कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में भारतीय पैरा खिलाड़ियों का ऐतिहासिक प्रदर्शन, 7 पदकों के साथ रचा नया कीर्तिमान दिव्यांगजनों के लिए आसान हो रहा सफर! रेलवे, मेट्रो और एयरपोर्ट पर बढ़ीं सुविधाएं, समावेशी भारत की ओर बड़ा कदम PM मोदी की फेसबुक पोस्ट हटाने पर झुका Meta, माफी के बाद सरकार ने कंटेंट मॉडरेशन और एल्गोरिदम पर कड़े सवाल उठाए! 🇮🇳 दिव्यांग क्रिकेट में राजस्थान का बड़ा सम्मान, रोहित झालानी को मिली टीम इंडिया की कमान दिव्यांग सशक्तिकरण की ओर बड़ा कदम: तमिलनाडु सरकार ने AI Assistive Devices और ‘नंबिक्कई इल्लम’ के लिए किया बड़ा ऐलान सुप्रीम कोर्ट का सख्त निर्देश: 4 हफ्तों में हों दिव्यांग आयुक्तों की नियुक्ति, नए एक्सेसिबिलिटी नियम भी जल्द
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कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में भारतीय पैरा खिलाड़ियों का ऐतिहासिक प्रदर्शन, 7 पदकों के साथ रचा नया कीर्तिमान

As the clock turns to New Year 2026, the Paralympic Committee of India  comes together to celebrate not just the beginning of a new year, but the  shared spirit that drives Indian

नई दिल्ली/ग्लासगो। भारतीय पैरा खिलाड़ियों ने कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में शानदार प्रदर्शन करते हुए देश के खेल इतिहास में एक नया अध्याय जोड़ दिया है। भारतीय पैरा दल ने कुल 7 पदक (3 स्वर्ण, 2 रजत और 2 कांस्य) जीतकर कॉमनवेल्थ गेम्स में अपना अब तक का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन दर्ज किया। इस उपलब्धि ने न केवल भारत की पदक तालिका को मजबूत किया, बल्कि यह भी साबित कर दिया कि भारतीय पैरा खिलाड़ी अब विश्व स्तर पर अपनी मजबूत पहचान बना चुके हैं।

इस बार ग्लासगो में आयोजित खेलों में भारतीय पैरा एथलीटों ने कई स्पर्धाओं में बेहतरीन प्रदर्शन किया। विशेष रूप से पैरा एथलेटिक्स में खिलाड़ियों ने शानदार प्रदर्शन करते हुए भारत के लिए महत्वपूर्ण पदक जीते। प्रतियोगिता के दौरान खिलाड़ियों ने आत्मविश्वास, अनुशासन और दृढ़ संकल्प का परिचय देते हुए यह दिखाया कि कठिन परिस्थितियां भी उनकी सफलता की राह नहीं रोक सकतीं।

भारत की सबसे बड़ी उपलब्धियों में से एक दिलीप महाडू गावित का स्वर्ण पदक रहा। उन्होंने पुरुषों की 100 मीटर T47 स्पर्धा में 10.71 सेकंड का समय निकालकर स्वर्ण पदक अपने नाम किया और कॉमनवेल्थ गेम्स में स्वर्ण जीतने वाले भारत के पहले पुरुष पैरा एथलीट बने। वहीं महिला शॉटपुट F57 स्पर्धा में शर्मिला ढांकर ने स्वर्ण पदक जीतकर इतिहास रच दिया, जबकि शिल्पा शायला ने कांस्य पदक हासिल कर भारत को उसी स्पर्धा में दोहरे पदक की ऐतिहासिक सफलता दिलाई।

Paralympic Committee of India 🇮🇳 Honouring champions at the World Para  Athletics Grand Prix 2026 medal ceremony. 🏅 Medals were presented by Adv.  Shri Nandan Jha, Adviser and Founder of the eSports

 

खेल विशेषज्ञों का मानना है कि यह सफलता केवल खिलाड़ियों की व्यक्तिगत उपलब्धि नहीं, बल्कि देश में पैरा खेलों के प्रति बढ़ती जागरूकता, बेहतर प्रशिक्षण सुविधाओं, आधुनिक खेल विज्ञान और सरकार व खेल संस्थाओं के सहयोग का भी परिणाम है। पिछले कुछ वर्षों में पैरा खिलाड़ियों ने पैरालंपिक, विश्व चैंपियनशिप और अन्य अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में लगातार उत्कृष्ट प्रदर्शन किया है, जिससे भारत की पहचान वैश्विक स्तर पर और मजबूत हुई है।

भारतीय पैरा खिलाड़ियों की यह उपलब्धि लाखों दिव्यांग युवाओं के लिए प्रेरणा का स्रोत है। यह सफलता इस बात का संदेश देती है कि यदि प्रतिभा को उचित अवसर, संसाधन और प्रोत्साहन मिले तो कोई भी चुनौती सफलता के मार्ग में बाधा नहीं बन सकती। खेल जगत को उम्मीद है कि आने वाले पैरालंपिक और अन्य अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में भी भारतीय पैरा खिलाड़ी इसी तरह देश का गौरव बढ़ाते रहेंगे।

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Author: sshakti

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