दिव्यांग के बुलाने पर आये बोले बाबा, चमत्कारी है नागोर का पंचमुखी महादेव मंदिर.

चमत्कारी है नागोर का पंचमुखी महादेव मंदिर, दिव्यांग को भगवान ने दिए थे दर्शन, रहस्य बना हुआ है जल

राजस्थान के नागौर जिले के शीलगांव में स्थित पंचमुखी महादेव मंदिर भक्तों की गहरी आस्था का प्रतीक है. कहा जाता है कि विक्रम संवत 1682 में भगवान शिव ने एक दिव्यांग भक्त को दर्शन देकर चमत्कार किया था. उसी स्थान पर शिवजी की पंचमुखी प्रतिमा खेत से प्राप्त हुई और मंदिर का निर्माण हुआ. श्रावण और महाशिवरात्रि जैसे पर्वों पर यहां दूर-दूर से श्रद्धालु आते हैं और भोलेनाथ को जल, बेलपत्र, दूध चढ़ाकर रुद्राभिषेक करते हैं.

राजस्थान का नागौर जिला देवी-देवताओं के लिए जाना जाता है और इसका प्रमाण यहां के लोक देवता और आराध्य देवता दर्शाते हैं. इसी का प्रमाण एक यह भी है कि नागौर की भूमि पर सबसे पुराना पंचमुखी महादेव मंदिर है. श्रावण एवं महाशिवरात्रि के अवसरों पर यहां रुद्राभिषेक, बेलपत्र, दूध और जल से शिवलिंग की पूजा होती है. भक्त गण विशेष रूप से पर्व-सप्ताह में दूर-दूर से दर्शन के लिए आते हैं. मान्यता है यहां पर भोलेनाथ ने स्वयं आकर भक्तों को दर्शन दिये थे. नागौर स्थित शीलगांव का पंचमुखी महादेव ग्रामीणों की आस्था का केंद्र है. मान्यता है कि महादेव ने यहां एक भक्त को दर्शन दिए थे.

यह बात विक्रम संवत 1682 की है, जब शीलगांव के रहने वाले एक दिव्यांग व्यक्ति जो जाति से खाती था, भगवान शिव ने स्वयं उसके घर आकर पीने के लिए पानी मांगा. तब भक्त ने ईश्वर से कहा था कि मैं तो दिव्यांग हूं, वहां पर पानी से भरी हुई मटकी है, उसमें से पानी पी लें आप. तब भगवान ने कहा कि आप जाओ और पानी लेकर आओ. इसके बाद, भक्त जैसे ही उठा तो उसके पैर ठीक हो गए. भक्त खुशी-खुशी पानी लेकर आया, लेकिन तक महादेव अंतर्ध्यान हो गये थे.
SHUBHDA SHAKTI
Author: SHUBHDA SHAKTI

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