बारिश में न खाएं हरी सब्जियां:बैंगन और मशरूम बिगाड़ सकते हैं सेहत, डॉक्टर से जानें कैसी हो मानसून डाइट
इस मौसम में कुछ खाद्य पदार्थ जल्दी खराब हो जाते हैं या शरीर के लिए हानिकारक साबित हो सकते हैं। खासतौर पर सड़क किनारे मिलने वाले कटे-फ्रूट्स, तला-भुना खाना या लंबे समय तक रखा हुआ भोजन संक्रमण का कारण बन सकता है। इसलिए स्वस्थ रखने के लिए यह जानना जरूरी है कि इस मौसम में किन चीजों से बचना चाहिए और कौन-सी खाने की आदतें अपनानी चाहिए।

तो चलिए, ‘जरूरत की खबर’ में बात करते हैं कि मानसून में किन चीजों को खाने से बचना चाहिए? साथ ही जानेंगे कि-इस मौसम में कौन-सी सब्जियां खाना सुरक्षित है?
मानसून में फूड इन्फेक्शन का खतरा क्यों बढ़ जाता है ?
बारिश के मौसम में कटे हुए फल, पत्तेदार सब्जियां, दूध और दही जैसी चीजें जल्दी खराब हो जाती हैं। खुले में रखे खाद्य पदार्थों पर बैक्टीरिया और फंगस तेजी से जमा हो सकते हैं। सड़क किनारे मिलने वाले चाट, पकौड़े और कटे-फ्रूट्स जैसे फूड आइटम्स गंदगी और बारिश के पानी के संपर्क में आकर संक्रमण का कारण बन सकते हैं। इस वजह से मानसून में फूड से जुड़ी सावधानियां बेहद जरूरी हो जाती|
मानसून में किन सब्जियों से परहेज करना चाहिए ?
बारिश के मौसम में कुछ सब्जियां जल्दी खराब हो जाती हैं और इनमें बैक्टीरिया या फंगस पनप सकता है। ऐसी सब्जियां खाने से पेट दर्द, गैस, दस्त या इन्फेक्शन जैसी दिक्कतें हो सकती हैं। कौन-सी सब्जियां इस मौसम में खाने से बचनी चाहिए, ये आप नीचे दिए गए ग्राफिक में देख सकते हैं।

मानसून में सब्जियों के अलावा किन चीजों को खाने से बचना चाहिए?
मानसून में पाचन तंत्र थोड़ा कमजोर हो जाता है। ऐसे में भारी, तला-भुना खाना या जल्दी खराब होने वाली चीजें खाना नुकसानदायक हो सकता है। इस मौसम में दूध से बनी मिठाइयां, कटे हुए फल, स्ट्रीट फूड और लंबे समय से फ्रिज में रखी चीजों से परहेज करना चाहिए क्योंकि इनमें जल्दी बैक्टीरिया या फंगस पनप सकता है।

बारिश के मौसम में नमी बढ़ जाती है, जिससे बैक्टीरिया, वायरस और फंगस तेजी से फैलते हैं। यही कारण है कि मानसून में कई मौसमी बीमारियां जैसे डायरिया, फूड पॉइजनिंग और टायफाइड का खतरा बढ़ जाता है।
इस मौसम में कुछ खाद्य पदार्थ जल्दी खराब हो जाते हैं या शरीर के लिए हानिकारक साबित हो सकते हैं। खासतौर पर सड़क किनारे मिलने वाले कटे-फ्रूट्स, तला-भुना खाना या लंबे समय तक रखा हुआ भोजन संक्रमण का कारण बन सकता है। इसलिए स्वस्थ रखने के लिए यह जानना जरूरी है कि इस मौसम में किन चीजों से बचना चाहिए और कौन-सी खाने की आदतें अपनानी चाहिए।
खरीदते समय अच्छे से चेक करें
सब्जियां खरीदते वक्त ध्यान दें कि वो ताजा हों, उन पर दाग-धब्बे या सड़न न हो। बहुत ज्यादा नरम या गीली सब्जियां न लें क्योंकि उनमें फफूंदी लगने का खतरा ज्यादा होता है।

अच्छे से धोएं

सब्जियों को घर लाकर बहते पानी में अच्छे से धोएं। धोई हुई सब्जियों को सीधे फ्रिज में न रखें। पहले किसी सूती कपड़े पर फैला कर थोड़ा सूखा लें, ताकि उनमें नमी न रहे।
हाथ और बर्तन साफ रखें

सब्जी काटने से पहले हाथ अच्छे से धो लें। चाकू और चॉपिंग बोर्ड भी साफ रखें। गंदे हाथ या बर्तन से बैक्टीरिया सब्जी में आ सकते हैं।
ज्यादा स्टोर न करें

हर बार ज्यादा सब्जी खरीदने की जगह थोड़ा-थोड़ा खरीदें और 2-3 दिन में इस्तेमाल कर लें। पुरानी सब्जी जल्दी खराब होती है।
बारिश में किचन हाइजीन को लेकर किन बातों का ध्यान रखना चाहिए?
मानसून में किचन में बैक्टीरिया, फंगस और कीड़े-मकोड़े जल्दी पनपते हैं। खाना भी जल्दी खराब हो जाता है। ऐसे में किचन को साफ और बैक्टीरिया फ्री रखना बहुत जरूरी है। इसके लिए कुछ बातों का ध्यान रखें। जैसेकि-

रोज किचन के प्लेटफॉर्म, गैस स्टोव और सिंक को अच्छे से साफ करें। गीले कपड़े की बजाय ड्राई कपड़ा या डिसइंफेक्टेंट से पोछें, ताकि नमी न रहे।
डस्टबिन को रोज खाली करें और उसे ढंककर रखें। ज्यादा देर तक कचरा रखने से उसमें से बदबू और कीड़े-मकोड़े निकल सकते हैं।
चावल, दाल, मसाले जैसी चीजों को एयरटाइट कंटेनर में रखें। नमी से इनमें फंगस लग सकता है या कीड़े पड़ सकते हैं।
हफ्ते में एक बार फ्रिज की सफाई करें। फ्रिज में ज्यादा नमी न हो, इसलिए सब्जियों और बाकी चीजों को अच्छे से सुखाकर रखें।
बरसात में चींटियां, कॉकरोच और मक्खियां किचन में जल्दी आ जाते हैं। ऐसे में कीटनाशक (जैसे नैप्थलीन बॉल्स या हर्बल स्प्रे) का इस्तेमाल करें। लेकिन इन्हें खाने की चीजों से दूर रखका रिस्क:डाइट में करें बदलाव, डाइटीशियन से जानें इम्यूनिटी बढ़ाने के लिए क्या खाये?
