मिसाल बने सरकारी अस्पताल में कार्यरत एक संविदा कर्मी प्रताप सिंह

सेहत से माजूर.. लेकिन नहीं मानी हार, आज लोगों के सामने पेश कर रहे मिसाल, घर तक पहुंचा रहे ये संदेश

अलवर के रहने वाले और सरकारी अस्पताल में कार्यरत एक संविदा कर्मी प्रताप सिंह हर किसी व्यक्ति के लिए मिसाल पेश कर रहे हैं. प्रताप वैसे तो दिव्यांग है, लेकिन जब वह कार्य करते हैं तो अच्छे-अच्छे लोग इनके सामने नहीं टिक पाते. जब लोग इन्हें देखते हैं, तो इनकी तारीफ करते हुए नहीं रुकते.

दिव्यांग होने के बावजूद नहीं मानी हारप्रताप ने बताया कि दिव्यांग होने के चलते कई बार तो शारीरिक रूप से कई समस्याओं का सामना करना पड़ता है. लेकिन सरकार द्वारा कई जगह पर सहूलियत उपलब्ध करवाई गई है. जिससे हमें आसानी तो होती है. कई बार तो अस्पताल में काम करने के दौरान लोगों ने यह भी कहा कि आप दिव्यांग हो आप कैसे काम करोगे. लेकिन मैंने अपनी कमजोरी को अपनी ताकत बनाया. मैं हर व्यक्ति को यही संदेश देना चाहता हूं कि ऐसा कभी नहीं सोचना चाहिए कि वह दिव्यांग है. भगवान ने अगर कुछ लिया है तो आपको बहुत कुछ दिया भी है. कई लोगों को तो यह भी नसीब नहीं होता है और अपनी कमजोरी को ताकत बनाना चाहिए और कभी हार नहीं माननी चाहिए.

SHUBHDA SHAKTI
Author: SHUBHDA SHAKTI

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