अजमेर। संसद में पेमेंट एंड सेटलमेंट सिस्टम्स एक्ट में संशोधन वाले विधेयक के संसद में पेश होने के बाद यूपीआई ट्रांजैक्शन पर लगने वाले चार्ज को लेकर काफी चर्चा हो रही है। इस विधेयक से यूपीआई से होने वाले लेनदेन पर मर्चेंट डिस्काउंट रेट (MDR) लग सकते हैं। मामले में अब सरकार ने भी काफी चीजें स्पष्ट की हैं।
विभिन्न रिपोर्ट के अनुसार सरकार ने कहा है कि mdr जब भी लगाया जायेगा, UPI यूजर्स पर कोई चार्ज नहीं लगेगा। रोजमर्रा के Transaction- के लिए के लिए यह फ्री बना रहेगा। सरकार ने कहा कि मर्चेंट्स यानी कारोबारियों के लिए भी अधिकांश ट्रांजैक्शंस पर कोई चार्ज नहीं लगेगा। कुछ मामलों में MDR लगा भी तो इसका रेट डेबिट या क्रेडिट कार्ड पर लगने वाले MDR से काफी कम रहेगा। सरकार ने कहा कि अभी बिल संसद में है। वहां से पास होने के बाद नेशनल पेमेंट्स काउंसिल ऑफ इंडिया (NPCI) की अध्यक्षता वाली कमेटी ही तय करेगी कि कोई MDR लगाया जाना है या नहीं।
यूजर्स पर कोई चार्ज नहीं
वित्त मंत्रालय ने एक बयान में कहा कि सरकार यह स्पष्ट रूप से बताना चाहती है कि यूजर्स के लिए कोई चार्ज नहीं होग। पेमेंट करने वाले उपभोक्ताओं पर कोई ट्रांजैक्शन चार्ज नहीं लगेगा। सभी पर्सन टु पर्सन ट्रांजैक्शन भी बिना किसी चार्ज के होते रहेंगे। मर्चेंट्स के बारे में मंत्रालय ने कहा कि एमडीआर चार्जेज जब भी लागू होंगे, ये कुछ ही मर्चेट ट्रांजैक्शंस पर लगेंगे।
लोकसभा पास कर चुकी है बिल
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने पिछले हफ्ते लोकसभा में टैक्सेशन एंड अदर लॉज (अमेंडमेंट) बिल 2026 पेश किया था, जिसे लोकसभा पास कर चुकी है। यह बिल सरकार को यूपीआई और रूपे कार्ड से होने वाले ट्रांजैक्शंस पर जीरो एमडीआर की व्यवस्था में बदलाव करने का कानूनी आधार देता है। UPI और रूपे डेबिट कार्ड के जरिए पेमेंट के लिए यूजर्स से कोई चार्ज नहीं ले सकती हैं। मंत्रालय ने बयान में कहा कि इस बिल के संसद से पास होने के बाद यूपीआई और अन्य सेवाओं पर NPCI की अध्यक्षता वाली कमेटी तय करेगी कि कोई MDR लगेगा या नहीं।