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2025 की दूसरी तिमाही में सोने की वैश्विक मांग में 3% की वृद्धि, आभूषणों की मांग में गिरावट: वर्ल्ड गोल्ड काउंसिल

 

 

 

 

नई दिल्ली: 2025 की दूसरी तिमाही में वैश्विक स्तर पर सोने की मांग में 3% की वृद्धि दर्ज की गई है, जो कुल मिलाकर 1,249 टन तक पहुंच गई। यह वृद्धि तब देखने को मिली जब सोने की कीमतें ऊंचे स्तर पर बनी रहीं। वर्ल्ड गोल्ड काउंसिल (WGC) की नवीनतम रिपोर्ट के अनुसार, वैश्विक बाजारों में जारी भू-राजनीतिक अनिश्चितताओं, अमेरिकी नीतिगत बदलावों और व्यापारिक तनाव के बावजूद सोने में निवेशकों की रुचि बनी रही।

 

WGC के वरिष्ठ विश्लेषक लुईस स्ट्रीट ने बताया कि वर्ष की शुरुआत में विभिन्न आर्थिक और राजनीतिक घटनाओं ने बाजारों में अस्थिरता पैदा की। “डॉलर के मुकाबले सोने की कीमतों में वर्ष की पहली छमाही में 26% तक की बढ़त दर्ज की गई, जो कई अन्य प्रमुख परिसंपत्ति वर्गों से अधिक रही। इतनी मजबूत शुरुआत के बाद यह संभव है कि 2025 की दूसरी छमाही में सोना सीमित दायरे में कारोबार करे,” स्ट्रीट ने कहा।

 

गोल्ड ईटीएफ और निवेश प्रवाह में तेजी

गोल्ड एक्सचेंज ट्रेडेड फंड्स (Gold ETFs) ने तिमाही के दौरान 170 टन की मजबूत शुद्ध प्रवाह के साथ सोने की मांग को प्रमुख रूप से बढ़ावा दिया। 2024 की दूसरी तिमाही में मामूली बिकवाली के बाद, 2025 की पहली छमाही में कुल गोल्ड ईटीएफ की मांग बढ़कर 397 टन हो गई, जो 2020 के बाद का उच्चतम स्तर है।

 

बार और सिक्कों में निवेश भी बढ़ा है — इसमें साल-दर-साल 11% की वृद्धि हुई और यह 307 टन तक पहुंच गया। चीन में 44% की उल्लेखनीय वृद्धि के साथ निवेश 115 टन पर पहुंचा, जबकि भारत में निवेशकों ने अपनी होल्डिंग बढ़ाकर 46 टन कर दी।

 

आभूषणों की मांग में गिरावट

हालांकि, दूसरी ओर आभूषणों की मांग में गिरावट जारी रही। इस श्रेणी में खपत 14% घटकर कोविड-19 महामारी के दौरान देखे गए न्यूनतम स्तर के करीब आ गई है। ऊंची कीमतों और उपभोक्ता व्यवहार में बदलाव को इस गिरावट का प्रमुख कारण माना जा रहा है।

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Author: sshakti

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