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नेपाल की पहली महिला पीएम बनीं सुशीला कार्की:फिलहाल कोई मंत्री नहीं; राष्ट्रपति का ऐलान- 6 महीने में होंगे चुनाव

नेपाल की अंतरिम सरकार की प्रमुख बनीं सुशीला कार्की, राष्ट्रपति भवन में हुआ शपथ ग्रहण

नेपाल की पहली महिला मुख्य न्यायाधीश रहीं सुशीला कार्की नेपाल की अंतरिम प्रधानमंत्री बन गई हैं। उन्हें राष्ट्रपति रामचंद्र पौडेल ने राष्ट्रपति भवन शीतल निवास में शपथ दिलाई।

नेपाल में युवा पीढ़ी के हिंसक प्रदर्शनों के बाद उपजे राजनीतिक संकट के बीच शुक्रवार को पूर्व मुख्य न्यायाधीश सुशीला कार्की को अंतरिम सरकार की कमान सौंप दी गई। शुक्रवार को राष्ट्रपति रामचंद्र पौडेल ने राष्ट्रपति भवन में उन्हें शपथ दिलाई। इससे पहले नेपाल की संसद को भंग कर दिया गया था

सुशीला कार्की नेपाल की पहली महिला अंतरिम पीएम बन गई हैं। उन्हें राष्ट्रपति रामचंद्र पौडेल ने शुक्रवार रात राष्ट्रपति भवन शीतल निवास में शपथ दिलाई। फिलहाल किसी और को मंत्री नहीं बनाया गया है।

राष्ट्रपति ने ऐलान किया है कि अगले छह महीनों के भीतर संसद का नया चुनाव कराया जाएगा। वहीं, Gen-Z नेताओं ने इस सरकार में शामिल होने से इनकार कर दिया। उनका कहना है कि वे सरकार में शामिल नहीं होंगे, लेकिन सरकार के कामकाज की निगरानी करेंगे।

सुशीला कार्की नेपाल की पहली महिला चीफ जस्टिस भी रह चुकीं हैं। उन्होंने बनारस हिंदू यूनिवर्सिटी (BHU) से पॉलिटिकल साइंस में पोस्ट ग्रेजुएशन किया है।

  • नए संविधान के लागू होने के बाद सभी सरकारें अनुच्छेद 76 के तहत बनाई जाती थीं।
  • लेकिन सुशीला कार्की को अनुच्छेद 61 के अनुसार प्रधानमंत्री नियुक्त किया गया।
  • अनुच्छेद 61 में सीधे प्रधानमंत्री के पद या शक्तियों का कोई जिक्र नहीं है।
  • इसमें मुख्य रूप से राष्ट्रपति का काम और जिम्मेदारियां बताई गई हैं।
  • राष्ट्रपति अनुच्छेद 61 के मुताबिक संविधान की रक्षा का काम करते हैं।
  • इसलिए, राष्ट्रपति ने उसी अनुच्छेद के अनुसार पीएम की नियुक्ति की है।

नेपाल में भारतीय राजदूत ने सुशीला कार्की को बधाई दी

नेपाल में भारतीय राजदूत नवीन श्रीवास्तव ने शपथ ग्रहण समारोह में सुशीला कार्की से मुलाकात कर उन्हें बधाई दी।

नेपाल में कोई जज दूसरी बार पीएम बना

सुशीला कार्की पहली ऐसी शख्स नहीं हैं जो न्यायधीश बनने के बाद अंतरिम पीएम बनी हैं। पहली बार ऐसा 2013 को हुआ था, जब मुख्य न्यायाधीश खिलराज रेग्मी के नेतृत्व में चुनावी सरकार बनाई गई थी।

पहली संविधान सभा के विघटन के बाद देश में राजनीतिक गतिरोध (रुकावट) पैदा हो गया था। इसे हल करने के लिए सभी राजनीतिक दलों ने समझौता किया और रेग्मी को सरकार बनाने का जिम्मा दिया। उनकी सरकार ने चुनाव कराए और इसके बाद दूसरी संविधान सभा का गठन हुआ।

शपथ ग्रहण में उपराष्ट्रपति और चीफ जस्टिस भी मौजूद थे

लंबी रस्साकशी के बाद राष्ट्रपति राम चंद्र पौडेल ने पूर्व मुख्य न्यायाधीश सुशीला कार्की को अंतरिम प्रधानमंत्री नियुक्त किया है। शपथ ग्रहण समारोह में उपराष्ट्रपति राम सहाय प्रसाद यादव, चीफ जस्टिस, नेपाल सरकार के कई बड़े अधिकारी और डिप्लोमैट मौजूद थे।

