Toggle Test

खुद ब्रेक लगाएगी आपकी कार! सरकार की बड़ी तैयारी ।

कारों की सुरक्षा में बड़ा बदलाव! अब खतरा भांपकर खुद ब्रेक लगाएगी गाड़ी, सरकार ने तैयार किया नया नियम

2030 से नई कारों में ऑटोमैटिक इमरजेंसी ब्रेकिंग सिस्टम अनिवार्य करने का प्रस्ताव, 2032 तक सभी संबंधित मॉडलों में लागू करने की तैयारी; सड़क हादसों में कमी लाना मुख्य उद्देश्य।

शुभदा शक्ति न्यूज़। नई दिल्ली/ अजमेर, 23 अक्टूबर 2026।

देश में सड़क सुरक्षा को मजबूत बनाने के लिए केंद्र सरकार एक महत्वपूर्ण बदलाव की तैयारी कर रही है। आने वाले वर्षों में कारों में एयरबैग की तरह ऑटोमैटिक इमरजेंसी ब्रेकिंग सिस्टम (AEBS) को भी अनिवार्य किया जा सकता है। इस तकनीक की विशेषता यह है कि सामने किसी वाहन या बाधा से टकराने का खतरा होने पर यह चालक को चेतावनी देती है और जरूरत पड़ने पर अपने आप ब्रेक लगा सकती है।

क्या है सरकार की नई योजना?

सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय ने केंद्रीय मोटर वाहन नियम, 1989 में संशोधन का मसौदा तैयार किया है। प्रस्ताव के अनुसार, 1 अक्टूबर 2030 से नए यात्री कार मॉडलों में एडवांस्ड इमरजेंसी ब्रेकिंग सिस्टम अनिवार्य किया जा सकता है। इसके बाद 1 अक्टूबर 2032 से यह व्यवस्था उत्पादन में मौजूद सभी संबंधित M1 श्रेणी के कार मॉडलों पर लागू करने की योजना है।

मंत्रालय ने मसौदे पर आम जनता और संबंधित पक्षों से 30 दिनों के भीतर सुझाव और आपत्तियां मांगी हैं।

खतरा देखते ही अपने आप लगेंगे ब्रेक

AEBS आधुनिक ड्राइवर असिस्टेंस तकनीक का हिस्सा है। इसमें कैमरा, रडार या अन्य सेंसर की मदद से कार के आगे की स्थिति का आकलन किया जाता है।

यदि कार के सामने अचानक कोई वाहन आ जाए या टक्कर की आशंका पैदा हो, तो सिस्टम चालक को अलर्ट करता है। चालक समय पर प्रतिक्रिया नहीं देता है तो यह तकनीक स्वतः ब्रेक लगाकर दुर्घटना रोकने या टक्कर की गंभीरता कम करने में मदद कर सकती है।

हालांकि, यह तकनीक हर परिस्थिति में दुर्घटना रोकने की गारंटी नहीं देती। सुरक्षित ड्राइविंग और चालक की सतर्कता जरूरी बनी रहेगी।

लेन से भटकने और चालक की थकान पर भी नजर

सरकार के प्रस्ताव में केवल ऑटोमैटिक ब्रेकिंग ही नहीं, बल्कि इमरजेंसी लेन कीपिंग सिस्टम, स्टीयरिंग से संबंधित सुरक्षा मानकों और चालक की थकान या ध्यान में कमी की चेतावनी देने वाली तकनीकों को भी शामिल किया गया है।

विशेष रूप से परिवहन श्रेणी में पंजीकृत यात्री वाहनों के लिए कुछ अतिरिक्त सुरक्षा प्रणालियों को 2029 से अनिवार्य करने का प्रस्ताव है।

क्या पुरानी कारों में भी लगवाना होगा सिस्टम?

फिलहाल प्रस्ताव मुख्य रूप से नए और उत्पादन में बने रहने वाले कार मॉडलों के लिए है। पहले से खरीदी गई सभी पुरानी कारों में यह सिस्टम लगवाना अनिवार्य होगा, ऐसी कोई स्पष्ट व्यवस्था सामने नहीं आई है।

अंतिम नियम जारी होने के बाद ही वाहन मालिकों और कंपनियों की जिम्मेदारियां पूरी तरह स्पष्ट होंगी।

क्या बढ़ सकती हैं कारों की कीमतें?

ऑटोमैटिक इमरजेंसी ब्रेकिंग सिस्टम के लिए सेंसर, इलेक्ट्रॉनिक कंट्रोल यूनिट और अन्य तकनीकी उपकरणों की आवश्यकता होती है। ऐसे में शुरुआती स्तर पर कुछ कारों की उत्पादन लागत बढ़ सकती है। हालांकि, कीमतों पर वास्तविक प्रभाव वाहन कंपनियों की तकनीक और उत्पादन क्षमता पर निर्भर करेगा।

सड़क सुरक्षा की दिशा में महत्वपूर्ण पहल

भारत में सड़क दुर्घटनाएं गंभीर चिंता का विषय हैं। विशेष रूप से पैदल यात्रियों, बुजुर्गों, बच्चों और दिव्यांगजनों के लिए सुरक्षित यातायात व्यवस्था अत्यंत आवश्यक है।

ऐसी तकनीक सड़क पर अचानक सामने आने वाले व्यक्ति या वाहन से टक्कर का जोखिम कम करने में सहायक हो सकती है। हालांकि, इसकी प्रभावशीलता सड़क की स्थिति, मौसम, सेंसर की क्षमता और वाहन की गति जैसे कारकों पर निर्भर करेगी।

शुभदा शक्ति न्यूज़ का मानना है कि आधुनिक तकनीक के साथ जिम्मेदार ड्राइविंग, यातायात नियमों का पालन और सभी नागरिकों के लिए सुरक्षित सड़क व्यवस्था भी उतनी ही आवश्यक है।

महत्वपूर्ण: प्रस्तावित समयसीमा को अंतिम सरकारी आदेश न समझें। नियमों को अंतिम रूप दिए जाने के बाद ही इनकी कानूनी अनिवार्यता तय होगी।

APOORV SEN
Author: APOORV SEN

Leave a Comment

दिल्ली में ऋतु बराला से कथित मारपीट का मामला गरमाया, जयपुर में जीरो एफआईआर की मांग पर रातभर डटे कांग्रेस नेता; अशोक गहलोत ने सरकार को घेरा, पुलिस ने दिल्ली में पहले से केस दर्ज होने का दिया हवाला।