रंग-बिरंगी रंगोली, सजे हुए दीप और फूलझड़ियों के बीच विशेष बच्चे दिखाएंगे अपनी रचनात्मक प्रतिभा, समावेश और समान भागीदारी का संदेश देगा आयोजन
शुभदा शक्ति न्यूज़ | अजमेर। दीपावली केवल दीप जलाने और घरों को रोशन करने का पर्व नहीं, बल्कि प्रेम, अपनत्व और खुशियां बांटने का भी उत्सव है। इसी भावना को साकार करने के लिए अजमेर के कोटड़ा स्थित शुभदा स्पेशल वर्ल्ड में बुधवार, 4 नवंबर को विशेष बच्चों के साथ दीपावली महोत्सव का आयोजन किया जाएगा। इस अवसर पर बच्चे अपनी कल्पनाशीलता और रचनात्मक प्रतिभा से रंगोली सजाकर, रंग-बिरंगे दीप तैयार कर और उत्सव की विभिन्न गतिविधियों में भाग लेकर खुशियों के रंग बिखेरेंगे।
रंगोली और दीप सजाकर दिखाएंगे अपनी प्रतिभा
महोत्सव में विशेष बच्चे अपनी पसंद के रंगों से आकर्षक रंगोली बनाएंगे और मिट्टी के दीपों को सजाएंगे। इन गतिविधियों के माध्यम से बच्चों को अपनी भावनाओं, कल्पनाओं और कलात्मक क्षमताओं को अभिव्यक्त करने का अवसर मिलेगा। रंगों और रोशनी से सजा यह उत्सव बच्चों के लिए आनंद और उत्साह के यादगार पल लेकर आएगा।
सुबह 11 बजे से शुरू होगा दीपावली उत्सव
संस्था के मुख्य कार्यकारी अधिकारी अपूर्व सेन ने बताया कि दीपावली महोत्सव की शुरुआत बुधवार सुबह 11 बजे से होगी। कार्यक्रम में बच्चे सामूहिक रूप से दीप प्रज्वलित करेंगे। साथ ही सुरक्षा और उचित निगरानी के बीच फूलझड़ी एवं अनार जैसी आतिशबाजी का आनंद भी लेंगे। आयोजन के दौरान बच्चों की सुविधाओं और सुरक्षा का विशेष ध्यान रखा जाएगा।
हर बच्चे को मिले खुशियों में समान भागीदारी का अवसर
अपूर्व सेन ने बताया कि आयोजन का मुख्य उद्देश्य विशेष बच्चों को त्योहार की खुशियों में समान भागीदारी का अवसर प्रदान करना, उनके आत्मविश्वास को बढ़ावा देना और उनकी रचनात्मक क्षमताओं को प्रोत्साहित करना है। संस्था का प्रयास है कि प्रत्येक बच्चा अपनी क्षमता और रुचि के अनुसार उत्सव में भाग लेकर खुशी और अपनत्व का अनुभव कर सके।
समावेश, प्रेम और आत्मविश्वास का संदेश
शुभदा स्पेशल वर्ल्ड का यह आयोजन समाज को संदेश देगा कि त्योहारों की वास्तविक सुंदरता सभी को साथ लेकर खुशियां मनाने में है। विशेष बच्चों की मुस्कान, उनकी बनाई रंगोलियां और उनके हाथों से सजे दीप यह दर्शाएंगे कि अवसर और प्रोत्साहन मिलने पर हर बच्चा अपनी प्रतिभा से दुनिया को रोशन कर सकता है।
शुभदा शक्ति न्यूज़ का संदेश है— “दिव्यांगों को दुनिया और दुनिया को दिव्यांगों से जोड़ना।”





