
मानसून सीजन में कमजोर और जर्जर इमारतों के गिरने से होने वाले संभावित हादसों को रोकने के लिए जयपुर हैरिटेज क्षेत्र में अभियान चलाया जा रहा है। इस अभियान के तहत अब तक 126 जर्जर भवनों की पहचान की जा चुकी है, जिनके मालिकों को मरम्मत कराने के लिए नोटिस जारी किए गए हैं।
राजधानी जयपुर के परकोटा क्षेत्र में कई पुरानी और कमजोर इमारतें मौजूद हैं, जो बरसात में खतरा बन सकती हैं। इसी के मद्देनज़र स्थानीय प्रशासन ने सतर्कता बरतते हुए इन भवनों की पहचान कर उनके मालिकों को नोटिस देने की प्रक्रिया तेज कर दी है।
गौरतलब है कि हाल ही में झालावाड़ में एक स्कूल भवन की छत गिरने से हुई बच्चों की मौत के बाद सरकार ने सभी जिलों में एहतियातन कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। स्थानीय निकाय विभाग ने सभी शहरी निकायों को निर्देश दिए हैं कि वे अपने-अपने क्षेत्रों में जर्जर भवनों को चिन्हित करें, उन्हें सील करें और आवश्यकता होने पर गिराने की प्रक्रिया अपनाएं।
राज्यभर में अब तक 2,000 से अधिक जर्जर इमारतों को चिन्हित कर सील किया जा चुका है और उन्हें ढहाने की प्रक्रिया जारी है। यह अभियान मानसून के दौरान जनसुरक्षा सुनिश्चित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।