नई दिल्ली। दिग्गज इलेक्ट्रॉनिक्स कंपनी Samsung India में कर्मचारियों की छंटनी शुरू हो गई है। बढ़ती लागत, महंगे मेमोरी चिप और कमजोर मांग के दबाव के बीच कंपनी ने अपने टेलीविजन और होम अप्लायंसेज कारोबार से करीब 80 से 100 अधिकारियों को नौकरी छोड़ने के लिए कहा है। यह प्रक्रिया अलग-अलग बैच में की जा रही है।
बड़े पदों पर भी छंटनी का असर
रिपोर्ट्स के मुताबिक, छंटनी केवल जूनियर कर्मचारियों तक सीमित नहीं है। इसकी जद में डायरेक्टर स्तर के अधिकारी, टीम लीडर, ब्रांच मैनेजर और एरिया मैनेजर तक आए हैं। कंपनी पिछले कुछ दिनों से चरणबद्ध तरीके से कर्मचारियों की संख्या कम कर रही है।
सबसे बड़ी चिंता यह है कि मौजूदा छंटनी आखिरी दौर नहीं हो सकती। रिपोर्ट्स में दावा किया गया है कि Samsung के इलेक्ट्रॉनिक्स कारोबार की सेल्स और मार्केटिंग वर्कफोर्स के करीब 25 प्रतिशत हिस्से पर असर पड़ सकता है। इसमें मैनपावर एजेंसियों के जरिए नियुक्त ऑफ-रोल कर्मचारी भी शामिल हो सकते हैं।
आखिर क्यों हो रही है छंटनी?
Samsung India पर इस समय कई तरफ से लागत का दबाव बढ़ा है। सबसे बड़ी वजहों में मेमोरी चिप की कीमतों में दोगुने से ज्यादा की बढ़ोतरी बताई जा रही है। इसके अलावा रुपये की कमजोरी और महंगे आयातित कंपोनेंट्स ने भी लागत बढ़ाई है। दूसरी तरफ स्मार्टफोन की बिक्री में कमजोरी ने कंपनी के मार्जिन पर दबाव बढ़ाया है।
रिपोर्ट के मुताबिक, भारत में Samsung के स्मार्टफोन बिक्री वॉल्यूम में सालाना आधार पर करीब 11-12 प्रतिशत की गिरावट का अनुमान है। स्मार्टफोन Samsung India के लिए बेहद महत्वपूर्ण कारोबार है और कंपनी के भारतीय राजस्व में इसकी हिस्सेदारी करीब तीन-चौथाई बताई गई है।

मोबाइल डिवीजन फिलहाल सुरक्षित
राहत की बात यह है कि मौजूदा छंटनी का असर फिलहाल Samsung के स्मार्टफोन डिवीजन पर नहीं पड़ा है। कंपनी को त्योहारी सीजन में मोबाइल फोन की बिक्री सुधरने की उम्मीद है। हालांकि, रिपोर्ट्स के मुताबिक आगे का फैसला बिक्री के प्रदर्शन को देखते हुए लिया जा सकता है।
दिवाली के बाद फिर हो सकती है छंटनी
मौजूदा घटनाक्रम के बीच कर्मचारियों के लिए सबसे बड़ी चिंता आगे की है। रिपोर्ट में संकेत दिए गए हैं कि दिवाली के बाद टीवी और होम अप्लायंसेज कारोबार में कर्मचारियों की संख्या को लेकर एक और समीक्षा हो सकती है। बाजार की परिस्थितियां चुनौतीपूर्ण बनी रहीं तो कर्मचारियों की संख्या में और कटौती संभव है।
कमाई बढ़ी, फिर भी क्यों चली छंटनी की कैंची?
दिलचस्प बात यह है कि Samsung India का पिछला वित्तीय प्रदर्शन कमजोर नहीं था। वित्त वर्ष 2024-25 में कंपनी का राजस्व करीब ₹1.1 लाख करोड़ रहा, जो पिछले वर्ष से लगभग 12 प्रतिशत अधिक था। कंपनी का शुद्ध लाभ भी 38 प्रतिशत बढ़कर ₹11,287 करोड़ पहुंचा था।
इसके बावजूद टीवी और होम अप्लायंसेज जैसे कारोबार में बढ़ती लागत और मार्जिन के दबाव ने कंपनी को खर्च नियंत्रित करने के लिए कदम उठाने पर मजबूर किया है।
शुभदा शक्ति डेस्क
नोट: कर्मचारियों की संख्या और संभावित अगली छंटनी से जुड़े आंकड़े मीडिया रिपोर्ट्स तथा उद्योग सूत्रों पर आधारित हैं।






