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जी , सुना क्या ?? लोन रिकवरी आर बी आई ने बदले नियम ।।

EMI नहीं चुका पाए तो भी बैंक नहीं कर सकता मनमानी: RBI ने बदले लोन रिकवरी के नियम, जानिए कर्जदार के 10 बड़े अधिकार

नई दिल्ली। लोन की EMI समय पर नहीं भर पाने का मतलब यह नहीं है कि बैंक या रिकवरी एजेंट आपके साथ मनमाना व्यवहार कर सकता है। भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने लोन रिकवरी और रिकवरी एजेंटों से जुड़े नियमों में बड़ा बदलाव किया है। नए नियम 1 जनवरी 2027 से लागू होंगे और बैंकों, NBFC, हाउसिंग फाइनेंस कंपनियों सहित RBI के दायरे में आने वाली विभिन्न वित्तीय संस्थाओं पर लागू होंगे।

RBI ने 6 अगस्त 2026 को इस संबंध में अंतिम दिशा-निर्देश जारी किए। इनका उद्देश्य कर्ज की वैध वसूली जारी रखते हुए कर्जदारों को धमकी, अपमान, अनावश्यक दबाव और उत्पीड़न से बचाना है।

 

EMI नहीं चुकाई तो क्या होगा?

 

सबसे पहले यह समझना जरूरी है कि RBI के नए नियम EMI माफ नहीं करते। यदि कोई व्यक्ति तय समय पर EMI नहीं चुकाता है, तो बैंक या वित्तीय संस्था लोन एग्रीमेंट और लागू कानूनों के तहत बकाया रकम की वसूली की प्रक्रिया शुरू कर सकती है। देरी से भुगतान पर लागू ब्याज/शुल्क लग सकते हैं और लगातार डिफॉल्ट का असर व्यक्ति की क्रेडिट हिस्ट्री पर भी पड़ सकता है।

लेकिन वसूली करते समय बैंक और उसके रिकवरी एजेंट को RBI द्वारा तय मर्यादाओं का पालन करना होगा।

 

1. रात-बेरात फोन नहीं कर सकेंगे

 

नए नियमों के तहत सामान्य तौर पर कर्जदार या गारंटर से रिकवरी के लिए संपर्क या मुलाकात सुबह 8 बजे से शाम 7 बजे के बीच ही की जा सकेगी। इस समय-सीमा के बाहर संपर्क तभी संभव होगा, जब संबंधित व्यक्ति ने स्वयं ऐसा अनुरोध या अनुमति दी हो।

 

2. धमकी और गाली-गलौज पर रोक

 

रिकवरी एजेंट कर्जदार से अभद्र, अपमानजनक, डराने या धमकाने वाली भाषा में बात नहीं कर सकता। कर्ज न चुकाने पर हिंसा की धमकी देना या व्यक्ति की प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंचाने की धमकी देना स्वीकार्य रिकवरी प्रक्रिया नहीं होगी।

 

3. रिश्तेदारों और दोस्तों को सार्वजनिक रूप से अपमानित नहीं कर सकते

 

रिकवरी के नाम पर कर्जदार के परिवार, रिश्तेदारों, दोस्तों या सहकर्मियों को परेशान या सार्वजनिक रूप से अपमानित करना प्रतिबंधित होगा। किसी कर्जदार को समाज में बदनाम करके भुगतान के लिए मजबूर करने जैसी रणनीतियों पर RBI ने स्पष्ट पाबंदियां लगाई हैं।

 

4. बार-बार कॉल और मैसेज से परेशान करना भी गलत

 

रिकवरी एजेंट अत्यधिक या लगातार कॉल और संदेश करके कर्जदार पर अनुचित दबाव नहीं बना सकते। खास तौर पर कर्जदार द्वारा जवाब दिए जाने के बाद उसी दिन बार-बार संपर्क करने पर भी रोक लगाई गई है।

 

5. पहली फिजिकल विजिट से पहले सूचना

 

नए फ्रेमवर्क के तहत रिकवरी एजेंट की पहली फिजिकल विजिट से पहले कर्जदार को सूचना देने की व्यवस्था की गई है। एजेंट को अपनी पहचान से जुड़े निर्धारित दस्तावेज भी साथ रखने होंगे।

इससे कोई अनजान व्यक्ति अचानक घर पहुंचकर खुद को बैंक का रिकवरी एजेंट बताकर दबाव नहीं बना सकेगा।

 

6. शादी, शोक या मेडिकल इमरजेंसी में संवेदनशीलता जरूरी

 

परिवार में मृत्यु, मेडिकल इमरजेंसी या शादी जैसे संवेदनशील अवसरों पर रिकवरी के लिए संपर्क करने से बचने के निर्देश दिए गए हैं। RBI का जोर इस बात पर है कि वसूली की प्रक्रिया में भी कर्जदार की गरिमा और परिस्थितियों का सम्मान किया जाए।

 

7. सोशल मीडिया पर बदनाम नहीं कर सकते

 

