नई दिल्ली: सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार और 11 राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों को 4 सप्ताह के भीतर दिव्यांगजनों से जुड़े वैधानिक पदों पर नियुक्तियां पूरी करने का निर्देश दिया है। अदालत ने स्पष्ट किया कि समयसीमा का पालन न होने पर इसे गंभीरता से लिया जाएगा।
जस्टिस जे.बी. पारदीवाला और जस्टिस के.वी. विश्वनाथन की पीठ ने यह आदेश दिव्यांग अधिकार कार्यकर्ता राजीव रतूरी की याचिका पर सुनवाई के दौरान दिया। कोर्ट ने केंद्र सरकार को स्थायी मुख्य आयुक्त (Chief Commissioner for Persons with Disabilities) और दो आयुक्तों की नियुक्ति करने का भी निर्देश दिया।

साथ ही, अदालत ने केंद्र से कहा कि नए अनिवार्य Accessibility Standards को अंतिम रूप देने से पहले विशेषज्ञों और हितधारकों के सभी सुझावों पर गंभीरता से विचार किया जाए, ताकि दिव्यांगजनों के लिए सार्वजनिक भवन, परिवहन, डिजिटल सेवाएं और अन्य सुविधाएं वास्तव में सुलभ बन सकें।
मामले की अगली सुनवाई जनवरी में होगी, जिसमें केंद्र और राज्य सरकारों से अनुपालन रिपोर्ट मांगी जाएगी।








