अजमेर। भाजपा प्रदेश प्रवक्ता डॉ अरविंद शर्मा ने आनासागर एवं वरुण सागर झील की डी-सिल्टिंग प्रक्रिया को रोकने के उद्देश्य से दायर वाद को माननीय सिविल न्यायालय द्वारा प्रारंभिक स्तर पर ही खारिज किए जाने को सत्य और कानून की जीत बताया है।
BJP प्रदेश प्रवक्ता डॉ अरविंद शर्मा ने बताया कि न्यायालय ने स्पष्ट कर दिया है कि इस प्रकार के पर्यावरणीय मामलों की सुनवाई का अधिकार सिविल न्यायालय को नहीं, बल्कि राष्ट्रीय हरित अधिकरण (एनजीटी) को प्राप्त है। उन्होंने कहा कि यह निर्णय कांग्रेस के उन प्रयासों की पोल खोलता है, जिनके माध्यम से न्यायालय का सहारा लेकर विकास कार्यों को बाधित करने और जनता के बीच भ्रम फैलाने का प्रयास किया गया। कांग्रेस नेताओं द्वारा डी-सिल्टिंग जैसे जनहित एवं पर्यावरण संरक्षण से जुड़े कार्य को राजनीतिक रंग देकर रोकने का प्रयास दुर्भाग्यपूर्ण है। भाजपा प्रदेश प्रवक्ता को डॉ अरविंद शर्मा के अनुसार राज्य सरकार का उद्देश्य आनासागर एवं वरुण सागर झीलों की जलधारण क्षमता बढ़ाना, वर्षों से जमा गाद को हटाना, बाढ़ जैसी परिस्थितियों की संभावना को कम करना तथा झीलों के संरक्षण एवं पर्यावरणीय संतुलन को बनाए रखना है। यह कार्य पूरी तरह जनहित एवं पर्यावरण संरक्षण की भावना से किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि न्यायालय के समक्ष राज्य सरकार की ओर से यह भी स्पष्ट किया गया कि मामला पर्यावरण संरक्षण और वेटलैंड से संबंधित है, जिसका क्षेत्राधिकार एनजीटी के पास है। न्यायालय ने सरकार की इस आपत्ति को स्वीकार करते हुए वाद को खारिज कर दिया। इससे यह भी स्पष्ट हो गया कि कांग्रेस नेताओं द्वारा अपनाया गया कानूनी रास्ता विधिसम्मत नहीं था। यह भी विचारणीय है कि जिस मुद्दे को लेकर कांग्रेस ने आंदोलन किया, जनता को गुमराह किया और अजमेर बंद का आह्वान किया, वह न्यायालय में टिक नहीं पाया। बंद के कारण व्यापारियों, विद्यार्थियों, कर्मचारियों, मरीजों और आम नागरिकों को भारी असुविधा का सामना करना पड़ा। ऐसे में कांग्रेस को नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए जनता से माफी मांगनी चाहिए और यह स्पष्ट करना चाहिए कि उसने किस आधार पर लोगों को भ्रमित करने का प्रयास किया। डॉ शर्मा ने बताया कि भारतीय जनता पार्टी का स्पष्ट मानना है कि विकास कार्यों में अनावश्यक बाधाएं उत्पन्न करना और न्यायिक प्रक्रिया का राजनीतिक उद्देश्यों के लिए उपयोग करना लोकतांत्रिक मूल्यों के अनुरूप नहीं है। भाजपा राज्य सरकार के साथ मिलकर अजमेर की ऐतिहासिक झीलों के संरक्षण, पर्यावरण संवर्धन तथा जनहित के कार्यों को पूरी पारदर्शिता और कानून के दायरे में आगे बढ़ाने के लिए प्रतिबद्ध है।






