राहुल गाँधी की तारीफ के बदले ₹25,000? वायरल वीडियो पर BJP का कांग्रेस पर बड़ा हमला, जानिए क्या है पूरा मामला

Rahul Gandhi Viral Video: कांग्रेस नेता राहुल गांधी के पुणे में आयोजित ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम को लेकर नया राजनीतिक विवाद खड़ा हो गया है। भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने एक कथित वीडियो/कॉल रिकॉर्डिंग के आधार पर आरोप लगाया है कि सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर्स को कार्यक्रम में शामिल होने और उससे जुड़ा कंटेंट सोशल मीडिया पर पोस्ट करने के लिए ₹25,000 तक देने की पेशकश की गई। हालांकि, वायरल सामग्री से इस दावे की स्वतंत्र पुष्टि नहीं होती और उपलब्ध रिकॉर्डिंग में कांग्रेस, राहुल गांधी या ‘छात्रों की गूंज’ का नाम स्पष्ट रूप से सुनाई नहीं देता।
क्या है ₹25,000 वाला पूरा विवाद?

BJP की ओर से साझा किए गए कथित वीडियो में एक फोन कॉल की बातचीत सुनाई देती है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, फोन करने वाला व्यक्ति खुद को ‘शांतनु’ बताता है और एक सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर को 22 तारीख को होने वाले एक कार्यक्रम में शामिल होने के लिए कहता है
बातचीत में ₹25,000 के भुगतान की बात सामने आती है और इसमें यात्रा खर्च शामिल होने का भी जिक्र बताया गया है। BJP का दावा है कि यह बातचीत राहुल गांधी के पुणे कार्यक्रम से संबंधित है और इन्फ्लुएंसर को कार्यक्रम का प्रचार करने के लिए बुलाया जा रहा था।
वीडियो बनाने और सोशल मीडिया पर पोस्ट करने का भी दावा
BJP का आरोप सिर्फ कार्यक्रम में शामिल होने के लिए भुगतान तक सीमित नहीं है। पार्टी का दावा है कि इन्फ्लुएंसर्स से कार्यक्रम के दौरान वीडियो बनाने और बाद में उन्हें अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर पोस्ट करने की बात भी कही गई।
रिपोर्ट्स के मुताबिक, कथित बातचीत में राहुल गांधी के संबोधन और कार्यक्रम की भीड़ को दिखाते हुए वीडियो बनाने जैसी बातें होने का दावा किया गया है।
प्रदीप भंडारी ने कांग्रेस को घेरा
BJP के राष्ट्रीय प्रवक्ता प्रदीप भंडारी ने इस मामले को लेकर कांग्रेस और राहुल गांधी पर निशाना साधा। उनका आरोप है कि राहुल गांधी के कार्यक्रम के लिए Gen-Z इन्फ्लुएंसर्स को पैसे देकर बुलाया जा रहा है।BJP ने इसे राहुल गांधी के लिए कथित रूप से ‘पेड पब्लिसिटी’ और समर्थन जुटाने की कोशिश के तौर पर पेश किया है।
BJP नेता आशीष शेलार ने भी कथित वीडियो को लेकर कांग्रेस पर सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि कार्यक्रम में लोगों को बुलाने और सोशल मीडिया पर उसका प्रचार कराने के लिए पैसे का इस्तेमाल किया जा रहा है। BJP नेताओं का कहना है कि यदि वीडियो से जुड़े दावे सही हैं, तो राजनीतिक कार्यक्रमों में जनसमर्थन और सोशल मीडिया प्रमोशन की पारदर्शिता को लेकर सवाल खड़े होते हैं।
लेकिन वायरल वीडियो की सच्चाई पर बड़ा सवाल
इस पूरे विवाद में एक महत्वपूर्ण तथ्य ध्यान देने योग्य है। उपलब्ध रिपोर्टिंग के अनुसार, वायरल कॉल रिकॉर्डिंग में राहुल गांधी, कांग्रेस या ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम का नाम स्पष्ट रूप से नहीं लिया गया है।
साथ ही, वीडियो में मौजूद लोगों की पहचान और फोन करने वाले व्यक्ति का कांग्रेस से संबंध स्वतंत्र रूप से प्रमाणित नहीं हुआ है। इसलिए ₹25,000 देकर राहुल गांधी के लिए समर्थन या प्रचार करवाने की बात को फिलहाल BJP के आरोप के रूप में ही देखा जाना चाहिए, न कि प्रमाणित तथ्य के रूप में।

क्या है राहुल गांधी का ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम?
राहुल गांधी का ‘छात्रों की गूंज’ अभियान युवाओं और छात्रों से संवाद की उनकी पहल का हिस्सा है। पुणे में 22 अगस्त 2026 को आयोजित कार्यक्रम विशेष रूप से छात्राओं पर केंद्रित है। इसमें शिक्षा, सुरक्षा, समानता, प्रतियोगी परीक्षाओं और करियर के अवसरों जैसे विषयों पर चर्चा की योजना है।
पुणे पुलिस ने कार्यक्रम को अनुमति दी है, लेकिन इसके लिए करीब 30 शर्तें लगाई गई हैं। रिपोर्ट के मुताबिक कार्यक्रम SSPMS College Ground में आयोजित होना है और पुलिस ने हजारों लोगों के शामिल होने का अनुमान लगाया है।
कांग्रेस-BJP के बीच बढ़ी सियासी तल्खी
‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम पहले से ही राजनीतिक बयानबाजी के केंद्र में है। कांग्रेस नेताओं का आरोप है कि BJP युवाओं से जुड़े इस अभियान में बाधा डालने की कोशिश कर रही है, जबकि BJP कार्यक्रम की भीड़ और प्रचार को लेकर लगातार सवाल उठा रही है।
अब ₹25,000 वाली कथित कॉल रिकॉर्डिंग ने इस सियासी टकराव को और तेज कर दिया है। फिलहाल सबसे बड़ा सवाल यही है कि वायरल वीडियो में किया जा रहा दावा कितना सही है और फोन पर हुई कथित बातचीत का वास्तव में राहुल गांधी के कार्यक्रम या कांग्रेस से कोई सीधा संबंध था या नहीं।
नोट: सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो और उससे जुड़े BJP के आरोपों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है। इसलिए इस खबर में आरोपों को किसी स्थापित तथ्य के रूप में प्रस्तुत नहीं किया गया है







