
चेन्नई: तमिलनाडु सरकार ने वित्त वर्ष 2026-27 के बजट में दिव्यांगजनों के कल्याण के लिए ₹1,485 करोड़ का प्रावधान किया है। बुधवार को विधानसभा में वित्त मंत्री **** द्वारा प्रस्तुत बजट में आधुनिक AI (Artificial Intelligence) आधारित सहायक उपकरणों को बढ़ावा देने और बौद्धिक दिव्यांगता वाले बच्चों के लिए नए संस्थानों की स्थापना जैसी महत्वपूर्ण घोषणाएँ की गईं।
सरकार ने घोषणा की है कि आधुनिक AI आधारित सहायक उपकरणों की खरीद पर उपकरण की लागत का 50% तक वित्तीय सहयोग, अधिकतम ₹30,000 तक प्रदान किया जाएगा। इस योजना के तहत स्पोर्ट्स प्रोस्थेटिक पैर, मायोइलेक्ट्रिक सिग्नल से संचालित कृत्रिम ऊपरी अंग, अन्य उन्नत सहायक उपकरण तथा कॉक्लियर इम्प्लांट बैटरियां शामिल हैं। इस पहल का उद्देश्य दिव्यांगजनों को अधिक स्वतंत्र, सक्षम और तकनीक-सक्षम जीवन उपलब्ध कराना है।

बजट में ‘नंबिक्कई इल्लम’ (Nambikkai Illam) नाम से नए सरकारी संस्थान स्थापित करने की भी घोषणा की गई है। पहले चरण में ये संस्थान तंजावुर, तिरुवन्नामलाई, सलेम, कडलूर और विरुधुनगर जिलों में शुरू किए जाएंगे।
इन संस्थानों में तीन वर्ष और उससे अधिक आयु के बौद्धिक दिव्यांगता वाले बच्चों के लिए विशेष शिक्षा, प्रारंभिक हस्तक्षेप (Early Intervention), पुनर्वास (Rehabilitation) और व्यावसायिक प्रशिक्षण (Vocational Training) जैसी सुविधाएँ उपलब्ध कराई जाएंगी। शुरुआत में प्रत्येक संस्थान 50 विद्यार्थियों की क्षमता वाले डे-स्कूल के रूप में संचालित होगा, जिसे बाद में आवासीय सुविधा वाले संस्थान में विकसित किया जाएगा। इस योजना के लिए सरकार ने ₹4 करोड़ का प्रावधान किया है।
बजट पेश करते हुए वित्त मंत्री ने कहा कि राज्य सरकार की दिव्यांगजन कल्याण नीति इस सिद्धांत पर आधारित है कि “जन्म से सभी जीवन समान हैं।” यह बजट तकनीक, शिक्षा और पुनर्वास के माध्यम से दिव्यांगजनों को अधिक अवसर प्रदान करने और समावेशी समाज के निर्माण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है.








