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जी, सुना क्या?? नीब करोरी बाबा का परिवार: जानिए कौन-कौन हैं वंशज?”

‘हनुमान अंश’ के बाद चर्चा में नीब करोरी बाबा का परिवार: दो बेटे, एक बेटी; जानिए कहां रहते हैं बाबा के वंशज

शुभदा शक्ति डेस्क। देश-दुनिया में अपनी हनुमान भक्ति और आध्यात्मिक प्रभाव के लिए प्रसिद्ध नीब करोरी बाबा (नीम करौली बाबा) एक बार फिर चर्चा के केंद्र में हैं। उनके जीवन पर आधारित फिल्म ‘हनुमान अंश’ के बाद लोगों में बाबा के आध्यात्मिक जीवन के साथ-साथ उनके गृहस्थ जीवन और परिवार को लेकर भी उत्सुकता बढ़ी है। बाबा का वास्तविक नाम लक्ष्मी नारायण शर्मा बताया जाता है। उनका जन्म उत्तर प्रदेश के फिरोजाबाद जिले के अकबरपुर गांव में हुआ था।

11 साल की उम्र में विवाह, तीन संतानें

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक बाबा का विवाह बहुत कम उम्र में राम बेटी शर्मा से हुआ था। बताया जाता है कि उस समय उनकी उम्र करीब 11 वर्ष थी। अध्यात्म की ओर गहरा झुकाव होने के कारण उन्होंने युवावस्था में घर छोड़कर साधना का मार्ग अपनाया, लेकिन बाद में परिवार के आग्रह पर वे गृहस्थ जीवन में भी लौटे। बाबा और राम बेटी के दो बेटे और एक बेटी हुईं।

बड़े बेटे का नाम अनेक सिंह शर्मा, छोटे बेटे का नाम धर्म नारायण शर्मा और बेटी का नाम गिरजा भटेले बताया गया है। अनेक सिंह शर्मा का नवंबर 2021 में निधन हो गया था। वहीं धर्म नारायण शर्मा वन विभाग में रेंजर रहे और वृंदावन में रहते थे। उनका अप्रैल 2021 में निधन हुआ।

भोपाल में रहते हैं बाबा के पोते

बाबा के बड़े बेटे अनेक सिंह शर्मा के बेटे धनंजय शर्मा पेशे से डॉक्टर रहे और सरकारी सेवा से सेवानिवृत्त हो चुके हैं। रिपोर्ट्स के अनुसार वे वर्तमान में भोपाल में रहते हैं। बाबा की बेटी गिरजा भटेले आगरा में रहती हैं।

बाबा के छोटे बेटे धर्म नारायण शर्मा की छह बेटियां हैं—सुनीता शर्मा, अर्चना शर्मा, वंदना शर्मा, भावना रावत, ऋतु तिवारी और ऋचा रावत। एक हालिया रिपोर्ट के मुताबिक सुनीता वृंदावन, अर्चना और ऋतु दिल्ली, वंदना मथुरा, भावना मुंबई तथा ऋचा गुरुग्राम में रहती हैं। इस तरह बाबा के वंशज आज देश के अलग-अलग शहरों में बसे हुए हैं।

पैतृक घर को लेकर भी परिवार चर्चा में

बाबा का परिवार इन दिनों एक अन्य वजह से भी सुर्खियों में है। फिरोजाबाद के अकबरपुर स्थित बाबा के पैतृक मकान को लेकर परिवार और श्री ठाकुर हनुमानजी ट्रस्ट के बीच विवाद सामने आया है। धर्म नारायण शर्मा की छह बेटियों ने प्रशासन को शिकायत देकर मकान पर ट्रस्ट के कब्जे का आरोप लगाया है। दूसरी ओर प्रशासन ने संबंधित पक्षों के दस्तावेजों की जांच और बैठक के बाद आगे की कार्रवाई की बात कही है। ऐसे में आरोपों को अभी अंतिम रूप से स्थापित तथ्य नहीं माना जाना चाहिए।

नीब करोरी बाबा का निधन 11 सितंबर 1973 को वृंदावन में हुआ था, लेकिन दशकों बाद भी उनकी आध्यात्मिक विरासत और उनसे जुड़ी कहानियां लोगों को आकर्षित करती हैं। अब ‘हनुमान अंश’ के कारण बाबा के जीवन का अपेक्षाकृत कम चर्चित पहलू—उनका परिवार और अगली पीढ़ियां—भी लोगों की दिलचस्पी का विषय बन गया है।

APOORV SEN
Author: APOORV SEN

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