वर्ल्ड कप जिताया, फिर टीम से ही बाहर! सूर्यकुमार यादव ने तोड़ी चुप्पी—‘सोचता रहा, आखिर ऐसा कैसे हो सकता है?’

नई दिल्ली। भारतीय क्रिकेट में कभी-कभी ऐसे फैसले सामने आते हैं, जो खिलाड़ियों के साथ-साथ प्रशंसकों को भी चौंका देते हैं। ऐसा ही कुछ भारत को टी20 विश्व कप 2026 का खिताब दिलाने वाले कप्तान सूर्यकुमार यादव के साथ हुआ। विश्व कप और एशिया कप जैसे बड़े खिताब जीतने के बावजूद उन्हें भारतीय टी20 टीम से बाहर कर दिया गया। अब सूर्यकुमार ने पहली बार उस दौर की अपनी निराशा और मन में उठे सवालों पर खुलकर बात की है।
सूर्यकुमार यादव ने पूर्व भारतीय क्रिकेटर आकाश चोपड़ा के साथ बातचीत में बताया कि टीम से बाहर होने के फैसले को उन्होंने शुरुआत में स्वीकार कर लिया था, लेकिन बाद में उनके मन में बार-बार यही सवाल उठता रहा कि जब टीम लगातार अच्छा प्रदर्शन कर रही थी तो बदलाव की जरूरत क्यों पड़ी।
‘हमने अभी वर्ल्ड कप जीता था…’
सूर्यकुमार के मुताबिक, उनके लिए यह फैसला समझना आसान नहीं था। उनकी कप्तानी में भारतीय टीम ने पिछले दो वर्षों में कोई टी20 सीरीज नहीं गंवाई और एशिया कप के साथ टी20 विश्व कप भी अपने नाम किया।
उन्होंने अपनी मनःस्थिति बताते हुए कहा कि वह यही सोचते रहे कि आखिर ऐसा कैसे हो सकता है, क्योंकि टीम ने अभी-अभी विश्व कप जीता था।
सूर्यकुमार ने स्वीकार किया कि वह फैसले से निराश थे। उनका मानना था कि जब टीम लगातार जीत रही थी तो स्वाभाविक रूप से वह उसी सिलसिले को आगे भी जारी रखना चाहते थे।
चयनकर्ताओं ने पहले ही कर दिया था फोन
सूर्यकुमार यादव ने एक और अहम खुलासा किया। उनके मुताबिक टीम की आधिकारिक घोषणा से करीब दो-तीन दिन पहले चयनकर्ताओं का फोन उनके पास आया था।
उन्हें बताया गया कि अब भारतीय टी20 टीम को आगे बढ़ाने का समय आ गया है और आगामी टीम में उनका चयन नहीं किया जाएगा।
सूर्यकुमार ने बताया कि उन्होंने उस समय इस फैसले पर कोई तीखी प्रतिक्रिया नहीं दी। उनका नजरिया था कि चयनकर्ताओं ने यदि टीम के भविष्य को देखते हुए कोई फैसला किया है, तो वह उनके अधिकार क्षेत्र का हिस्सा है।
डेढ़ महीने तक मन में घूमता रहा सवाल
टीम से बाहर होने के बाद का समय सूर्यकुमार के लिए आसान नहीं रहा। उन्होंने बताया कि करीब डेढ़ महीने तक वह घर पर रहे। परिवार और दोस्तों ने उन्हें समझाया कि खेल और जिंदगी में इस तरह के उतार-चढ़ाव आते रहते हैं।
लेकिन जब वह अकेले होते थे, तब उनके मन में फिर वही सवाल आने लगता था—जब टीम विश्व चैंपियन बनी है और लगातार अच्छा कर रही है, तो आखिर बदलाव क्यों?
अगले दो साल की तैयारी कर रहे थे सूर्यकुमार
सूर्यकुमार ने यह भी बताया कि विश्व कप के बाद उनकी नजर अगले दो वर्षों पर थी। वह भारतीय टीम को आगे ले जाने और आने वाले बड़े टूर्नामेंटों तथा ओलंपिक जैसी चुनौती के लिए तैयार करने के बारे में सोच रहे थे।
लेकिन चयनकर्ताओं की योजना अलग थी।
सूर्यकुमार की कप्तानी पर सवाल कम थे, लेकिन उनकी व्यक्तिगत बल्लेबाजी फॉर्म लंबे समय से चर्चा का विषय बनी हुई थी। 2025 में भारतीय टीम के लिए खेलते हुए उनके बल्ले से कोई अर्धशतक नहीं आया था। टी20 विश्व कप 2026 में भी उनकी बल्लेबाजी उनकी पुरानी प्रतिष्ठा के अनुरूप लगातार प्रभावी नहीं रही। आईपीएल 2026 का प्रदर्शन भी उम्मीदों के मुताबिक नहीं रहा।
मुख्य चयनकर्ता अजीत अगरकर ने जून में सूर्यकुमार को हटाने के फैसले पर कहा था कि विश्व कप जीतने के तुरंत बाद ऐसा निर्णय आसान नहीं था। चयनकर्ताओं ने उनकी पिछले दो वर्षों की बल्लेबाजी फॉर्म और अगले विश्व कप चक्र को ध्यान में रखते हुए आगे की योजना बनाई।
श्रेयस अय्यर को लेकर कोई नाराजगी नहीं
सूर्यकुमार यादव की जगह श्रेयस अय्यर को भारतीय टी20 टीम की कप्तानी सौंपी गई। हालांकि सूर्यकुमार ने श्रेयस को लेकर किसी तरह की नाराजगी नहीं दिखाई।
उन्होंने स्पष्ट किया कि वह श्रेयस को लंबे समय से जानते हैं और उनकी क्षमता पर भरोसा करते हैं। यानी सूर्यकुमार की निराशा किसी खिलाड़ी को कप्तान बनाए जाने से नहीं, बल्कि खुद को अचानक टीम की योजना से बाहर पाए जाने को लेकर थी।
क्या टीम इंडिया में फिर लौटेंगे SKY?
सूर्यकुमार यादव के लिए भारतीय टीम के दरवाजे पूरी तरह बंद मान लेना फिलहाल जल्दबाजी होगी। उन्होंने हाल ही में अपनी वापसी को लेकर संकेत दिया है कि वह लगातार मेहनत कर रहे हैं और अपने खेल पर पूरा ध्यान दे रहे हैं।
अब उनकी सबसे बड़ी चुनौती बल्ले से फिर वही पुराना ‘SKY’ वाला अंदाज दिखाने की होगी, जिसने कभी उन्हें दुनिया के सबसे खतरनाक टी20 बल्लेबाजों में शामिल किया था।
भारतीय क्रिकेट में प्रतिस्पर्धा बेहद कड़ी है, लेकिन सूर्यकुमार के अनुभव, टी20 रिकॉर्ड और विश्व कप विजेता कप्तान होने की उपलब्धि को देखते हुए उनकी वापसी की कहानी पर क्रिकेट प्रशंसकों की नजरें जरूर टिकी रहेंगी।
— शुभदा शक्ति स्पोर्ट्स डेस्क






