अब सिर्फ चालान भरकर नहीं बचेंगे! गलत ड्राइविंग पर कटेंगे पॉइंट, लिमिट पार हुई तो जा सकता है DL

नई दिल्ली। सड़क पर बार-बार ट्रैफिक नियम तोड़ने वाले वाहन चालकों की मुश्किलें आने वाले समय में बढ़ सकती हैं। केंद्र सरकार ड्राइविंग लाइसेंस (DL) और वाहन रजिस्ट्रेशन से जुड़ा ग्रेडेड पॉइंट सिस्टम लाने की तैयारी कर रही है। प्रस्तावित व्यवस्था में ट्रैफिक नियमों के उल्लंघन का असर केवल चालान और जुर्माने तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि चालक के ड्राइविंग रिकॉर्ड पर भी पड़ेगा। लगातार नियम तोड़ने की स्थिति में ड्राइविंग लाइसेंस सस्पेंड या रद्द तक किया जा सकता है।
कैसे काम करेगा नया पॉइंट सिस्टम?
प्रस्ताव के मुताबिक वाहन चालक द्वारा किए गए ट्रैफिक उल्लंघनों को उसके ड्राइविंग रिकॉर्ड से जोड़ा जाएगा। रेड लाइट जंप करना, ओवरस्पीडिंग, शराब पीकर वाहन चलाना और दूसरे गंभीर ट्रैफिक उल्लंघन चालक के रिकॉर्ड को प्रभावित कर सकते हैं।
जैसे-जैसे उल्लंघन बढ़ेंगे, चालक के खिलाफ नेगेटिव या डिमेरिट पॉइंट जमा होंगे। निर्धारित सीमा तक पहुंचने पर ड्राइविंग लाइसेंस को कुछ समय के लिए सस्पेंड किया जा सकता है। लगातार या गंभीर उल्लंघन की स्थिति में लाइसेंस रद्द करने जैसी सख्त कार्रवाई का रास्ता भी खुल सकता है।
अभी लागू नहीं हुआ है नया सिस्टम
वाहन चालकों के लिए सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि देशभर में यह पॉइंट-बेस्ड डिमेरिट सिस्टम अभी लागू नहीं हुआ है। सरकार इस व्यवस्था को लाने पर काम कर रही है।
फरवरी 2026 में लोकसभा में सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय ने स्पष्ट किया था कि Motor Vehicles Act, 1988 में पॉइंट-बेस्ड डिमेरिट सिस्टम शुरू करने के लिए आवश्यक संशोधन विचाराधीन हैं। मंत्रालय ने यह भी बताया कि e-Challan पोर्टल में बार-बार नियम तोड़ने वालों की रियल-टाइम ट्रैकिंग की व्यवस्था मौजूद है।
इसलिए सोशल मीडिया या अन्य माध्यमों पर यदि यह दावा किया जा रहा हो कि पूरे देश में निश्चित संख्या में पॉइंट कटने के बाद DL अपने-आप रद्द होने का नया नियम लागू हो चुका है, तो इसे फिलहाल लागू नियम नहीं समझना चाहिए।
अच्छे ड्राइवरों को मिल सकता है फायदा
प्रस्तावित व्यवस्था केवल नियम तोड़ने वालों को दंडित करने तक सीमित नहीं रह सकती। अच्छे ड्राइविंग रिकॉर्ड वाले वाहन चालकों को प्रोत्साहित करने की भी योजना है। केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी के अनुसार अच्छे रिकॉर्ड वाले चालकों को भविष्य में बीमा कंपनियों की ओर से इंसेंटिव मिलने की संभावना है।
सड़क सुरक्षा पर सरकार का फोकस
सरकार का उद्देश्य ऐसे वाहन चालकों की पहचान करना है जो बार-बार यातायात नियमों का उल्लंघन करते हैं। इसके साथ ड्राइवर ट्रेनिंग को बेहतर बनाने पर भी जोर दिया जा रहा है। मौजूदा Motor Vehicles Act में भी लाइसेंस सस्पेंड होने के बाद चालक के लिए निर्धारित परिस्थितियों में ड्राइवर रिफ्रेशर ट्रेनिंग कोर्स का प्रावधान मौजूद है।
यदि प्रस्तावित पॉइंट सिस्टम लागू होता है तो इसका सीधा संदेश साफ होगा—सड़क पर नियम तोड़ना केवल जेब पर भारी नहीं पड़ेगा, बल्कि बार-बार लापरवाही आपकी गाड़ी चलाने की कानूनी अनुमति भी छीन सकती है।
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