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ये 5 रेस्टोरेंट जो दिव्यांग चलते है

भारत में चलाए जाते हैं दिव्‍यांगों द्वारा ये 5 रेस्टोरेंट, स्टाफ ऐसे लेते हैं आर्डर और करते हैं ग्राहक की सेवा

अगर आप अपने भोजन के अनुभव को अनूठा और यादगार बनाना चाहते हैं, तो एक बार भारत के डेफ और म्‍यूट रेस्टोरेंट़स में जरूर जाकर देखिए। यहां पर विकलांग लोग ही आने वाले ग्राहकाें को डिशेज सर्व करते हैं।

कहने को भारत में एक से बढ़कर एक कैफे और रेस्टोरेंट हैं। जाहिर है इन जगहों का माहौल और भोजन भी तारीफ के काबिल होता है। लेकिन हमारे देश में कुछ ऐसे रेस्‍टोरेंट भी हैं, जो किसी खास उद्देश्य से खोले गए हैं। बहुत कम लोग जानते हैं, लेकिन भारत में कई डेफ और म्‍यूट रेस्‍टोरेंट हैं, जहां विकलांग लोगों को नौकरी दी जाती है। यहां पर वेटर से लेकर मैनेजर तक कोई गूंगा तो कोई बहरा होता है। यहां का स्‍टाफ इशारों में कस्‍टमर्स से बातें करता है और साइन लैंग्‍वेज का इस्‍तेमाल करता है। विकलांगों को आमतौर पर अलग नजरों से देखा जाता है, ऐसे में इन्‍हें यहां इज्‍जत से काम करता देख आपकी सोच पूरी तरह से बदल जाएगी। तो आइए जानते हैं भारत के डेड और म्‍यूट रेस्टोरेंट्स के बारें में

मुंबई में लोअर परेल में स्थित इशारा

मुंबई में लोअर परेल में स्थित इशारा मूकबधिर लोगों.का रेस्टोरेंट है। इस सुंदर रेस्टोरेंट में पूरी तरह से मूक-बधिर कर्मचारी काम करते हैं। दिलचस्‍प बात है कि मूक-बधिर और मूक कर्मचारी एक बड़ी मुस्कान के साथ यहां आने वाले ग्राहकों की न केवल मदद करते हैं, बल्कि उनकी सेवा करने में भी कोई कमी नहीं छोड़ते। ऑर्डर देने के लिए यहां बने कुछ साइन का इस्‍तेमाल किया जाता है। किसी भी गलतफहमी से बचने के लिए वेटर या ऑर्डर लेने वाला व्‍यक्ति डिश के नाम को दिखाने वाला एक कार्ड भी रखता है। एक अच्‍छी बात यह भी है कि इस जगह पर जाते-जाते आप खुद साइन लैंग्‍वेज सीख जाते हैं।

मुंबई के पवई में मिर्ची एंड माइम रेस्‍टोरेंट

मुंबई के पवई में मिर्ची एंड माइम रेस्‍टोरेंट यहां के कर्मचारियों के कारण बहुत फेमस हो गया है। यह एक ट्रेंडी डाइनिंग रेस्टोरेंट है। यहां पर ऐसे लोगों का स्‍टाफ है, जिन्‍हें बोलने और सुनने में परेशानी होती है। यहां आप साइन लैंग्‍वेज का उपयोग करके ऑर्डर देकर कुछ स्वादिष्ट भारतीय व्यंजनों का आनंद ले सकते हैं। खूबसूरत माहौल, शानदार मेन्यू और मूक-बधिर कर्मचारियों के साथ, मिर्ची एंड माइम निश्चित रूप से धीरे-धीरे एक सामाजिक बदलाव ला रहा है।

हडसन लेन के सत्य निकेतन बाजार में स्थित, इकोज़

हडसन लेन के सत्य निकेतन बाजार में स्थित, इकोज़ पिछले कुछ साल में अपने अद्भुत भोजन और डेड एंड म्‍यूट एम्प्लॉयीज की एक टीम के साथ काफी पॉपुलर हो गया है। छह साल पहले दोस्तों के एक ग्रुप ने इसे शुरू किया गया था और अब इसकी टीम में 40 से ज्‍यादा विकलांग हैं। यहां जाने के बाद आप देखेंगे कि यहां एंट्री गेट पर ही एक साइन ब्लॉक है, जबकि चीजों को सरल बनाने के लिए कोई भी टेबल पर दिए गए बटन को दबा सकता है। आप मेनू में दिए गए स्वादिष्ट पास्ता, पिज्जा, ग्रिल, चीनी स्नैक्स, सैंडविच, रैप्स जैसे स्‍नैक्‍स ऑर्डर कर सकते हैं।

जमशेदपुर में सर्किट हाउस एरिया के पास यह रेस्‍टोरेंट अपने चाय मेनू के लिए पॉपुलर है।

जमशेदपुर में सर्किट हाउस एरिया के पास यह रेस्‍टोरेंट अपने चाय मेनू के लिए पॉपुलर है। यहां आपको चाय की 150 से ज्‍यादा वैरायटी मिलती है। रांची से लगभग 130 किलोमीटर की दूरी पर स्थित, ला ग्रेविटिया कैफे में कुक और वेटर हैं जो सुनने और बोलने में अक्षम हैं। अविनाश दुग्गर, जिन्होंने अपनी कॉर्पोरेट नौकरी छोड़ने के बाद इस कैफे को शुरू किया, ने सभी स्टाफ सदस्यों को प्रशिक्षित किया है और उनकी टीम में दस से ज्‍यादा लोग हैं। ग्राहकों को अपने ऑर्डर साइन लैंग्‍वेज के जरिए देने होते हैं।

टेरिसिन पुणे का पहला मूक-बधिर रेस्टोरेंट है

टेरिसिन पुणे का पहला मूक-बधिर रेस्टोरेंट है और इंटीरियर लाइट के साथ यहां का माहौल भी बहुत अच्‍छा है। एंट्री गेट पर पहले एक सलामी के साथ आपका स्वागत किया जाएगा और फिर यहां का स्‍टाफ मेंबर आपको टेबल तक ले जाएगा। इसके बाद आपको मेनू दिया जाएगा और वे आपसे साइन लैंग्‍वेज के जरिए पानी के बारे में पूछेंगे। यह रेस्टोरेंट फार्म-टू-टेबल अवधारणा का भी पालन करता है और महाराष्ट्र, उत्तराखंड, एमपी और कुछ दक्षिणी राज्यों के 208 किसानों को आजीविका के अवसर प्रदान करता है।

SHUBHDA SHAKTI
Author: SHUBHDA SHAKTI

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