Goa Travel: बीच-नाइटलाइफ ही नहीं, किलों में भी बसता है गोवा का इतिहास; सितंबर में दोस्तों संग एक्सप्लोर करें ये 10 शानदार Forts
गोवा। गोवा का नाम आते ही आंखों के सामने समुद्र की लहरें, खूबसूरत बीच, रंगीन नाइटलाइफ और सीफूड की तस्वीर उभर आती है। लेकिन गोवा का एक दूसरा चेहरा भी है, जो सदियों पुराने किलों, युद्धों और समुद्री इतिहास से जुड़ा हुआ है। अरब सागर के किनारे और नदियों के मुहानों पर बने यहां के किले कभी सामरिक चौकियां हुआ करते थे। आज यही जगहें इतिहास के साथ शानदार समुद्री नजारों और फोटोग्राफी के लिए पर्यटकों को आकर्षित करती हैं।
अगर आप सितंबर में दोस्तों या परिवार के साथ गोवा घूमने की योजना बना रहे हैं तो केवल बीच तक अपनी यात्रा सीमित करने के बजाय इन 10 ऐतिहासिक किलों को भी अपनी ट्रैवल लिस्ट में शामिल कर सकते हैं।

1. चपोरा किला — ‘दिल चाहता है’ से मिली अलग पहचान
नॉर्थ गोवा का चपोरा फोर्ट पर्यटकों के बीच सबसे लोकप्रिय किलों में से एक है। पुर्तगालियों ने 1617 में यहां पुराने ढांचे के स्थान पर किले का निर्माण किया था। पहाड़ी पर मौजूद किले से वागाटोर और आसपास के समुद्री क्षेत्र का शानदार नजारा दिखाई देता है। साल 2001 की फिल्म दिल चाहता है की शूटिंग ने इसे युवाओं के बीच और लोकप्रिय बना दिया।
2. अगुआड़ा किला — 400 साल से समुद्र की निगरानी करता प्रहरी
फोर्ट अगुआड़ा गोवा के सबसे महत्वपूर्ण ऐतिहासिक स्थलों में गिना जाता है। इसका निर्माण पुर्तगालियों ने 1609 से 1612 के बीच मांडवी नदी में प्रवेश की निगरानी और पुराने गोवा की सुरक्षा के उद्देश्य से किया था। यहां मौजूद जलस्रोत जहाजों के लिए पानी उपलब्ध कराता था और इसी से इसका नाम ‘Aguada’ पड़ा। यहां का लाइटहाउस और अरब सागर का दृश्य इसकी खूबसूरती को और बढ़ाता है।
3. कोरजुएम किला — भीड़ से दूर सुकून
कोरजुएम फोर्ट उन यात्रियों के लिए खास है जो गोवा में भीड़भाड़ से हटकर कोई शांत ऐतिहासिक जगह देखना चाहते हैं। हरियाली से घिरा यह छोटा किला इतिहास और प्रकृति को एक साथ महसूस करने का अवसर देता है। फोटोग्राफी पसंद करने वालों के लिए भी यह दिलचस्प जगह हो सकती है।
4. काबो डी रामा — समुद्र के ऊपर इतिहास की कहानी
साउथ गोवा का काबो डी रामा फोर्ट बेहद खूबसूरत लोकेशन पर स्थित है। यह किला पुर्तगालियों के आगमन से भी पहले का माना जाता है और आज इसका बड़ा हिस्सा खंडहर के रूप में मौजूद है। समुद्र के विशाल विस्तार के बीच इसके पुराने अवशेष एक अलग अनुभव देते हैं।
5. राचोल फोर्ट गेट — किला मिटा, निशानी आज भी मौजूद
राचोल किले का अधिकांश हिस्सा अब नहीं बचा है, लेकिन इसका पुराना प्रवेश द्वार आज भी अतीत की कहानी सुनाता है। आसपास के हरे-भरे खेत और अपेक्षाकृत शांत माहौल इसे गोवा की मुख्य टूरिस्ट भीड़ से अलग अनुभव बनाते हैं।
6. अलोर्ना किला — ऑफबीट गोवा का शानदार ठिकाना
