
मुंबई: हिंदी सिनेमा की कल्ट फिल्म ‘डॉन’ के निर्देशक चंद्र बरोट का 86 वर्ष की उम्र में निधन हो गया है। बताया जा रहा है कि वे पिछले सात वर्षों से बीमार चल रहे थे। उनके निधन की जानकारी उनकी पत्नी ने दी है।
चंद्र बरोट ने अपने करियर की शुरुआत बतौर सहायक निर्देशक की थी और ‘पूरब और पश्चिम’, ‘शोर’, ‘रोटी कपड़ा और मकान’ जैसी फिल्मों में योगदान दिया। साल 1978 में उन्होंने ‘डॉन’ के रूप में बतौर निर्देशक डेब्यू किया। फिल्म में अमिताभ बच्चन, जीनत अमान और प्राण जैसे बड़े सितारे थे, और इसे सलीम-जावेद की जोड़ी ने लिखा था। 7 मिलियन की लागत से बनी यह फिल्म 70 मिलियन की कमाई कर ब्लॉकबस्टर साबित हुई।
फिल्मों से पहले बैंकिंग में करियर
तंजानिया में जन्मे और पले-बढ़े चंद्र बरोट ने अपने करियर की शुरुआत एक बैंक कर्मचारी के रूप में की थी। इसके बाद वे भारत आकर मनोज कुमार के मार्गदर्शन में फिल्मी दुनिया में आए।
डॉन के बाद संघर्ष
‘डॉन’ के बाद चंद्र बरोट ने कुछ बंगाली फिल्मों और हिंदी फिल्मों का निर्देशन किया, लेकिन कोई भी फिल्म उस मुकाम तक नहीं पहुंची। ‘आश्रिता’ (1989) और ‘प्यार भरा दिल’ (1991) उनकी प्रमुख असफल फिल्में थीं।
उन्होंने ‘मास्टर’ (दिलीप कुमार के साथ) और ‘तितली’ (सारिका के साथ) जैसी फिल्में शुरू कीं, जो कभी पूरी नहीं हो सकीं। इसके अलावा ‘बॉस’, ‘नील को पकड़ना… इम्पॉसिबल’ और ‘हांगकांग वाली स्क्रिप्ट’ जैसी परियोजनाएँ भी अधूरी रह गईं।
हालाँकि उन्होंने बस एक ही सुपरहिट फिल्म दी, लेकिन ‘डॉन’ जैसी कल्ट क्लासिक ने उन्हें हिंदी सिनेमा में अमर कर दिया।