झालावाड़ में स्कूल हाद- भाई-बहन का अंतिम संस्कार एक ही अर्थी पर किया

झालावाड़ में स्कूल हादसे के दूसरे दिन भी किसी ने नहीं किया भोजन, पूरे गांव में शोक का माहौल

राजस्थान के झालावाड़ में सरकारी स्कूल की छत गिरने से शुक्रवार को सात बच्चों की मौत के बाद से पूरे गांव में शोक का माहौल है। ग्रामीणों की आंखों से अनवरत अश्रुधाराएं बह रही हैं किसी ने भी हादसे के बाद से भोजन नहीं किया है। शनिवार को बच्चों का अंतिम संस्कार किया गया जिसमें दो भाई-बहन कान्हा और मीना का अंतिम संस्कार एक ही अर्थी पर किया गया।

भाई-बहन का अंतिम संस्कार एक ही अर्थी पर किया

ग्रामीणों की आंखों से अनवरत अश्रुधाराएं बह रही हैं, किसी ने भी हादसे के बाद से भोजन नहीं किया है। शनिवार को बच्चों का अंतिम संस्कार किया गया, जिसमें दो भाई-बहन कान्हा और मीना का अंतिम संस्कार एक ही अर्थी पर किया गया। शिक्षामंत्री मदन दिलावर सहित कई अधिकारी पिपलोदी गांव में ही मौजूद रहे।

सरकार देगी मृतक बच्चों के स्वजनों को दस-दस लाख की मदद और संविदा पर नौकरी

सरकार ने मृतक बच्चों के परिवारों को 10-10 लाख रुपये की आर्थिक सहायता और संविदा पर नौकरी देने की घोषणा की है। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने उच्च स्तरीय समिति गठित कर पांच दिन में हादसे की रिपोर्ट मांगी है।

शिक्षा विभाग ने हादसे के बाद 10 लोगों को निलंबित किया

पिपलोदी गांव के सरकारी स्कूल में हुए दर्दनाक हादसे के बाद अब शिक्षा विभाग ने बड़ी कार्रवाई की है. हादसे की जांच रिपोर्ट सामने आने के बाद कई अधिकारियों को जिम्मेदार ठहराया गया है और तुरंत प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है. इस हादसे में 7 बच्चों की मौत हो गई थी.
झालावाड़ स्कूल हादसे में 6 लोगों पर कार्रवाई

किन अधिकारियों पर हुई कार्रवाई?

जिला शिक्षा अधिकारी (प्रारंभिक) नरसो मीणा,
मुख्य ब्लॉक शिक्षा अधिकारी प्रमोद कुमार बालासोरिया,
पूर्व मुख्य ब्लॉक शिक्षा अधिकारी चंद्रशेखर लुहार,
मनोहरथाना पंचायत के प्रारंभिक शिक्षा अधिकारी
मनपसर प्रभुलाल कारपेंटर, समग्र शिक्षा के सहायक अभियंता (झालावाड़) और तत्कालीन प्रारंभिक पंचायत शिक्षा अधिकारी राधेश्याम मीणा इन सभी को जांच विचाराधीन रखते हुए निलंबित किया गया है. इसके अलावा मनोहरथाना के संविदा कनिष्ठ अभियंता की सेवा समाप्त कर दी गई है.

पहले भी हुई थी कार्रवाई इस से पहले भी 5 कर्मचारियों को निलंबित किया जा चुका है. इस पूरे मामले में शिक्षा मंत्री मदन दिलावर के निर्देश पर शिक्षा सचिव कृष्ण कुणाल ने यह सख्त कदम उठाया है.

हादसे के बाद छात्र नेता नरेश अस्पताल के बाहर धरने पर बैठे

दरअसल, शुक्रवार को हादसे के बाद नरेश अस्पताल के बाहर धरने पर बैठ गए थे। उन्हें पुलिस ने हटाने का प्रयास किया तो समर्थकों ने धक्कामुक्की करने के साथ पुलिसकर्मियों पर कुछ पत्थर भी फेंके। इस पर पुलिसकर्मियों ने लाठीचार्ज कर नरेश को हिरासत में ले लिया था।

SHUBHDA SHAKTI
Author: SHUBHDA SHAKTI

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