रिमझिम फुहारें, ठंडी हवाएं और देव आनंद के तराने… झूम उठी अजमेर की शाम
11 स्टार क्लब की संगीत संध्या में श्रोताओं ने लिया भरपूर आनंद; कलाकारों का सम्मान, शुभदा संस्था को मिला आर्थिक सहयोग ।

अजमेर। रिमझिम फुहारों और ठंडी हवाओं के बीच जब देव आनंद की फिल्मों के सदाबहार गीत गूंजे तो संगीत प्रेमियों की शाम यादगार बन गई। 11 स्टार क्लब, आदर्श नगर की ओर से शनिवार, 26 सितंबर को गांधी भवन पार्क में देव आनंद की जयंती पर आयोजित संगीत संध्या में कलाकारों ने अपनी प्रस्तुतियों से श्रोताओं का दिल जीत लिया। पुराने नगमों की मिठास और सुहावने मौसम के संगम ने आयोजन में चार चांद लगा दिए।
कार्यक्रम की शुरुआत में हुई रिमझिम बौछारों ने ऐसा समां बांधा कि पूरा वातावरण खुशनुमा हो उठा। ठंडी-ठंडी हवाओं के बीच खुले परिसर में बैठे संगीत प्रेमियों ने देव आनंद के दौर की यादों को गीतों के साथ फिर जीया। श्रोताओं की मुस्कान, तालियों और उत्साह ने कलाकारों का हौसला बढ़ाया।
सरस्वती वंदना के साथ संगीत संध्या का शुभारंभ हुआ। इसके बाद यज्ञदत्त शर्मा ने ‘ये दिल न होता बेचारा’ प्रस्तुत किया तो श्रोता झूम उठे। इस गीत ने शुरुआत से ही महफिल में उत्साह भर दिया। कार्यक्रम का संचालन संयोजक पीयूष गुप्ता ने किया।

योगेश कुमावत ने ‘ऐसे न मुझे तुम देखो’ सुनाकर शाम को मधुर रंग दिया। सारिका और दिनेश खोरवाल की युगल प्रस्तुति ‘गाता रहे मेरा दिल’ ने श्रोताओं का मन मोह लिया। लोकेश ने ‘है अपना दिल तो आवारा’, महेश सोनी ने ‘ख्वाब हो तुम या कोई हकीकत’ और राकेश परिहार ने ‘मैं जिंदगी का साथ निभाता चला गया’ प्रस्तुत कर देव आनंद की यादों को ताजा किया। ममता और पीयूष गुप्ता ने ‘अच्छा जी मैं हारी चलो मान जाओ’ के जरिए महफिल में चुलबुलापन घोल दिया
अनुपम और नवनीत पंजाबी ने ‘ओ मेरे राजा’, विजय हल्दानिया ने ‘वहां कौन है तेरा’ तथा राजीव सक्सेना ने ‘दिल का भंवर करे पुकार’ की प्रस्तुतियां दीं। नवीन जोशी के ‘पल भर के लिए कोई हमें प्यार कर ले’ और योगेश महावर के ‘जिया हो’ ने भी श्रोताओं को आनंदित किया। एक के बाद एक सदाबहार गीतों ने संगीत प्रेमियों को पूरे कार्यक्रम से जोड़े रखा।
गायन के साथ वाद्य प्रस्तुतियों ने भी शाम को खास बनाया। रंजन ने सैक्सोफोन पर ‘खोया-खोया चांद’ की धुन छेड़ी, जबकि सौरभ सिंह भाटी ने इलेक्ट्रॉनिक गिटार पर ‘अभी न जाओ छोड़कर’ प्रस्तुत किया। सामूहिक प्रस्तुति ‘दम मारो दम’ ने संगीत संध्या के उत्साह को और बढ़ा दिया।
कार्यक्रम में 11 स्टार क्लब के सदस्यों ने सभी कलाकारों को माला पहनाकर और स्मृति चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया। कलाकारों की प्रतिभा और उनकी प्रस्तुतियों के प्रति इस सम्मान ने आयोजन को और यादगार बना दिया।
आयोजन में सामाजिक सरोकार का भी सुंदर उदाहरण देखने को मिला। पीयूष गुप्ता ने मंच से विशेष आवश्यकता वाले बच्चों और दिव्यांगजनों की शिक्षा, प्रशिक्षण एवं पुनर्वास के लिए कार्यरत शुभदा संस्था का परिचय दिया। इसी अवसर पर 11 स्टार क्लब के एक सदस्य ने शुभदा संस्था को आर्थिक सहयोग प्रदान किया। इस पहल ने संगीत की शाम में सेवा और संवेदना का भाव भी जोड़ दिया।
पूरे कार्यक्रम में श्रोताओं के बीच खुशी और उत्साह बना रहा। किसी ने गीतों की धुन पर झूमकर, तो किसी ने तालियां बजाकर अपनी प्रसन्नता व्यक्त की। देव आनंद के सदाबहार तरानों, कलाकारों की भावपूर्ण प्रस्तुतियों और सुहावने मौसम ने इस शाम को संगीत प्रेमियों के लिए एक सुखद स्मृति बना दिया।