केपी ओली की पार्टी ने संसद भंग करने का विरोध किया

नेपाल में संसद भंग करने के फैसले का राजनीतिक दलों ने विरोध शुरू कर दिया है। पूर्व प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली की पार्टी कम्युनिस्ट पार्टी ऑफ नेपाल के महासचिव शंकर पोखरेल ने इस फैसले को दुर्भाग्यपूर्ण बताया।

पोखरेल ने देशवासियों से सतर्क रहने की अपील की। उन्होंने अपनी पार्टी के कार्यकर्ताओं और समर्थकों से इस फैसले के खिलाफ सड़कों पर उतरने की अपील की है।

Gen-Z प्रदर्शनकारी नेपाल कैबिनेट में शामिल नहीं होंगे

नेपाल की जेन-Z कोर कमेटी के सदस्यों ने कहा है कि वे सुशीला कार्की के शपथ ग्रहण समारोह में शामिल होंगे, लेकिन कैबिनेट में कोई पद नहीं लेंगे। इसके बजाय, वे अंतरिम सरकार के कामकाज की निगरानी करेंगे।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, सुशीला कार्की के साथ कुलमान घीसिंग, ओम प्रकाश अर्याल और बालानंद शर्मा भी शपथ लेंगे।

राष्ट्रपति भवन के बाहर सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम
सुशीला कार्की के शपथ ग्रहण से पहले नेपाल के राष्ट्रपति भवन शीतल निवास के बाहर सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए। बड़ी संख्या में सेना के जवान भवन के सामने मौजूद हैं।

ओमप्रकाश अर्याल को मंत्री बनने की तैयारी

वरिष्ठ अधिवक्ता ओमप्रकाश अर्याल को मंत्री पद सौंपे जाने की तैयारी चल रही है. अर्याल वर्तमान में राष्ट्रपति भवन में मौजूद हैं. ये जानकारी सूत्रों के हवाले से आयी है.

इसके साथ ही, Gen-Z आंदोलन के प्रतिनिधि भी सरकार के साथ संवाद के लिए शामिल किए जाने की संभावना है, जिसमें एक या दो प्रतिनिधि सहभागी होंगे.

नेपाल में छोटा मंत्रिमंडल बनाने की तैयारी

सुशीला कार्की के शपथग्रहण के बाद राष्ट्रपति भवन में उनकी पहली कैबिनेट बैठक आयोजित की जाएगी. सूत्रों के अनुसार, इस बैठक में छोटा मंत्रिमंडल बनाने का निर्णय लिया जा सकता है. इसके अलावा, न्यायिक जांच आयोग और भ्रष्टाचार के खिलाफ एक शक्तिशाली आयोग बनाने के प्रस्ताव पर भी चर्चा होने की संभावना है. यह कदम सरकार की प्राथमिकताओं और प्रशासनिक कार्यवाही को तेजी से लागू करने के उद्देश्य से उठाया जा रहा है.

नेपाल में संकटकाल की तैयारी

नेपाल में वर्तमान तनावपूर्ण स्थिति को देखते हुए सरकार ने ‘संकटकाल’ लागू करने की तैयारी शुरू कर दी है. सुरक्षा उपायों को बढ़ाते हुए पूरे देश में सेना की तैनाती बढ़ा दी गई है. सूत्रों के अनुसार, आज की पहली कैबिनेट बैठक में सुशीला कार्की की अध्यक्षता में देश की स्थिति पर चर्चा कर संकटकाल लगाने की सिफारिश की जाएगी. इसके बाद राष्ट्रपति इसे रात 12 बजे से लागू करने की प्रक्रिया शुरू करेंगे.

नेपाल के संविधान की धारा 273 के तहत, यदि देश में युद्ध, प्राकृतिक आपदा, सशस्त्र विद्रोह या किसी भी प्रकार की गंभीर विपत्ति आती है, तो राष्ट्रपति सरकार की सिफारिश पर अधिकतम छह महीने तक संकटकाल लागू कर सकते हैं.

SHUBHDA SHAKTI
Author: SHUBHDA SHAKTI

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