दिव्यांग मतदाता जानें अपने अधिकार: मतदान केंद्र पर क्या-क्या सुविधाएं मिलनी चाहिए, परेशानी हो तो कहां करें शिकायत?

शुभदा शक्ति विशेष | मतदाता जागरूकता
लोकतंत्र में प्रत्येक नागरिक का वोट समान महत्व रखता है। शारीरिक, दृष्टि, श्रवण या अन्य किसी दिव्यांगता के कारण किसी मतदाता के लिए मतदान करना मुश्किल नहीं होना चाहिए। भारत निर्वाचन आयोग (ECI) ने इसी उद्देश्य से दिव्यांग मतदाताओं के लिए मतदान केंद्रों पर विशेष सुविधाओं और सुगम मतदान की व्यवस्था निर्धारित की है।
निर्वाचन आयोग का उद्देश्य है कि दिव्यांग मतदाता सम्मान, गरिमा, स्वतंत्रता और सुगमता के साथ अपने मताधिकार का प्रयोग कर सकें। आयोग के अनुसार मतदान केंद्रों को दिव्यांग मतदाताओं के लिए सुलभ बनाने के साथ उनकी जरूरत के अनुसार सहायता उपलब्ध कराई जानी चाहिए।
♿ मतदान केंद्र पर ये सुविधाएं मिलनी चाहिए
निर्वाचन आयोग की व्यवस्था के अनुसार मतदान केंद्रों को जहां तक निर्धारित है, ग्राउंड फ्लोर पर रखा जाना चाहिए। वहां उचित ढलान वाला रैंप, व्हीलचेयर, सुलभ शौचालय, संकेतक, पर्याप्त जगह तथा अन्य आवश्यक न्यूनतम सुविधाएं होनी चाहिए। व्हीलचेयर उपयोगकर्ता के लिए मतदान कक्ष में आवाजाही की पर्याप्त जगह भी सुनिश्चित की जानी चाहिए।
दिव्यांग मतदाताओं के लिए अलग कतार और प्राथमिकता से मतदान की व्यवस्था भी है, ताकि उन्हें अनावश्यक रूप से लंबी कतार में खड़ा न रहना पड़े। आवश्यकता के अनुसार प्रशिक्षित स्वयंसेवकों की सहायता तथा मतदान केंद्र तक आने-जाने के लिए निःशुल्क Pick-and-Drop/Transport जैसी सुविधाएं भी निर्वाचन आयोग की PwD पहल का हिस्सा हैं।
👁️ दृष्टिबाधित मतदाता भी स्वतंत्र रूप से कर सकते हैं मतदान
दृष्टिबाधित मतदाताओं के लिए EVM की Ballot Unit पर Braille सुविधा और मतदान केंद्र पर Braille Dummy Ballot Sheet जैसी व्यवस्थाएं की जाती हैं। इससे मतदाता उम्मीदवारों की जानकारी समझकर EVM की Braille सुविधा के माध्यम से स्वयं वोट डाल सकता है।
यदि कोई दृष्टिबाधित या शारीरिक रूप से अशक्त मतदाता बिना सहायता अपना वोट दर्ज नहीं कर सकता, तो Conduct of Elections Rules, 1961 के Rule 49N के तहत Presiding Officer उसे कम से कम 18 वर्ष की आयु के एक companion को मतदान कक्ष में साथ ले जाने की अनुमति दे सकता है। उस सहायक को मतदाता की इच्छा के अनुसार वोट दर्ज करना और उसकी गोपनीयता बनाए रखना होता है।
📱 ‘Saksham ECI’ ऐप दिव्यांग मतदाताओं के लिए खास
निर्वाचन आयोग ने दिव्यांग मतदाताओं के लिए Saksham ECI App उपलब्ध कराया है। इसके माध्यम से PwD मतदाता चुनाव संबंधी सेवाओं की जानकारी प्राप्त करने के साथ मतदान केंद्र की accessibility से जुड़ी जानकारी देख सकते हैं और मतदान के दिन wheelchair जैसी सुविधा का अनुरोध कर सकते हैं।
सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि Saksham App में दिव्यांग मतदाताओं को चुनावी प्रक्रिया के दौरान होने वाली समस्याओं के संबंध में शिकायत दर्ज करने की सुविधा भी दी गई है।
🏠 कुछ दिव्यांग मतदाताओं के लिए Home Voting का विकल्प
