जी,सुना क्या ??कसोल की वादियों में छिपे हैं ये अनदेखे ठिकाने! नामी होटल व्यवसायी ने खोले पार्वती घाटी के खूबसूरत राज जी, सुना क्या ?? राजस्थान में बदलने जा रहे शादी से विरासत तक के नियम! दूसरी शादी पर रोक, लिव-इन का हिसाब और बेटियों को संपत्ति में बराबर हक जी, सुना क्या?? बौद्धिक दिव्यांगता को न समझें कमजोरी! सही पहचान और अवसर बदल सकते हैं जिंदगी, जानिए अधिकार से UDID तक सबकुछ जी,सुना क्या ?? तलाक विवाद के बीच अस्पताल पहुँचे गोविंदा, मीडिया से दिखाई नाराज़गी जी, सुना क्या ?? “चीनी” एक महीने में ₹48 से ₹55 के पार पहुंचा।। कौन जिम्मेदार?? सिर्फ BMW नहीं: Toyota, Ford और Honda की कारें भी दिव्यांगों के लिए हो सकती हैं अनुकूल, Hand Control से Wheelchair Lift तक मिलते हैं विकल्प
जी,सुना क्या ??कसोल की वादियों में छिपे हैं ये अनदेखे ठिकाने! नामी होटल व्यवसायी ने खोले पार्वती घाटी के खूबसूरत राज जी, सुना क्या ?? राजस्थान में बदलने जा रहे शादी से विरासत तक के नियम! दूसरी शादी पर रोक, लिव-इन का हिसाब और बेटियों को संपत्ति में बराबर हक जी, सुना क्या?? बौद्धिक दिव्यांगता को न समझें कमजोरी! सही पहचान और अवसर बदल सकते हैं जिंदगी, जानिए अधिकार से UDID तक सबकुछ जी,सुना क्या ?? तलाक विवाद के बीच अस्पताल पहुँचे गोविंदा, मीडिया से दिखाई नाराज़गी जी, सुना क्या ?? “चीनी” एक महीने में ₹48 से ₹55 के पार पहुंचा।। कौन जिम्मेदार?? सिर्फ BMW नहीं: Toyota, Ford और Honda की कारें भी दिव्यांगों के लिए हो सकती हैं अनुकूल, Hand Control से Wheelchair Lift तक मिलते हैं विकल्प
Toggle Test

सुना क्या ,,,, पुराने चेक बुक पर बड़ा बदलाव , भुगतान में आ सकती है दिक्कत ।।।

पुराने चेक पर बड़ा बदलाव: 31 दिसंबर के बाद ₹50 हजार या उससे अधिक के भुगतान में आ सकती है दिक्कत, अभी जांच लें अपनी चेकबुक

Cheque Book New Rules 2026: अगर आप बैंकिंग लेन-देन के लिए चेक का इस्तेमाल करते हैं तो अपनी चेकबुक को एक बार जरूर जांच लें। बैंक ऑफ इंडिया (BOI) समेत कई बैंक ग्राहकों को नई अल्फा-न्यूमेरिक कोड वाली चेकबुक अपनाने के लिए सूचित कर रहे हैं। रिपोर्ट के मुताबिक, 31 दिसंबर 2026 के बाद ₹50,000 या उससे अधिक की राशि के ऐसे चेक स्वीकार नहीं किए जाएंगे, जिन पर जरूरी अल्फा-न्यूमेरिक कोड नहीं होगा।

ऐसे में खास तौर पर वे ग्राहक जो बड़े भुगतान के लिए चेक का इस्तेमाल करते हैं, उन्हें समय रहते अपने बैंक से यह पता कर लेना चाहिए कि उनकी मौजूदा चेकबुक नए मानकों के अनुरूप है या नहीं।

क्या है अल्फा-न्यूमेरिक कोड?

अल्फा-न्यूमेरिक कोड अक्षरों और अंकों से बना एक विशेष पहचान कोड होता है। इसका उद्देश्य चेक की पहचान और सत्यापन को अधिक सुरक्षित बनाना तथा फर्जी या छेड़छाड़ किए गए चेक के जरिए होने वाली धोखाधड़ी के जोखिम को कम करना है।

नई व्यवस्था के तहत बैंक ऐसी चेकबुक जारी कर रहे हैं जिनमें आवश्यक सुरक्षा और पहचान संबंधी विशेषताएं शामिल हों।

31 दिसंबर 2026 के बाद क्या बदलेगा?

