चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी भर्ती परीक्षा में युवक की मौत, एग्जाम के बाद अचानक से गिरा… डॉक्टर ने मृत घोषित किया
न्यायिक अधिकारी ने पेश की मिसाल; बच्चे को पंचायत स्कूल में दाखिला दिलाया
‘हम दुनिया छोड़ रहे हैं, सॉरी…’ CA की पत्नी ने बेटे संग 13वीं मंजिल से क्यों लगाई छलांग? झकझोर देगी ये कहानी
₹90000 तक लोन… वो भी बिना गारंटी, सरकार ने 2030 बढ़ा दी है इस स्कीम की डेडलाइन
शक्ति संवाद
विकलांगता को मात देने वाले हीरो, स्पर्श
हड्डियां जितनी कमजोर, हौसला उतना मजबूत जन्म के बाद माता-पिता को उस बच्चे को गोद में लेने के लिए भी करीब 6 महीनों तक इंतजार
कोई पीछे नहीं रहेगा मां-बेटी ने कायम की मिसाल
मां-बेटी ने कायम की मिसाल: लोग दिव्यांगों को प्यार की नजर से देखें, तो बदल जाएगा दुनिया का नजरिया उस प्यार का जश्न मनाने के
मैंने अपने जीवन में माना कभी हार नहीं, क्योंकि मैं दिव्यांग नहीं”
मैं अपने शरीर से लाचार सही लोगों की नज़रों में बेकार सही, फिर भी मैंने अपने जीवन में माना कभी हार नहीं क्योंकि मैं दिव्यांग
आपको कोई भी दिव्यांग बच्चा दिखे तो एक मुस्कान जरूर करें
शुभदा की मुहिम ” एक मुस्कान” क्या है? जानिये शुभदा एक ऐसी संस्था है, जिसका उदेश्य दिव्यांग बच्चों के जीवन को बेहतर और सम्मानियों बनाने
गीत संगीत का ऐसा नायक, जिसने मन की आंखों से लिख डाली ब्रज की होली
मन की आंखों से लिखे गीत, संगीत के इस नायक के बिना ‘रामायण’ भी होती अधूरी भारतवर्ष की धरती पर एक ऐसे संगीतकार और गीतकार
बाराबंकी में दिव्यांगजनों को आत्मनिर्भर बनाने : रोजगार मेले का आयोजनके लिए
बाराबंकी में दिव्यांगजन रोजगार मेला:55 युवाओं का साक्षात्कार, 19 को नौकरी; स्वरोजगार की भी दी जानकारी बाराबंकी में दिव्यांगजनों को आत्मनिर्भर बनाने के लिए विकास
कानपुर में दिव्यांगों के लिए कैम्प लगेंगे
दिव्यांगों के लिए 22 व 25 जुलाई को लगेंगे कैम्प कानपुर में दिव्यांग बच्चों के लिए 22 और 25 जुलाई को कैम्प आयोजित होंगे। इन
दिव्यांग बच्चों के लिए मेडिकल असेसमेंट कैंप का हुआ आयोजन, जांच कर दिए गए प्रमाणपत्र
दिव्यांग बच्चों के चयन के लिए लगेगा मेडिकल असेसमेंट कैंप सोनभद्र। समग्र शिक्षा अभियान के तहत दिव्यांग बच्चों के लिए जिले में मेडिकल असेसमेंट कैंप
थैलेसीमिया से ग्रस्त ‘हर्षद’ बनेगा डॉक्टर..
थैलेसीमिया से ग्रस्त ‘हर्षद’ बनेगा डॉक्टर, पहले ही प्रयास में क्लियर किया NEET, माता-पिता ने छोड़ दी थी बचने की आस सिरोही जिले के पिंडवाड़ा
क्यों “शुभदा” की जरूरत है दिव्यांगजन को? जनिये
*क्यों ज़रूरी है हमारे समाज को “शुभदा” जैसी संस्था?* दिव्यांग यानी दिव्य अंग वाले लोग हमारे समाज का अहम हिस्सा हैं। लेकिन क्या हम सच