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अजमेर का 50 साल पुराना बस स्टैंड बनेगा हाईटेक !

अजमेर बस स्टैंड का बदलेगा चेहरा! 70 करोड़ से बनेगा हाईटेक परिवहन केंद्र, अगले 50 साल की जरूरतों के हिसाब से होगा विकास

ई-बस चार्जिंग, डिजिटल डिस्प्ले और आधुनिक प्लेटफॉर्म से लैस होगा बस स्टैंड; जयपुर रोड पर शिफ्ट होगी वर्कशॉप, यात्रियों को मिलेंगी बेहतर सुविधाए

शुभदा शक्ति न्यूज़ | अजमेर।

करीब 50 साल से अजमेर की परिवहन व्यवस्था का प्रमुख केंद्र बना केंद्रीय बस स्टैंड अब आधुनिक स्वरूप में विकसित होने जा रहा है। राज्य सरकार ने लगभग 70 करोड़ रुपए की प्रस्तावित पुनर्विकास परियोजना को आगे बढ़ाने की तैयारी शुरू कर दी है। इसके तहत बस स्टैंड को हाईटेक परिवहन केंद्र के रूप में विकसित किया जाएगा। योजना में अगले 50 वर्षों की यातायात आवश्यकताओं और बढ़ती यात्री संख्या को ध्यान में रखा गया है।

देवनानी की पहल पर परियोजना को मिली गति

राजस्थान विधानसभा अध्यक्ष वासुदेव देवनानी की पहल पर रविवार को संबंधित विभागों के अधिकारियों की समन्वय बैठक आयोजित हुई। इसमें प्रस्तावित निर्माण, भूमि उपलब्धता और यात्री सुविधाओं पर चर्चा की गई। पीडीकोर के अधिकारियों ने नए बस स्टैंड का प्रस्तावित डिजाइन प्रस्तुत किया। देवनानी ने परिसर का निरीक्षण कर अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए। परियोजना की कार्यकारी एजेंसी अजमेर विकास प्राधिकरण (एडीए) होगा।

डिजिटल स्क्रीन बताएगी बसों की लोकेशन

नए बस स्टैंड में डिजिटल डिस्प्ले, बसों की रियल टाइम लोकेशन बताने वाली प्रणाली और अलग-अलग शहरों के लिए व्यवस्थित प्लेटफॉर्म प्रस्तावित हैं। इससे यात्रियों को बसों की जानकारी आसानी से मिल सकेगी। ई-बस चार्जिंग स्टेशन, डीजल पंप, आधुनिक कार्यालय तथा वॉल्वो और वातानुकूलित बसों के अनुरूप सुविधाएं भी विकसित करने की योजना है।

जयपुर रोड पर शिफ्ट होगी रोडवेज वर्कशॉप

परियोजना के तहत मौजूदा रोडवेज वर्कशॉप को जयपुर रोड पर स्थानांतरित करने का प्रस्ताव है। इसके लिए भूमि संबंधी प्रक्रियाएं पूरी की जाएंगी। वर्कशॉप हटने से बस स्टैंड परिसर में अतिरिक्त जगह मिलेगी, जिसका उपयोग प्लेटफॉर्म, प्रतीक्षालय और यात्री सुविधाओं के विस्तार में होगा।

हरियाली और आधुनिक सुविधाओं से बदलेगी पहचान

बस स्टैंड परिसर में उद्यान, आकर्षक प्रतिमाएं, बेहतर प्रकाश व्यवस्था और सुविधाजनक प्रतीक्षालय विकसित करने की योजना है। साथ ही दिव्यांगजन, बुजुर्गों और महिलाओं के लिए सुरक्षित एवं सुगम आवागमन सुनिश्चित करना भी जरूरी होगा। व्हीलचेयर-अनुकूल रैंप, सुलभ शौचालय और बाधारहित रास्तों को अंतिम डिजाइन में प्राथमिकता दिए जाने की आवश्यकता है।

निर्माण की तारीख और समयसीमा का इंतजार

करीब 70 करोड़ की यह परियोजना अजमेर की सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था में बड़ा बदलाव ला सकती है। हालांकि, निर्माण शुरू होने की तारीख और कार्य पूरा होने की समयसीमा अभी स्पष्ट नहीं है। अब अंतिम डिजाइन, भूमि हस्तांतरण और निर्माण कार्य शुरू होने की घोषणा पर नजर रहेगी।

APOORV SEN
Author: APOORV SEN

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