पाकिस्तान का F-16 गिराने वाले ‘वायुवीर’ अभिनंदन ने छोड़ी वायुसेना, अब यात्री विमान उड़ाते आएंगे नजर!

नई दिल्ली। साल 2019 में भारत-पाकिस्तान के बीच हुए हवाई संघर्ष के दौरान अपनी बहादुरी से पूरे देश का ध्यान खींचने वाले ग्रुप कैप्टन अभिनंदन वर्धमान ने भारतीय वायुसेना (IAF) में करीब 22 साल की सेवा के बाद समयपूर्व सेवानिवृत्ति ले ली है। अब वह सैन्य लड़ाकू विमान की जगह नागरिक उड्डयन क्षेत्र में अपनी नई पारी शुरू कर रहे हैं। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, अभिनंदन गोवा स्थित क्षेत्रीय एयरलाइन FLY91 से पायलट के रूप में जुड़ गए हैं।
रिपोर्ट्स के मुताबिक, अभिनंदन वर्धमान ने 31 मार्च 2026 को भारतीय वायुसेना छोड़ी और अगस्त में FLY91 से जुड़े। बताया जा रहा है कि वह फिलहाल कमर्शियल ऑपरेशंस के लिए जरूरी प्रशिक्षण से गुजर रहे हैं। प्रशिक्षण और आवश्यक नियामकीय प्रक्रियाएं पूरी होने के बाद वह क्षेत्रीय मार्गों पर यात्री विमान उड़ाते नजर आ सकते हैं।
2019 में पाकिस्तान के खिलाफ दिखाया था अदम्य साहस
अभिनंदन वर्धमान का नाम 27 फरवरी 2019 की उस हवाई भिड़ंत के बाद देशभर में चर्चित हुआ था, जो भारतीय वायुसेना द्वारा पाकिस्तान के बालाकोट में की गई एयर स्ट्राइक के अगले दिन हुई थी।
उस समय विंग कमांडर अभिनंदन MiG-21 Bison लड़ाकू विमान उड़ा रहे थे। भारतीय पक्ष के अनुसार, उन्होंने पाकिस्तानी वायुसेना के F-16 लड़ाकू विमान को मार गिराया। हालांकि इस हवाई संघर्ष के दौरान उनका MiG-21 भी निशाना बना और उन्हें विमान से इजेक्ट करना पड़ा। वह पाकिस्तान के नियंत्रण वाले क्षेत्र में उतरे और पाकिस्तानी सेना ने उन्हें हिरासत में ले लिया। करीब 60 घंटे बाद, 1 मार्च 2019 को उनकी भारत वापसी हुई।
उनकी बहादुरी और असाधारण कर्तव्यनिष्ठा के लिए उन्हें वीर चक्र से सम्मानित किया गया। बाद में उन्हें ग्रुप कैप्टन के पद पर पदोन्नत किया गया।
फाइटर जेट से कमर्शियल विमान तक
करीब 22 वर्षों तक भारतीय वायुसेना में सेवा देने के बाद अभिनंदन का कमर्शियल एविएशन में जाना उनके करियर का नया अध्याय है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, सैन्य पायलटों को नागरिक विमान उड़ाने के लिए निर्धारित प्रक्रियाएं और नियामकीय आवश्यकताएं पूरी करनी होती हैं।
अभिनंदन की नई पारी इसलिए भी खास है क्योंकि जिस पायलट को देश ने कभी सीमा पर दुश्मन के लड़ाकू विमानों का मुकाबला करते देखा था, वही अनुभवी वायुवीर अब नागरिक उड्डयन क्षेत्र में अपनी उड़ान जारी रखने जा रहा है।
यानी आसमान वही है, लेकिन मिशन बदल गया है—कल तक देश की हवाई सीमा की रक्षा करने वाले अभिनंदन अब यात्रियों को उनकी मंजिल तक पहुंचाने के लिए उड़ान भरेंगे।