रिपोर्ट के अनुसार, ₹50,000 या उससे अधिक के भुगतान के मामले में बिना आवश्यक अल्फा-न्यूमेरिक कोड वाले चेक 31 दिसंबर 2026 के बाद स्वीकार नहीं किए जाएंगे।

इसलिए केवल “पुरानी चेकबुक” देखकर घबराने की जरूरत नहीं है। सबसे पहले यह जांचना जरूरी है कि आपकी चेकबुक संबंधित बैंक के मौजूदा मानकों के अनुरूप है या नहीं।

यदि संदेह हो तो अपने बैंक की शाखा, आधिकारिक वेबसाइट, मोबाइल बैंकिंग या ग्राहक सेवा से इसकी पुष्टि करें।

क्यों किया जा रहा है बदलाव?

बैंकिंग व्यवस्था लगातार डिजिटल और अधिक सुरक्षित हो रही है। चेक से जुड़े नए सुरक्षा मानकों का उद्देश्य चेक की पहचान और सत्यापन को बेहतर बनाना, फर्जीवाड़े की आशंका कम करना और चेक क्लीयरिंग प्रक्रिया को अधिक सुरक्षित बनाना है।

भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) भी चेक क्लीयरिंग व्यवस्था को तेज और आधुनिक बनाने पर जोर देता रहा है। Cheque Truncation System (CTS) में चेक को भौतिक रूप से एक बैंक से दूसरे बैंक तक भेजने के बजाय उसकी इलेक्ट्रॉनिक इमेज और संबंधित डेटा के आधार पर क्लीयरिंग की जाती है।

कैसे पता करें कि आपकी चेकबुक बदलने की जरूरत है?

अपनी चेकबुक के चेक लीफ को ध्यान से देखें और बैंक की ओर से मिले SMS, ईमेल या अन्य आधिकारिक सूचना को जांचें। अगर बैंक ने नई चेकबुक के लिए आवेदन करने को कहा है तो इसे नजरअंदाज न करें।

सबसे सुरक्षित तरीका है कि सीधे अपने बैंक से पूछा जाए कि आपकी मौजूदा चेकबुक 31 दिसंबर 2026 के बाद भी ₹50,000 या उससे अधिक के चेक जारी करने के लिए मान्य रहेगी या नहीं।

यदि बैंक नई चेकबुक लेने की सलाह देता है तो समय रहते आवेदन कर दें, ताकि किसी जरूरी भुगतान के समय चेक अस्वीकार होने की समस्या न आए।

नई चेकबुक के लिए देना पड़ सकता है शुल्क

नई या अतिरिक्त चेकबुक जारी करने का शुल्क बैंक और खाते के प्रकार के आधार पर अलग-अलग हो सकता है। कुछ बैंक निश्चित संख्या में चेक लीफ मुफ्त देते हैं, जबकि इसके बाद अतिरिक्त चेक के लिए शुल्क लिया जा सकता है।

इसलिए नई चेकबुक मंगाने से पहले अपने बैंक की मौजूदा शुल्क सूची जरूर जांच लें।

चेक कितने समय तक वैध रहता है?

आमतौर पर चेक उस पर लिखी तारीख से तीन महीने तक वैध रहता है। चेक जारी करते समय तारीख, प्राप्तकर्ता का नाम, राशि और हस्ताक्षर जैसी जानकारी सही तरीके से भरना जरूरी है।

गलत या अधूरी जानकारी के कारण भी चेक भुगतान रुक सकता है।

ग्राहकों को अभी क्या करना चाहिए?

अगर आपके पास पुरानी चेकबुक है तो उसे तुरंत फेंकने या नष्ट करने की जरूरत नहीं है। पहले अपने बैंक से उसकी वैधता की पुष्टि करें। खास तौर पर अगर आप ₹50,000 या उससे अधिक की राशि के भुगतान के लिए चेक का इस्तेमाल करते हैं तो नई व्यवस्था लागू होने से पहले स्थिति स्पष्ट कर लेना बेहतर होगा।

साथ ही किसी SMS, WhatsApp संदेश या फोन कॉल में आए संदिग्ध लिंक के जरिए नई चेकबुक के लिए आवेदन न करें। चेकबुक से संबंधित काम के लिए केवल बैंक की आधिकारिक वेबसाइट, मोबाइल ऐप, ग्राहक सेवा या शाखा का इस्तेमाल करें।

जरूरी बात

31 दिसंबर 2026 की समय-सीमा को देखते हुए चेक से बड़े भुगतान करने वाले ग्राहकों को अपनी मौजूदा चेकबुक की स्थिति बैंक से जरूर जांच लेनी चाहिए। इससे अंतिम समय में भुगतान अटकने या चेक स्वीकार न होने जैसी परेशानी से बचा जा सकता है।

डिस्क्लेमर: बैंकिंग नियम और चेकबुक संबंधी प्रक्रियाएं बैंक तथा खाते के प्रकार के अनुसार अलग हो सकती हैं। किसी वित्तीय लेन-देन से पहले अपने बैंक की आधिकारिक सूचना और लागू नियमों की पुष्टि अवश्य करें।

APOORV SEN
Author: APOORV SEN

Leave a Comment

और पढ़ें