जोरदार बारिश से 200 से ज्यादा बांध छलके, इस साल पिछला रिकॉर्ड टूटा

 

 

 

राजस्थान में मानसून एक बार फिर सक्रिय हो गया है। रविवार से प्रदेश के कई हिस्सों में भारी बारिश जारी है। पाली में हालात ऐसे बन गए हैं कि सड़कों पर नावें चल रही हैं। पूरे प्रदेश में 200 से अधिक बांध छलक चुके हैं और उन पर पानी की चादर बह रही है।

 

इस बार की बारिश ने पिछले साल के सभी रिकॉर्ड तोड़ दिए हैं। जहां पिछले साल मानसून ने देरी से दस्तक दी थी, वहीं इस बार मानसून करीब 10 दिन पहले आ गया और शुरुआती 15 दिनों में ही अधिकांश बांधों में भराव शुरू हो गया। मध्यप्रदेश के पास बने डीप डिप्रेशन का प्रभाव राजस्थान में देखने को मिल रहा है और बीते 48 घंटों से कई जिलों में मूसलधार बारिश हो रही है।

 

बांधों की स्थिति में बड़ा बदलाव

 

27 जुलाई 2024 तक प्रदेश के 691 छोटे बांधों में से सिर्फ 20 पूरी तरह भरे थे, लेकिन इस बार उसी तारीख तक यह संख्या 200 से अधिक हो चुकी है। कोटा, टोंक, धौलपुर, पाली और राजसमंद जैसे जिलों के बड़े बांधों में भी पिछले साल की तुलना में कहीं अधिक जलस्तर दर्ज किया गया है।

 

इतना ही नहीं, बीसलपुर बांध के इतिहास में पहली बार जुलाई महीने में उस पर पानी की चादर चली है। सोमवार को बांध के 6 गेट खोलकर 72,000 क्यूसेक से अधिक पानी छोड़ा गया। वहीं, कोटा में चंबल नदी खतरे के निशान पर बह रही है और उसका पानी निचले इलाकों में प्रवेश कर चुका है।

 

पाली जिले में भारी बारिश के कारण सड़कों पर इतना अधिक जलभराव हो गया कि वहां नावें चलानी पड़ रही हैं।

 

तुलनात्मक आंकड़े

 

पिछले साल की तुलना में इस बार प्रदेश के बड़े बांध कहीं अधिक भर चुके हैं। इस वर्ष 23 बड़े, 263 मध्यम और 407 छोटे बांध अपनी कुल भराव क्षमता के 72% से अधिक स्तर पर पहुंच गए हैं, जबकि पिछले साल यह आंकड़ा महज 37.56% था।

 

वर्षा के आंकड़े भी चौंकाने वाले हैं — 27 जुलाई 2024 तक राज्य में कुल 187.47 मिमी बारिश दर्ज की गई थी, जबकि इस साल इसी अवधि में 355.78 मिमी बारिश हो चुकी है, यानी करीब दोगुनी। हालांकि, पिछले वर्ष अगस्त में सबसे अधिक वर्षा हुई थी, ऐसे में आगे और भी भारी बारिश की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता।

SHUBHDA SHAKTI
Author: SHUBHDA SHAKTI

Leave a Comment

Toggle Dark Mode

Menu