
नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) के ताज़ा आंकड़ों के अनुसार, जून 2025 तक देश के अधिकांश राज्यों में महिलाओं की शेयर बाजार में भागीदारी लगातार बढ़ रही है। हालांकि, युवा निवेशकों की संख्या में गिरावट देखने को मिल रही है।
महाराष्ट्र में महिलाओं की भागीदारी सबसे अधिक
रिपोर्ट के मुताबिक, निवेशक पंजीकरण के मामले में महाराष्ट्र शीर्ष पर है। यहां महिलाओं की भागीदारी जून 2025 तक बढ़कर 28.4% हो गई है, जो वित्त वर्ष 2023 में 25.6% थी। यानी राज्य में महिलाओं की निवेश के प्रति रुचि में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है।
गुजरात दूसरे स्थान पर, उत्तर प्रदेश में अभी भी कमी
महिला निवेशकों की हिस्सेदारी के मामले में गुजरात दूसरे स्थान पर है, जहां यह आंकड़ा जून 2025 तक बढ़कर 27.8% पहुंच गया है (FY23 में यह 26.6% था)। वहीं उत्तर प्रदेश, जो देश का दूसरा सबसे बड़ा निवेशक आधार रखता है, लैंगिक संतुलन के मामले में अब भी पिछड़ा हुआ है। यहां महिलाओं की हिस्सेदारी 18.7% है, जो कि राष्ट्रीय औसत 24.5% से काफी कम है। हालांकि FY23 में यह केवल 16.9% थी, यानी स्थिति में थोड़ा सुधार जरूर हुआ है।
राष्ट्रीय औसत से आगे निकलते राज्य
देशभर में अब 50% से अधिक राज्यों में महिला निवेशकों की भागीदारी राष्ट्रीय औसत से अधिक हो चुकी है। जबकि वित्त वर्ष 2023 में यह आंकड़ा सिर्फ 44% राज्यों तक सीमित था। यह दर्शाता है कि महिलाएं अब वित्तीय निवेश के क्षेत्र में पहले से अधिक सक्रिय हो रही हैं और बाजार में उनकी उपस्थिति निरंतर मजबूत हो रही है।