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सेना के जवान के इस फैसले से 6 लोगों को मिली ज़िंदगी, ब्रेन डेड पत्नी के अंग किये दान

अजमेर। सेना के जवान सीमा पर देश की सेवा में अपना सबकुछ न्योछावर कर देते है। अजमेर के पास ग्राम पड़ांगा के फौजी सांवरलाल गुर्जर ने अपनी ब्रेन डेड पत्नी संजू गुर्जर के अंगदान का निर्णय लेकर मिसाल पेश की है। संजू के अंगों को सुरक्षित तरीके से अलग-अलग शहरों के अस्पतालों तक पहुंचाया गया, जहां जरूरतमंद मरीजों के उपचार में उनका उपयोग किया।

संजू गुर्जर (30) की तबीयत मस्तिष्क की नस फटने के बाद गंभीर हो गई थी। उन्हें पंचकूला स्थित कमांड अस्पताल में भर्ती कराया गया था। चिकित्सकों ने गाठ दिनों संजू को ब्रेन डेड घोषित कर दिया। इसके बाद पति सांवरलाल और परिवार ने आपसी चर्चा की। उन्होंने संजू के अंगदान का निर्णय लिया। परिजनों की सहमति के बाद संजू के संरक्षित अंगों को अलग-अलग स्थानों पर भेजने की प्रक्रिया शुरू की गई। उनके अंग दिल्ली, नोएडा, चंडीगढ़ और रोहतक भेजे गए। अंगों को समय पर संबंधित अस्पतालों तक पहुंचाने के लिए विशेष व्यवस्था की गई। अंगों को जल्दी पहुंचाने के लिए चंडीगढ़ एयरपोर्ट और पंचकूला से रोहतक तक ग्रीन कॉरिडोर बनाया गया। इसके जरिए अंगों को निर्धारित स्थानों तक पहुंचाने में मदद मिली। संजू की किडनी लेकर एंबुलेंस रोहतक स्थित पीजीआईएमएस पहुंची। परिवार के इस निर्णय से संजू के अंगों से छह मरीजों को नई जिंदगी मिलने की उम्मीद है। वहीं, उनके कॉर्निया को कमांड अस्पताल में दो मरीजों में प्रत्यारोपित किया गया। इस तरह संजू के अंग जरूरतमंद मरीजों के उपचार में काम आए। पत्नी को खोने के दर्द के बीच सांवरलाल ने अंगदान को लेकर अपनी भावना भी व्यक्त की। उन्होंने कहा कि अगर उनकी पत्नी के अंगों से किसी की जान बच सके तो इससे उनकी आत्मा को शांति मिलेगी। परिवार ने इसी भावना के साथ अंगदान की प्रक्रिया पूरी करवाई। अंगदान की प्रक्रिया पूरी होने के बाद गुरुवार को संजू का अंतिम संस्कार उनके पैतृक ग्राम पड़ांगा में किया गया। परिवार ने नम आंखों से उन्हें अंतिम विदाई दी।

Amit
Author: Amit

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