूरी है।

इसके अलावा प्रवेश open competitive examination या merit-based process से होना चाहिए। आधिकारिक गाइडलाइन के मुताबिक management quota या उसके समान कोटे से प्रवेश लेने वाले विद्यार्थी इस योजना के तहत पात्र नहीं हैं।

आवेदन की प्रक्रिया होगी डिजिटल

PM-Vidyalaxmi को विद्यार्थी-अनुकूल और डिजिटल प्रक्रिया के रूप में तैयार किया गया है। आधिकारिक दिशानिर्देशों में आवेदन प्रक्रिया को सरल और पारदर्शी रखने तथा एक संक्षिप्त आवेदन प्रारूप उपलब्ध कराने की बात कही गई है।

विद्यार्थियों को आवेदन करने से पहले अपने संस्थान की पात्रता, कोर्स फीस, परिवार की आय, बैंक की ब्याज दर और लोन की अन्य शर्तों को ध्यान से जांचना चाहिए।

एजुकेशन लोन लेने से पहले इन बातों पर जरूर दें ध्यान

लोन चुनते समय सिर्फ यह न देखें कि बैंक कितनी राशि दे रहा है। अलग-अलग बैंकों की interest rate, processing charges, moratorium की शर्तें, EMI, prepayment नियम और अन्य शुल्क अलग हो सकते हैं।

लोन दस्तावेज पर हस्ताक्षर करने से पहले विद्यार्थी और अभिभावक को यह भी समझ लेना चाहिए कि पढ़ाई पूरी होने के बाद संभावित EMI कितनी होगी और कुल अवधि में बैंक को कितना ब्याज चुकाना पड़ सकता है।

निष्कर्ष

एजुकेशन लोन उच्च शिक्षा के सपने को पूरा करने का एक महत्वपूर्ण वित्तीय साधन है। ₹7.5 लाख तक के पात्र एजुकेशन लोन के लिए सरकारी credit guarantee व्यवस्था तथा PM-Vidyalaxmi के तहत collateral-free और guarantor-free loan जैसी पहल विद्यार्थियों के लिए बड़ी राहत हो सकती हैं। वहीं पात्र मामलों में 15 साल तक repayment अवधि और ब्याज सहायता से आर्थिक दबाव कम करने में मदद मिल सकती है।

शुभदा शक्ति की सलाह: एजुकेशन लोन लेने से पहले संबंधित बैंक और सरकारी पोर्टल पर नवीनतम नियम जरूर जांचें। खासकर दिव्यांग विद्यार्थियों को यह भी देखना चाहिए कि वे शिक्षा से जुड़ी किसी छात्रवृत्ति, फीस सहायता या अन्य सरकारी योजना के पात्र हैं या नहीं। सही जानकारी के साथ छात्रवृत्ति और एजुकेशन लोन के विकल्पों की तुलना करना उच्च शिक्षा का आर्थिक बोझ कम कर सकता है।

स्रोत: भारत सरकार, शिक्षा मंत्रालय — PM-Vidyalaxmi Scheme Guidelines एवं Credit Guarantee Fund Scheme for Education Loans (CGFSEL)।

डिस्क्लेमर: बैंक की ब्याज दर, पात्रता और लोन स्वीकृति की शर्तें बैंक तथा आवेदक के अनुसार अलग हो सकती हैं। लोन लेने से पहले संबंधित बैंक और आधिकारिक सरकारी स्रोत से नवीनतम जानकारी की पुष्टि करें।

APOORV SEN
Author: APOORV SEN

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