नॉर्थ गोवा के पेरनेम क्षेत्र में स्थित अलोर्ना फोर्ट को 17वीं शताब्दी में सावंतवाड़ी के भोंसले शासकों से जोड़ा जाता है। इतिहास में रुचि रखने वाले पर्यटकों के साथ-साथ हरियाली और शांत जगहों की तलाश करने वालों के लिए यह एक ऑफबीट विकल्प है।
7. बेतुल किला — नदी और अरब सागर का संगम
साउथ गोवा का बेतुल फोर्ट साल नदी और अरब सागर के संगम के पास स्थित है। लोकप्रिय विवरणों के अनुसार इसका निर्माण 1679 में छत्रपति शिवाजी महाराज के आदेश पर कराया गया था। मुख्य पर्यटन स्थलों की तुलना में यहां अपेक्षाकृत कम भीड़ देखने को मिल सकती है।
8. तेरेखोल किला — नदी और समुद्र दोनों का नजारा
गोवा के उत्तरी छोर पर स्थित तेरेखोल (Tiracol) Fort ऊंचाई पर होने के कारण शानदार नजारा देता है। यह किला पहले स्थानीय हिंदू शासकों के अधीन था और बाद में पुर्तगालियों ने इसे अपने नियंत्रण में लिया। किले के भीतर एक चर्च भी है और इसके कुछ हिस्सों का उपयोग हेरिटेज होटल के रूप में किया गया है।
9. कोलवाले/तिविम किला — खंडहरों में छिपा इतिहास
कोलवाले फोर्ट, जिसे तिविम किले से भी जोड़ा जाता है, आज मुख्यतः खंडहर के रूप में मौजूद है। 1635 में बने इस ऐतिहासिक स्थल के अवशेष और आसपास का शांत वातावरण ऑफबीट ट्रैवल और इतिहास में रुचि रखने वालों के लिए आकर्षण हो सकता है।
10. नानूज किला — गोवा का कम चर्चित इतिहास
नानूज फोर्ट गोवा के उन ऐतिहासिक स्थानों में है जिनके बारे में आम पर्यटकों को अपेक्षाकृत कम जानकारी होती है। इसके अवशेष और आसपास फैली हरियाली उन यात्रियों के लिए दिलचस्प हो सकती है जो लोकप्रिय बीच और टूरिस्ट स्पॉट से अलग गोवा को जानना चाहते हैं।
क्यों खास है गोवा का ‘Fort Circuit’?
गोवा के किले केवल फोटो खिंचवाने की जगह नहीं हैं। राज्य की भौगोलिक स्थिति और समुद्री व्यापार के कारण कई किलों को नदियों के मुहानों और समुद्र के करीब सामरिक स्थानों पर बनाया गया था। पुर्तगालियों ने भी अपने क्षेत्रों की सुरक्षा के लिए कई पुराने किलों को अपने नियंत्रण में लिया और नई किलेबंदी की। आज इनके अवशेष गोवा के सैन्य, राजनीतिक और समुद्री इतिहास की झलक देते हैं।
यात्रा से पहले इन बातों का रखें ध्यान
सितंबर में बारिश की संभावना के कारण किलों के पत्थर, सीढ़ियां और पहाड़ी रास्ते फिसलन भरे हो सकते हैं। आरामदायक और अच्छी ग्रिप वाले जूते पहनें, पानी साथ रखें और समुद्र से सटी चट्टानों या किले की असुरक्षित दीवारों पर फोटो लेने के लिए जोखिम न उठाएं। किसी भी किले के लिए निकलने से पहले स्थानीय मौसम, प्रवेश का समय और रास्ते की स्थिति की ताजा जानकारी जरूर जांच लें।
शुभदा शक्ति ट्रैवल टिप: बुजुर्गों और व्हीलचेयर उपयोगकर्ताओं सहित दिव्यांग पर्यटकों के लिए सभी पुराने किले समान रूप से सुगम नहीं हो सकते। कई जगह ऊंची चढ़ाई, असमतल रास्ते और सीढ़ियां मिल सकती हैं। इसलिए यात्रा से पहले संबंधित स्थल की मौजूदा accessibility और सहायता सुविधाओं की जानकारी लेना बेहतर रहेगा।






