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जी, सुना क्या?? जलमहल की खासियत ।

पानी में तैरता जयपुर का जल महल! पांच मंजिलों में से चार पानी के नीचे, जानिए इसकी अनोखी कहानी

जयपुर। गुलाबी नगरी जयपुर अपनी ऐतिहासिक इमारतों, किलों और राजसी विरासत के लिए दुनियाभर में प्रसिद्ध है। इन्हीं धरोहरों में एक है मान सागर झील के बीच खड़ा जल महल, जो दूर से देखने पर ऐसा प्रतीत होता है मानो पानी की सतह पर तैर रहा हो। लेकिन इसकी असली कहानी उस हिस्से में छिपी है, जो सामान्य तौर पर दिखाई ही नहीं देता।

पांच मंजिल का महल, दिखाई देती है सिर्फ एक

जल महल को किनारे से देखने पर यह एक मंजिला इमारत नजर आती है, जबकि वास्तव में इसकी संरचना पांच मंजिला है। राजस्थान पर्यटन विभाग के अनुसार इसकी चार मंजिलें पानी में डूबी रहती हैं, जबकि सबसे ऊपरी मंजिल पानी के ऊपर दिखाई देती है।

यही अनोखी बनावट जल महल को भारत की विशिष्ट ऐतिहासिक संरचनाओं में शामिल करती है। झील के शांत पानी के बीच खड़ा यह महल विशेष रूप से सूर्योदय और सूर्यास्त के समय बेहद आकर्षक दिखाई देता है।

आखिर क्यों बनाया गया था जल महल?

नाम से भले ही यह शाही निवास जैसा लगता हो, लेकिन राजस्थान पर्यटन विभाग के अनुसार महाराजा माधो सिंह प्रथम ने इसे नियमित राजमहल के रूप में इस्तेमाल करने के उद्देश्य से नहीं बनवाया था। इसका उपयोग राजा और उनके साथियों द्वारा बतख के शिकार के दौरान शाही विश्राम स्थल यानी Hunting Lodge के रूप में किया जाता था।

हालांकि जल महल के निर्माण और बाद के विकास को लेकर अलग-अलग ऐतिहासिक विवरण भी मिलते हैं। राजस्थान सरकार से जुड़े एक पर्यटन मास्टरप्लान दस्तावेज के अनुसार इसकी मूल संरचना 1699 की बताई गई है और 18वीं शताब्दी में महाराजा जय सिंह द्वितीय के समय महल तथा आसपास की झील का विस्तार और नवीनीकरण हुआ।

सदियों से पानी के बीच कैसे सुरक्षित है महल?

जल महल की सबसे दिलचस्प कहानी इसकी इंजीनियरिंग में छिपी है। राजस्थान पर्यटन के मुताबिक इसकी मजबूत पत्थर की दीवारें भारी मात्रा में झील के पानी का दबाव सहती हैं। निर्माण में इस्तेमाल किया गया विशेष चूने का गारा (lime mortar) पानी को अंदर रिसने से रोकने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता आया है। आधिकारिक पर्यटन विवरण इसे 250 वर्ष से अधिक समय से काम कर रही निर्माण तकनीक बताता है।

इसकी वास्तुकला में राजस्थान की पारंपरिक राजपूत शैली प्रमुखता से दिखाई देती है। गुलाबी/हल्के रंग के बलुआ पत्थर से बनी इसकी सममित संरचना झील के पानी और पीछे अरावली की पहाड़ियों के साथ बेहद खूबसूरत दृश्य प्रस्तुत करती है।

क्या पर्यटक पानी के नीचे की मंजिलें देख सकते हैं?

जल महल को लेकर पर्यटकों में सबसे ज्यादा उत्सुकता इसकी पानी में डूबी चार मंजिलों को लेकर रहती है। लेकिन वर्तमान में महल आम पर्यटकों के लिए सामान्य रूप से खुला नहीं है। इसलिए अधिकांश लोग मान सागर झील के किनारे से ही इसकी खूबसूरती को निहारते और तस्वीरें लेते हैं।

दिन ढलने के साथ झील के बीच खड़ा जल महल और आसपास का नजारा इसे जयपुर के सबसे आकर्षक फोटो पॉइंट्स में से एक बना देता है।

राजस्थान की इंजीनियरिंग और विरासत का अनोखा उदाहरण

जल महल सिर्फ एक खूबसूरत पर्यटन स्थल नहीं, बल्कि उस दौर की वास्तुकला और जल-आधारित निर्माण तकनीक का शानदार उदाहरण भी है। पांच मंजिला इमारत का अधिकांश हिस्सा पानी के भीतर होने के बावजूद सदियों बाद भी इसकी पहचान कायम है।

शायद यही वजह है कि जयपुर आने वाले पर्यटकों के लिए आमेर, हवा महल और सिटी पैलेस के साथ जल महल भी शहर की पहचान का अहम हिस्सा बन चुका है।

स्रोत: राजस्थान पर्यटन विभाग एवं उपलब्ध ऐतिहासिक विवरण

APOORV SEN
Author: APOORV SEN

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