पंचकूला। दिव्यांगजन के लिए सरकारी सेवाओं तक पहुंच आसान और सम्मानजनक बनाने की दिशा में पंचकूला प्रशासन ने महत्वपूर्ण कदम उठाया है। जिले के सरकारी कार्यालयों को दिव्यांगजन अनुकूल बनाने के निर्देश दिए गए हैं। सरकारी भवनों में रैंप, हैंडरेल, सुलभ शौचालय, व्हीलचेयर, स्पष्ट संकेतक और बाधारहित आवागमन जैसी सुविधाओं पर विशेष ध्यान दिया जाएगा।
पंचकूला के उपायुक्त सतपाल शर्मा ने संबंधित अधिकारियों को सरकारी कार्यालयों में दिव्यांगजन के लिए आवश्यक सुविधाएं सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। इस पहल का उद्देश्य दिव्यांग नागरिकों को सरकारी सेवाओं का लाभ लेने के दौरान आने वाली बाधाओं को कम करना है।

दिव्यांगजन अनुकूल सरकारी कार्यालयों में मिलेंगी ये सुविधाएं
सरकारी भवनों में accessibility को बेहतर बनाने के लिए कई महत्वपूर्ण व्यवस्थाओं पर जोर दिया गया है। इनमें रैंप और हैंडरेल, सुलभ शौचालय, उचित बैठने की व्यवस्था, स्पष्ट संकेतक (Signage), बाधारहित रास्ते और जरूरत के अनुसार सहायता शामिल हैं।
इन सुविधाओं से विशेष रूप से व्हीलचेयर उपयोगकर्ताओं और चलने-फिरने में कठिनाई का सामना करने वाले लोगों को सरकारी कार्यालयों तक पहुंचने में आसानी होगी।
हर सरकारी कार्यालय में व्हीलचेयर उपलब्ध कराने के निर्देश
प्रशासन ने सरकारी कार्यालयों और भवनों में कम से कम एक व्हीलचेयर उपलब्ध रखने के निर्देश भी दिए हैं। इससे जरूरत पड़ने पर दिव्यांगजन को कार्यालय परिसर में आवागमन करने में सहायता मिल सकेगी।
यह सुविधा वरिष्ठ नागरिकों और अस्थायी रूप से चलने-फिरने में परेशानी का सामना कर रहे लोगों के लिए भी उपयोगी साबित हो सकती है।
दिव्यांगजन को सरकारी सेवाओं में मिले प्राथमिकता
सुगम्यता केवल रैंप या व्हीलचेयर उपलब्ध कराने तक सीमित नहीं है। सरकारी कार्यालयों में आने वाले दिव्यांगजन को प्राथमिकता के आधार पर सहायता उपलब्ध कराने और उनके मामलों के यथासंभव शीघ्र निस्तारण पर भी जोर दिया गया है।
दिव्यांगजन के लिए सरकारी सेवाओं तक समान पहुंच सुनिश्चित करने में कर्मचारियों का व्यवहार और समय पर सहायता भी उतनी ही महत्वपूर्ण है जितनी किसी भवन की भौतिक सुगम्यता।
सरकारी योजनाओं की जानकारी भी होगी आसानी से उपलब्ध
सरकारी विभागों को दिव्यांगजन और आम नागरिकों से संबंधित सरकारी योजनाओं, सेवाओं और लाभों की नवीनतम जानकारी प्रमुख स्थानों पर प्रदर्शित करने के निर्देश दिए गए हैं।
पंचकूला मिनी सचिवालय स्थित अंत्योदय केंद्र में भी योजनाओं की जानकारी उपलब्ध कराने तथा किसी योजना में बदलाव या नई योजना शुरू होने पर सूचना को अपडेट करने के लिए कहा गया है।
इससे पात्र लाभार्थियों को सरकारी योजनाओं और सुविधाओं के बारे में सही जानकारी प्राप्त करने में मदद मिल सकती है।
RPwD Act 2016 और Universal Accessibility Guidelines से जुड़ी पहल
सरकारी कार्यालयों को दिव्यांगजन के लिए सुगम बनाने की यह पहल Rights of Persons with Disabilities (RPwD) Act, 2016 और Harmonised Guidelines and Standards for Universal Accessibility in India, 2021 में निहित सुगम्यता की भावना से जुड़ी है।
दिव्यांगजन के लिए accessibility का अर्थ केवल किसी भवन में प्रवेश की सुविधा नहीं है। इसका उद्देश्य ऐसी व्यवस्था विकसित करना है, जिसमें व्यक्ति अधिकतम संभव स्वतंत्रता, सुरक्षा और सम्मान के साथ सार्वजनिक सेवाओं का उपयोग कर सके।
सवाल पंचकूला का ही नहीं, देशभर के सरकारी कार्यालयों का है
पंचकूला प्रशासन की पहल एक महत्वपूर्ण उदाहरण प्रस्तुत करती है, लेकिन इसके साथ एक बड़ा सवाल भी सामने आता है—क्या देश के प्रत्येक सरकारी कार्यालय को पूरी तरह दिव्यांगजन अनुकूल नहीं होना चाहिए?
रैंप, सुलभ शौचालय, व्हीलचेयर, स्पष्ट संकेतक और बाधारहित रास्ते को अतिरिक्त सुविधा के रूप में देखने के बजाय समान पहुंच सुनिश्चित करने वाली बुनियादी व्यवस्था के रूप में देखा जाना चाहिए।
एक दिव्यांग नागरिक को प्रमाण पत्र बनवाने, किसी सरकारी योजना के लिए आवेदन करने या अपने अधिकार से जुड़ी सेवा प्राप्त करने के लिए केवल इसलिए अतिरिक्त कठिनाई का सामना नहीं करना चाहिए क्योंकि सरकारी भवन उसके लिए सुलभ नहीं है।
शुभदा शक्ति की नजर से
दिव्यांगजन अनुकूल सरकारी कार्यालय केवल infrastructure का विषय नहीं, बल्कि समानता, अधिकार और सम्मान से जुड़ा मुद्दा है। पंचकूला में उठाया गया कदम तभी वास्तविक बदलाव का उदाहरण बनेगा, जब निर्धारित सुविधाएं जमीनी स्तर पर प्रभावी ढंग से उपलब्ध हों।
साथ ही देश के अन्य जिलों और सरकारी संस्थानों में भी accessibility को प्राथमिकता देने की आवश्यकता है, ताकि दिव्यांगजन बिना अनावश्यक निर्भरता और बाधाओं के सरकारी सेवाओं तक पहुंच सकें।
शुभदा शक्ति का उद्देश्य है—दिव्यांगों को दुनिया और दुनिया को दिव्यांगों से जोड़ना।
जानकारी से जागरूकता, जागरूकता से अधिकार और अधिकार से सशक्तिकरण।






