Toggle Test

जी, सुना क्या ?? “मौका मिला… तो छा गए शुभदा के बच्चे!”

शुभदा के विशेष बच्चों ने अपनी प्रतिभा से लूटी वाहवाही, ‘एक मौका तो देके देख’ पर शानदार प्रस्तुति

 

अजमेर। मंच पर जब शुभदा संस्था के विशेष बच्चे उतरे और ‘एक मौका तो देके देख’ गीत पर अपनी प्रस्तुति दी, तो उनकी प्रतिभा, आत्मविश्वास और उत्साह ने दर्शकों का दिल जीत लिया। बच्चों की शानदार प्रस्तुति ने खूब वाहवाही बटोरी और यह संदेश दिया कि सही अवसर और प्रोत्साहन मिले तो विशेष बच्चे भी अपनी प्रतिभा से हर मंच पर अलग पहचान बना सकते हैं।

अभियंता दिवस के अवसर पर अजमेर अभियंता संस्थान की ओर से आयोजित वार्षिक कार्यक्रम ‘अभिव्यक्ति 2026’ में शहर के विभिन्न इंजीनियरिंग एवं पॉलिटेक्निक कॉलेजों के विद्यार्थियों ने नृत्य-नाटिकाओं के माध्यम से सामाजिक और सांस्कृतिक संदेश दिए। इसी आयोजन में शुभदा संस्था के विशेष बच्चों की प्रस्तुति आकर्षण का केंद्र रही।

‘एक मौका तो देके देख’—गीत बना विशेष बच्चों की प्रतिभा की आवाज

शुभदा के बच्चों ने ‘एक मौका तो देके देख’ गीत पर उत्साह और आत्मविश्वास से भरपूर नृत्य प्रस्तुत किया। प्रस्तुति का संदेश भी बेहद खास था—विशेष बच्चों को सहानुभूति से अधिक अवसर और प्रोत्साहन की आवश्यकता है। उन्हें एक मौका दीजिए, वे अपनी क्षमताओं और हुनर से स्वयं अपनी पहचान बनाने का सामर्थ्य रखते हैं।

मंच पर बच्चों का आत्मविश्वास, तालमेल और उत्साह देखकर उपस्थित लोगों ने तालियों के साथ उनका उत्साहवर्धन किया। यह प्रस्तुति केवल मनोरंजन तक सीमित नहीं रही, बल्कि समावेशन, समान अवसर और विशेष बच्चों की क्षमताओं पर विश्वास का प्रभावशाली संदेश भी दे गई।

कार्यक्रम में राजकीय महिला पॉलिटेक्निक कॉलेज सहित विभिन्न संस्थानों के विद्यार्थियों ने भी सामाजिक एवं सांस्कृतिक विषयों पर नृत्य-नाटिकाएं प्रस्तुत कीं।

कार्यक्रम के अवसर पर शुभदा संस्था के प्रतिनिधि ने श्री राजीव तोषनीवाल, श्रीमती प्रीति तोषनीवाल तथा अजमेर अभियंता संस्थान के समस्त सदस्यों का विशेष बच्चों को अपनी प्रतिभा प्रदर्शित करने के लिए मंच और अवसर प्रदान करने पर आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि ऐसे आयोजन विशेष बच्चों का आत्मविश्वास बढ़ाने के साथ-साथ समाज में उनकी प्रतिभा और क्षमताओं को सामने लाने का महत्वपूर्ण माध्यम बनते हैं।

शुभदा शक्ति का संदेश:
“एक मौका तो देके देख… प्रतिभा किसी दिव्यांगता की मोहताज नहीं होती।”

APOORV SEN
Author: APOORV SEN

Leave a Comment