कर्जदार के फोटो, वीडियो, ऑडियो या निजी जानकारी को सार्वजनिक मंच या सोशल मीडिया पर डालकर उसे शर्मिंदा या भुगतान के लिए मजबूर नहीं किया जा सकता।

 

8. झूठ बोलकर नहीं डरा सकता रिकवरी एजेंट

 

रिकवरी एजेंट कर्ज या EMI नहीं चुकाने के परिणामों के बारे में झूठी या भ्रामक जानकारी देकर कर्जदार को नहीं डरा सकता। अनाम या धमकी भरे फोन कॉल भी प्रतिबंधित व्यवहार में शामिल हैं।

 

9. रिकवरी एजेंट की पहचान होगी महत्वपूर्ण

 

बैंकों और अन्य विनियमित वित्तीय संस्थाओं को रिकवरी एजेंसियों के चयन, प्रशिक्षण और निगरानी को लेकर अधिक जिम्मेदारी निभानी होगी। रिकवरी एजेंटों के लिए निर्धारित प्रशिक्षण और प्रमाणन संबंधी आवश्यकताओं को भी मजबूत किया गया है।

इसका मतलब साफ है—बैंक केवल यह कहकर अपनी जिम्मेदारी से नहीं बच सकता कि गलत व्यवहार किसी थर्ड-पार्टी रिकवरी एजेंट ने किया था।

 

10. लोन पर खरीदे मोबाइल को लॉक करने पर भी नियम

 

RBI ने टेक्नोलॉजी के जरिए लोन पर खरीदे गए मोबाइल फोन जैसे उपकरणों को दूर से प्रतिबंधित करने की प्रक्रिया को भी नियमों के दायरे में लाया है।

लोन किसी दूसरे उद्देश्य के लिए लिया गया हो तो उसके बकाए की वसूली के लिए आपके फोन को मनमाने तरीके से लॉक नहीं किया जा सकता। फाइनेंस किए गए डिवाइस के मामले में भी निर्धारित सुरक्षा उपाय और प्रक्रिया का पालन करना होगा।

गलत तरीके से डिवाइस पर प्रतिबंध लगाने या उसे दोबारा चालू करने में वित्तीय संस्था की गलती से देरी होने की स्थिति में नए नियम मुआवजे की व्यवस्था भी करते हैं।

 

क्या नए नियमों के बाद EMI नहीं देना सुरक्षित है?

 

बिल्कुल नहीं।

इन नियमों का अर्थ यह नहीं है कि कर्जदार EMI देना बंद कर सकता है। बैंक को कानूनी तरीके से अपना पैसा वसूलने का पूरा अधिकार रहेगा। लगातार EMI न देने पर क्रेडिट स्कोर/क्रेडिट हिस्ट्री प्रभावित हो सकती है और परिस्थितियों तथा लोन के प्रकार के अनुसार आगे की रिकवरी कार्रवाई भी हो सकती है।

बदलाव केवल इतना महत्वपूर्ण है कि कर्ज की वसूली के नाम पर कर्जदार की गरिमा और अधिकारों को कुचला नहीं जा सकता।

 

रिकवरी एजेंट परेशान करे तो क्या करें?

 

सबसे पहले बैंक या संबंधित वित्तीय संस्था के शिकायत निवारण अधिकारी के पास लिखित शिकायत दर्ज कराएं और कॉल रिकॉर्ड, मैसेज, ईमेल या अन्य उपलब्ध सबूत सुरक्षित रखें।

यदि शिकायत का समाधान निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार नहीं होता है, तो पात्र मामलों में RBI के Integrated Ombudsman Scheme, 2026 के तहत शिकायत की जा सकती है। RBI का CMS पोर्टल ऑनलाइन शिकायत दर्ज करने की सुविधा देता है।

 

1 जनवरी 2027 से लागू होंगे नए नियम

 

RBI ने इन संशोधित दिशा-निर्देशों को 6 अगस्त 2026 को जारी किया है और ये 1 जनवरी 2027 से प्रभावी होंगे। इसलिए वर्तमान में कर्जदारों को यह अंतर जरूर समझना चाहिए कि ये घोषित अंतिम नियम हैं, लेकिन इनकी प्रभावी तारीख 1 जनवरी 2027 है।

 

शुभदा शक्ति की सलाह

 

यदि आर्थिक परेशानी के कारण EMI भरने में समस्या आ रही है तो बैंक के कॉल से बचने या नंबर बदलने के बजाय जल्द से जल्द बैंक से संपर्क करें। अपनी आर्थिक स्थिति बताएं और उपलब्ध वैध विकल्पों के बारे में जानकारी लें।

साथ ही याद रखें—कर्ज चुकाना आपकी जिम्मेदारी है, लेकिन सम्मानजनक व्यवहार आपका अधिकार है।

स्रोत: भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) द्वारा 6 अगस्त 2026 को जारी लोन रिकवरी एवं रिकवरी एजेंट संबंधी संशोधित दिशा-निर्देश।

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Author: APOORV SEN

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