लाइक्स की भूख या जिंदगी से खिलवाड़? वायरल होने के लिए जोखिम उठा रहे युवा, भारत में भी बढ़ती चिंता

सोशल मीडिया पर चंद सेकंड की Reel, हजारों Likes और रातों-रात Viral होने की चाह युवाओं को ऐसे जोखिम उठाने के लिए प्रेरित कर रही है, जहां एक छोटी-सी गलती जिंदगी की आखिरी गलती साबित हो सकती है। तेज रफ्तार गाड़ी चलाना, चलती बाइक पर स्टंट करना, रेलवे ट्रैक या ऊंची जगहों पर वीडियो बनाना—भारत में सामने आ रही ऐसी घटनाएं अब गंभीर सवाल खड़ा कर रही हैं: आखिर डिजिटल लोकप्रियता के लिए युवा कितनी बड़ी कीमत चुकाने को तैयार हैं?
Reel में ‘Hero’ बनने की चाह, असल जिंदगी में खतरा
Instagram Reels, YouTube Shorts और दूसरे सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ने युवाओं को अपनी प्रतिभा और रचनात्मकता दिखाने का बड़ा मंच दिया है। लेकिन इसी के साथ Views, Followers, Likes और Shares की होड़ का एक खतरनाक पहलू भी सामने आ रहा है।
कुछ युवा ऐसा कंटेंट बनाने की कोशिश कर रहे हैं जो बाकी वीडियो से ज्यादा चौंकाने वाला हो। नतीजा—कभी तेज रफ्तार वाहन पर स्टंट, कभी चलती कार से बाहर निकलकर वीडियो, तो कभी खतरनाक पहाड़ियों, पुलों या रेलवे ट्रैक पर Reel।
भारत में 2026 में भी ऐसी कई घटनाएं सामने आई हैं। जुलाई में गुरुग्राम के अरावली क्षेत्र स्थित Leopard Trail पर बारिश के दौरान युवाओं द्वारा वाहनों से जोखिम भरे स्टंट करते हुए Reel बनाने का मामला सामने आया। वायरल वीडियो के बाद पुलिस ने वाहनों की पहचान कर कार्रवाई शुरू की थी।
हैदराबाद में भी मार्च 2026 में व्यस्त सड़क पर युवकों द्वारा स्कूटर पर खतरनाक स्टंट करने और दूसरे वाहन से उसका वीडियो रिकॉर्ड करने का मामला सामने आया, जिसके बाद पुलिस ने केस दर्ज किया।
भारत सरकार तक पहुंचा ‘Reel बनाते हुए Driving’ का मुद्दा
मामला केवल कुछ वायरल वीडियो तक सीमित नहीं है। मार्च 2026 में राज्यसभा में बाकायदा ड्राइविंग के दौरान सोशल मीडिया के लिए वीडियो रिकॉर्ड करने और उससे पैदा होने वाले सड़क सुरक्षा जोखिमों पर सवाल पूछा गया। सरकार से यह भी पूछा गया कि युवाओं में ऐसी असुरक्षित गतिविधियों को रोकने के लिए जागरूकता और प्रवर्तन के स्तर पर क्या कदम उठाए जा रहे हैं।
यह इस बात का संकेत है कि मोबाइल फोन और सोशल मीडिया के लिए कंटेंट बनाते समय होने वाला विचलन अब सड़क सुरक्षा से जुड़ा गंभीर विषय बन चुका है।
विदेशों का खतरनाक ट्रेंड भारत के लिए चेतावनी
ब्रिटेन और आयरलैंड में हाल की घटनाओं ने इस समस्या का भयावह रूप दिखाया है। आयरलैंड में मोटरवे पर गलत दिशा में चल रही कार की दुर्घटना में पांच किशोरों की मौत हुई। पुलिस ने सोशल मीडिया पर खतरनाक और अवैध ड्राइविंग दिखाने की प्रवृत्ति को लेकर चिंता जताई, जिसके बाद वहां के सांसदों ने TikTok से उसके कंटेंट मॉडरेशन पर जवाब भी मांगा।
ब्रिटेन में भी गलत दिशा में जा रही एक कार की टक्कर में पांच युवकों और दो पुलिस अधिकारियों समेत सात लोगों की मौत के बाद खतरनाक ड्राइविंग को महिमामंडित करने वाले सोशल मीडिया कंटेंट पर कार्रवाई की मांग तेज हुई है।
इन घटनाओं को भारत के लिए भी चेतावनी की तरह देखा जाना चाहिए।
Likes आते हैं और चले जाते हैं, जिंदगी वापस नहीं आती
सोशल मीडिया की लोकप्रियता अपने आप में समस्या नहीं है। समस्या तब शुरू होती है जब ‘कुछ अलग करके दिखाने’ की कोशिश में सुरक्षा, कानून और जिंदगी पीछे छूट जाए।
भारत में भी Reel बनाने के दौरान सड़क दुर्घटना, ऊंचाई से गिरने, डूबने और बिजली की चपेट में आने जैसी घटनाओं ने इस प्रवृत्ति की गंभीरता की ओर ध्यान खींचा है।
युवाओं को यह समझना होगा कि कैमरे पर कुछ सेकंड का रोमांच वास्तविक दुनिया के खतरे को कम नहीं करता। वीडियो वायरल हो सकता है, Followers बढ़ सकते हैं और Likes लाखों तक पहुंच सकते हैं—लेकिन एक गलत फैसला खुद के साथ किसी निर्दोष राहगीर या दूसरे वाहन चालक की जिंदगी भी खतरे में डाल सकता है।
सवाल सिर्फ युवाओं से नहीं, परिवार और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म से भी
ऐसे मामलों में पूरी जिम्मेदारी युवाओं पर डाल देना पर्याप्त नहीं होगा। अभिभावकों, स्कूल-कॉलेजों, पुलिस-प्रशासन और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म सभी की भूमिका महत्वपूर्ण है।
खतरनाक स्टंट वाले वीडियो को ‘Cool’ या ‘Heroic’ बनाकर पेश करने के बजाय उनके वास्तविक परिणामों के प्रति जागरूकता बढ़ाने की जरूरत है। साथ ही सड़क सुरक्षा और जिम्मेदार डिजिटल व्यवहार को युवाओं के बीच लगातार बढ़ावा देना होगा।
क्योंकि सोशल मीडिया पर सबसे बड़ी उपलब्धि Viral होना नहीं, बल्कि अपनी प्रतिभा और रचनात्मकता को जिम्मेदारी के साथ दुनिया तक पहुंचाना है।
शुभदा शक्ति संदेश:
“Reel दोबारा बनाई जा सकती है, जिंदगी नहीं। Likes के लिए Life को Risk में न डालें।”






