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जी, सुना क्या?? कुत्ते ने काटा, कितने घंटे में लगवाए रेबीज़ वैक्सीन ।

कुत्ते ने काट लिया तो कितने घंटे के अंदर लगवाएं रेबीज वैक्सीन? जानिए सही समय और जरूरी सावधानियां

कुत्ते का छोटा-सा काटना या खरोंचना भी न करें नजरअंदाज, रेबीज के लक्षण आने का इंतजार पड़ सकता है भारी; जानिए काटने के तुरंत बाद क्या करना चाहिए

कुत्ते के काटने की घटना को कई लोग तब तक गंभीरता से नहीं लेते, जब तक घाव गहरा न हो या खून न निकले। लेकिन यह लापरवाही खतरनाक साबित हो सकती है। कुत्ते के काटने या खरोंचने से रेबीज संक्रमण का खतरा हो सकता है। सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि रेबीज के लक्षण दिखाई देने का इंतजार नहीं करना चाहिए। संभावित एक्सपोजर होने पर इलाज जितनी जल्दी शुरू किया जाए, उतना बेहतर है।

कितने घंटे के अंदर लगवानी चाहिए रेबीज वैक्सीन?

इसे लेकर लोगों के बीच सबसे ज्यादा भ्रम है कि कुत्ते के काटने के बाद रेबीज का टीका 24 घंटे, 48 घंटे या 72 घंटे के भीतर लगवाना जरूरी है। सही बात यह है कि वैक्सीन लगवाने के लिए किसी निश्चित घंटे तक इंतजार नहीं करना चाहिए।

विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) के अनुसार संदिग्ध रेबीज एक्सपोजर की स्थिति में Post-Exposure Prophylaxis यानी PEP बिना देरी के शुरू किया जाना चाहिए। यानी कुत्ते के काटने या जोखिम वाली खरोंच के बाद जितनी जल्दी संभव हो, स्वास्थ्य केंद्र पहुंचकर डॉक्टर से जांच करवानी चाहिए और आवश्यकता होने पर उसी दिन वैक्सीनेशन शुरू कर देना चाहिए।

अगर किसी कारण से कुछ घंटे या समय निकल भी गया है तो यह सोचकर इलाज छोड़ देना कि अब देर हो चुकी है, गंभीर गलती हो सकती है। डॉक्टर से तुरंत संपर्क करें।

सबसे पहला काम—15 मिनट तक धोएं घाव

कुत्ते के काटने के बाद वैक्सीन जितनी महत्वपूर्ण है, उतनी ही महत्वपूर्ण घाव की तत्काल सफाई भी है। WHO और भारत के National Rabies Control Programme के अनुसार घाव को साबुन और बहते पानी से कम से कम 15 मिनट तक अच्छी तरह धोना चाहिए। इसके बाद उपलब्ध होने पर उपयुक्त एंटीसेप्टिक का इस्तेमाल किया जा सकता है।

घाव पर मिर्च, हल्दी, मिट्टी, तेल, पौधों का रस, एसिड या अन्य घरेलू पदार्थ लगाने से बचें। इसके बजाय जल्द से जल्द स्वास्थ्य केंद्र जाएं।

सिर्फ काटना ही नहीं, खरोंच भी हो सकती है खतरनाक

WHO ने रेबीज एक्सपोजर को अलग-अलग श्रेणियों में बांटा है। जानवर को छूना या सही-सलामत त्वचा पर उसका चाटना Category-I माना जाता है, जिसमें आम तौर पर PEP की आवश्यकता नहीं होती। लेकिन बिना खून वाली मामूली खरोंच या त्वचा को कुतरना Category-II हो सकता है, जिसमें घाव की सफाई के साथ तत्काल वैक्सीनेशन की सलाह है।

त्वचा को पार करने वाला काटना या खरोंचना, अथवा टूटी हुई त्वचा या आंख-मुंह जैसी म्यूकस मेम्ब्रेन पर संक्रमित जानवर की लार पहुंचना Category-III एक्सपोजर हो सकता है। इसमें डॉक्टर वैक्सीन के साथ Rabies Immunoglobulin (RIG) या उपयुक्त मोनोक्लोनल एंटीबॉडी की सलाह दे सकते हैं।

RIG कब दिया जाता है?

भारत के National Rabies Control Programme के अनुसार जरूरत होने पर Rabies Immunoglobulin जितनी जल्दी संभव हो देना चाहिए, प्राथमिकता से एक्सपोजर के 24 घंटे के भीतर। यदि तुरंत उपलब्ध न हो तो इसे पहली रेबीज वैक्सीन लगने के सात दिन बाद तक दिया जा सकता है।

रेबीज में देरी क्यों है खतरनाक?

रेबीज वायरस केंद्रीय तंत्रिका तंत्र को प्रभावित करता है। WHO के अनुसार क्लिनिकल लक्षण विकसित होने के बाद रेबीज लगभग हमेशा जानलेवा होता है, लेकिन समय पर और सही तरीके से PEP लेकर इसे रोका जा सकता है।

शुभदा शक्ति की जनहित अपील: कुत्ते या अन्य संभावित रेबीज संक्रमित जानवर के काटने अथवा खरोंचने को मामूली न समझें। घाव को तुरंत कम से कम 15 मिनट साबुन-पानी से धोएं और नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र पहुंचें। वैक्सीन और RIG की जरूरत का फैसला प्रशिक्षित डॉक्टर से करवाएं। रेबीज में सबसे सुरक्षित मंत्र है—इंतजार नहीं, तुरंत उपचार।

डिस्क्लेमर: यह खबर स्वास्थ्य जागरूकता के उद्देश्य से है। इसे चिकित्सकीय परामर्श का विकल्प न मानें।

APOORV SEN
Author: APOORV SEN

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