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जी,सुना क्या ?? आपकी रसोई में भी है Everest का मसाला? FSSAI की कार्रवाई से मचा हड़कंप, 4 प्रोडक्ट्स पर उठे सवाल!

आपकी रसोई में भी है Everest का मसाला? FSSAI की कार्रवाई के बाद मचा हड़कंप, जानिए किन उत्पादों पर उठे सवाल

नई दिल्ली। भारतीय रसोई में मसालों का इस्तेमाल केवल स्वाद के लिए नहीं, बल्कि रोजमर्रा के खान-पान का अहम हिस्सा है। ऐसे में अगर किसी बड़े और जाने-पहचाने मसाला ब्रांड के उत्पादों की गुणवत्ता पर खाद्य सुरक्षा नियामक सवाल उठाए, तो उपभोक्ताओं की चिंता स्वाभाविक है। Everest के कुछ उत्पादों को लेकर FSSAI की कार्रवाई की खबर सामने आने के बाद मामला चर्चा में है।

मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, भारतीय खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण (FSSAI) ने Everest से जुड़े चार उत्पादों को लेकर आपत्ति जताई है और कंपनी को नोटिस भेजा गया है। इनमें गुणवत्ता तथा निर्धारित खाद्य मानकों से जुड़े मुद्दे बताए जा रहे हैं।

आखिर क्यों हुई कार्रवाई?

खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता और उनकी पैकेजिंग पर दी गई जानकारी को लेकर देश में स्पष्ट नियम हैं। FSSAI समय-समय पर बाजार से खाद्य उत्पादों के नमूने लेकर उनकी जांच करता है। यदि कोई नमूना निर्धारित मानकों पर खरा नहीं उतरता या उसकी लेबलिंग में नियमों के अनुरूप जानकारी नहीं मिलती, तो संबंधित निर्माता या विक्रेता के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जा सकती है।

Everest के मामले में भी सामने आई रिपोर्ट ने उपभोक्ताओं का ध्यान इसी ओर खींचा है।

क्या Everest के सभी मसाले हो गए हैं बैन?

नहीं। सबसे जरूरी बात यही है कि उपभोक्ता ‘नोटिस’, ‘आपत्ति’ और ‘पूरे ब्रांड पर प्रतिबंध’ को एक ही बात न समझें।

किसी विशेष उत्पाद या बैच को लेकर नियामकीय कार्रवाई होने का अर्थ यह नहीं है कि कंपनी के बाजार में उपलब्ध हर मसाले को प्रतिबंधित कर दिया गया है। इसलिए सोशल मीडिया पर चलने वाले किसी भी दावे पर तुरंत विश्वास करने के बजाय FSSAI या संबंधित विभाग की आधिकारिक जानकारी देखना बेहतर है।

घर में Everest का पैकेट है तो क्या करें?

घबराने की जरूरत नहीं है। पैकेट पर उत्पाद का नाम, बैच नंबर, निर्माण और एक्सपायरी तारीख तथा FSSAI लाइसेंस संबंधी जानकारी जरूर देखें। यदि किसी खास बैच या उत्पाद को लेकर आधिकारिक तौर पर रिकॉल या बिक्री रोकने का आदेश जारी किया गया हो, तो उसी के अनुसार कदम उठाएं।

उपभोक्ताओं के लिए क्यों महत्वपूर्ण है यह मामला?

भारत में पैकेज्ड फूड का बाजार लगातार बढ़ रहा है और बड़ी संख्या में परिवार रोजाना ब्रांडेड मसालों का इस्तेमाल करते हैं। ऐसे में किसी प्रतिष्ठित ब्रांड के उत्पाद पर खाद्य सुरक्षा से जुड़ा सवाल उठना सिर्फ कंपनी तक सीमित मामला नहीं रहता, बल्कि यह उपभोक्ता सुरक्षा और भोजन की गुणवत्ता से भी जुड़ जाता है।

FSSAI जैसी संस्थाओं की जांच का उद्देश्य भी यही सुनिश्चित करना है कि बाजार में बिकने वाला भोजन निर्धारित सुरक्षा और गुणवत्ता मानकों के अनुरूप हो।

शुभदा शक्ति की सलाह

खाद्य सुरक्षा से जुड़ी खबरों में सनसनी से ज्यादा जरूरी सही जानकारी है। किसी ब्रांड या उसके सभी उत्पादों को असुरक्षित मानने से पहले आधिकारिक आदेश की पुष्टि करें। साथ ही पैकेज्ड खाद्य पदार्थ खरीदते समय FSSAI विवरण, सीलबंद पैकेज, एक्सपायरी डेट और बैच नंबर देखने की आदत जरूर डालें।

शुभदा शक्ति | जानकारी से जागरूकता, जागरूकता से अधिकार और अधिकार से सशक्तिकरण

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Author: APOORV SEN

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