निर्वाचन आयोग ने पात्र दिव्यांग मतदाताओं के लिए घर से मतदान यानी Home Voting का वैकल्पिक प्रावधान भी किया है। ECI की 2026 की जानकारी के अनुसार 40 प्रतिशत benchmark disability वाले PwD मतदाता निर्धारित प्रक्रिया के तहत इस वैकल्पिक सुविधा का चुनाव कर सकते हैं। यह स्वतः मिलने वाला सामान्य मतदान विकल्प नहीं है; इसके लिए चुनाव की अधिसूचना और निर्धारित प्रक्रिया/समयसीमा के अनुसार आवेदन करना होता है।

🚨 मतदान केंद्र पर सुविधा न मिले तो चुप न रहें
यदि मतदान केंद्र पर रैंप नहीं है, व्हीलचेयर उपलब्ध नहीं कराई जा रही, दिव्यांग मतदाता को प्राथमिकता नहीं मिल रही, मतदान केंद्र तक पहुंचने में बाधा है या मतदान कर्मचारी आवश्यक सहायता नहीं कर रहे हैं, तो इसे नजरअंदाज करने की जरूरत नहीं है।
सबसे पहले मतदान केंद्र के Presiding Officer को तत्काल समस्या बताएं। कोशिश करें कि समस्या उसी समय हल हो जाए ताकि दिव्यांग व्यक्ति अपने मताधिकार का प्रयोग कर सके।
समस्या का समाधान नहीं होने पर संबंधित BLO, Returning Officer/ARO, District Election Officer (DEO) और आवश्यकता पड़ने पर राज्य के Chief Electoral Officer (CEO) तक मामला पहुंचाया जा सकता है।
दिव्यांग मतदाता Saksham ECI App के माध्यम से भी शिकायत दर्ज कर सकता है। सामान्य चुनावी जानकारी और सहायता के लिए निर्वाचन आयोग की Voter Helpline 1950 का उपयोग किया जा सकता है। ECI के अनुसार 1950 पर कॉल करते समय STD code जोड़ने की आवश्यकता हो सकती है।
👨👩👧 अभिभावक या परिजन क्या करें?
यदि दिव्यांग मतदाता स्वयं अपनी समस्या स्पष्ट रूप से दर्ज नहीं करा पा रहा है तो उसका अभिभावक या परिजन संबंधित चुनाव अधिकारियों के सामने समस्या उठा सकता है।
शिकायत करते समय मतदान केंद्र का नाम/नंबर, विधानसभा क्षेत्र, तारीख और समय, समस्या का स्पष्ट विवरण तथा किस अधिकारी से बात की गई, जैसी जानकारी नोट करके रखना उपयोगी होगा।
हालांकि मतदान केंद्र के भीतर फोटो या वीडियो बनाने का प्रयास नहीं करना चाहिए। निर्वाचन आयोग स्पष्ट करता है कि मोबाइल फोन, कैमरा और अन्य गैजेट मतदान बूथ के अंदर ले जाने की अनुमति नहीं है।
⚖️ दिव्यांग मतदाता का वोट भी उतना ही महत्वपूर्ण
Accessibility कोई दया या विशेष कृपा नहीं, बल्कि समावेशी लोकतंत्र की बुनियादी आवश्यकता है। निर्वाचन आयोग स्वयं अपनी PwD नीति को समान पहुंच, सम्मान और गरिमा के सिद्धांतों से जोड़ता है।
इसलिए यदि किसी दिव्यांग मतदाता को केवल उसकी दिव्यांगता या मतदान केंद्र की खराब व्यवस्था के कारण वोट डालने में परेशानी हो रही है, तो परिवार को इसे सामान्य मानकर वापस नहीं लौटना चाहिए। पहले मौके पर उपलब्ध चुनाव अधिकारी से सहायता मांगें और समाधान न मिलने पर उचित शिकायत व्यवस्था का उपयोग करें।
याद रखें—मतदान सिर्फ अधिकार नहीं, लोकतंत्र में समान भागीदारी का प्रतीक है। दिव्यांग मतदाता को भी सुरक्षित, सुगम और सम्मानजनक तरीके से अपना वोट डालने का पूरा अवसर मिलना चाहिए।
शुभदा शक्ति — नि:शक्त की शक्ति
दिव्यांगों को दुनिया और दुनिया को दिव्यांगों से जोड़ना।






