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ट्रांसपोर्ट का काम दिलाने का झांसा देकर म्यूल खातों में मंगवाते थे रकम, दो गिरफ्तार

अजमेर। साइबर थाना पुलिस ने ट्रांसपोर्ट व्यवसायी से साइबर ठगी करने वाले दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से साइबर ठगी में उपयोग की गई दो कार भी जब्त की हैं। आरोपी ट्रांसपोर्ट कंपनी का संचालक बनकर लोगों को झांसे में लेते और ट्रक उपलब्ध करवाने के नाम पर एडवांस राशि मंगवाकर उसे म्यूल खातों में ट्रांजेक्शन कराते थे। इसके बाद रकम को अलग-अलग बैंक खातों में ट्रांसफर कर नकद निकासी कर लेते थे। गिरफ्तार दोनों आरोपी सीकर जिले के हैं। पुलिस इनकी कई दिनों से तलाश कर रही थी। डीवाईएसपी शमशेर खान ने बताया कि 18 अगस्त को अज्ञात कॉलर्स ने खुद को सांवरिया ट्रांसपोर्ट कंपनी, नागौर का संचालक बताकर परिवादी नारायण जाट को माल ढुलाई के लिए गणेश रोड लाइंस, पावटा कोटपूतली से ट्रक उपलब्ध करवाने का झांसा दिया। आरोपियों ने एडवांस के तौर पर 2 लाख रुपए म्यूल खाते में ट्रांसफर करा लिए यह राशि मूल ट्रांसपोर्ट संचालक को नहीं दी। मामला दर्ज करने के बाद साइबर क्राइम थाना अजमेर की टीम ने जांच शुरू की और आरोपियों की तलाश शुरू की। टीम ने साइबर पोर्टल 1930 की रिपोर्ट से संदिग्ध बैंक खातों की पहचान की। संबंधित बैंक से बैंक स्टेटमेंट, एओएफ और केवाईसी विवरण हासिल किए। जांच के दौरान हैड कांस्टेबल जितेंद्र सिंह व कांस्टेबल सोहनलाल ने साइबर ठगी को अंजाम देने वाले संदिग्धों की पहचान टैक्सी चालकों के रूप में की। आरोपियों की पहचान होने के बाद इन्हें पकड़ने के लिए जाल बिछाया गया। दोनों ने सवारी बनकर टैक्सी चालक मनीष मीणा व अभिलाष मीणा, निवासी मीणों की ढाणी गांव कल्याणपुरा जिला सीकर से संपर्क किया। दोनों झांसे में आ गए। इसके बाद दोनों ठगों को हिरासत में ले लिया। इन दोनों साइबर ठगों और इससे पहले पकड़े गए दिल्ली के चार साइबर ठगों के बीच कड़ी को खंगाला जा रहा है। दिल्ली निवासी विकास कुमार, अमृतराज, सूर्यांश और आसिफ को गिरफ्तार किया गया था। पुलिस अब सीकर और दिल्ली के इन ठगों के बीच कनेक्शन की जांच कर रही है।

Amit
Author: Amit

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