
वॉशिंगटन/ओटावा – अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कनाडा से आने वाले सामानों पर 35 प्रतिशत टैरिफ लगाने का ऐलान किया है। यह फैसला उन्होंने कनाडा से होने वाली अवैध ड्रग तस्करी को रोकने में “संतोषजनक सहयोग” न मिलने के चलते लिया है।
व्हाइट हाउस की ओर से गुरुवार देर रात जारी बयान में कहा गया कि यह टैरिफ 7 अगस्त से प्रभावी होंगे। इससे पहले कनाडा पर 25 प्रतिशत टैरिफ लगाया गया था, जिसे अब बढ़ाकर 35 प्रतिशत कर दिया गया है।
ट्रंप ने दिया था अल्टीमेटम
ट्रंप ने पहले ही चेतावनी दी थी कि अगर शुक्रवार तक कोई समाधान नहीं निकला, तो वह और कड़े कदम उठाएंगे। टैरिफ की नई सूची में पहले कनाडा का नाम नहीं था, लेकिन अब इसे भी शामिल कर लिया गया है। ट्रंप प्रशासन का कहना है कि कनाडा, अवैध ड्रग्स की तस्करी रोकने के लिए जरूरी कदम उठाने में विफल रहा है।
ट्रंप का कड़ा रुख
ट्रंप लंबे समय से व्यापार समझौतों को लेकर अपने सख्त रुख के लिए जाने जाते हैं। उन्होंने कहा, “कुछ देशों ने अमेरिका के साथ व्यापार और सुरक्षा समझौते करने पर सहमति जताई है, लेकिन कई साझेदार अभी भी ऐसी शर्तें रख रहे हैं जो अमेरिका के हितों से मेल नहीं खातीं।”
ट्रंप ने यह भी कहा कि कई देशों के साथ बातचीत के बावजूद, वे अमेरिका की राष्ट्रीय और आर्थिक सुरक्षा के मुद्दों पर समुचित सहयोग नहीं कर रहे हैं।
कनाडा ने दी प्रतिक्रिया
कनाडा के प्रधानमंत्री मार्क कार्नी ने ट्रंप के फैसले पर निराशा जाहिर की है। उन्होंने कहा कि उनकी सरकार कनाडा के निर्यात में विविधता लाने और घरेलू उद्योगों की रक्षा के लिए काम करेगी। कार्नी ने कहा कि, “कनाडा, अमेरिका के फेंटेनाइल आयात का केवल 1% हिस्सा है और हम इसे और कम करने के लिए लगातार प्रयास कर रहे हैं।”
कार्नी ने यह भी स्पष्ट किया कि ओटावा तभी कोई व्यापार समझौता करेगा, जब वह कनाडा के नागरिकों के हित में होगा।
फलस्तीन को मान्यता पर भी असहमति
ट्रंप ने कनाडा की उस नीति पर भी नाराजगी जताई है, जिसमें उसने फलस्तीन को एक स्वतंत्र राष्ट्र के रूप में मान्यता दी है। ट्रंप ने कहा कि इस कदम के बाद अमेरिका और कनाडा के बीच व्यापार समझौते करना और मुश्किल हो जाएगा।