इंडिया टीवी के स्पेशल शो ‘आप की अदालत’ में इस बार मेहमान बनें बॉलीवुड अभिनेता आमिर खान। इस दौरान आमिर खान ने कई मुद्दों पर खुलकर बात की। इस दौरान आमिर खान ने दिव्यांग बच्चों को लेकर बड़ी बात कही है।

इंडिया टीवी के लोकप्रिय शो ‘आप की अदालत’ में इस बार मेहमान बने बॉलीवुड स्टार आमिर खान। आमिर ने इंडिया टीवी के चेयरमैन एवं एडिटर इन चीफ रजत शर्मा के सवालों का खुलकर जवाब दिया। इस दौरान आमिर ने अलग-अलग मुद्दों पर खुलकर बोला, चाहे वह पहलगाम का आतंकी हमला हो या फिर उनके जीवन से जुड़े सवाल। रजत शर्मा के एक सवाल के जवाब में आमिर ने कहा, ‘हमारे समाज में जो लोग दिव्यांग हैं उनकी जिंदगी बचपन से क्या होती होगी। आप सोचिए की आप 8 साल के हैं। स्कूल में या बिल्डिंग में बर्थडे पार्टी है। सारे बच्चों को बुलाया गया लेकिन आपको नहीं बुलाया गया, क्योंकि आप दिव्यांग हैं। ये एक बार नहीं बल्कि हर बार होता है। हमें सोचना होगा कि उस बच्चे को क्या फील होता होगा।’
दिव्यांग बच्चों पर बड़ी बात कह गए आमिर खान
आमिर खान ने कहा, ‘क्या उस बच्चे ने कोई पाप किया है, उसने कोई गलत काम किया है। उसकी तो गलती भी नहीं है। कोई भी ऐसे पैदा हो सकता है। इसपर हमारा कंट्रोल नहीं है। एक तो उसे तकलीफ है और दूसरा कि हम उसे अलग कर रहे हैं और जिंदगी भर अलग कर रहे हैं। हमारा देश इतना कमाल का है। हम भावुक लोग हैं। हमें इसे बदलना होगा। हर आदमी के जज्बात हैं। हर कोई इंसान है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी ये कहा है कि साल 2047 तक सभी दिव्यांगजन और हम सब एक साथ आगे बढ़ें। ये प्रधानमंत्री की कोशिश है, इसलिए नया कानून लाया गया है दिव्यांगजनों के लिए। ताकि हमारे देश में समावेशिता बढ़े।’
आमिर खान ने याद दिलाया पीएम मोदी का बयान
आमिर खान ने कहा, ‘जब हम बच्चों का एडमिशन स्कूल में कराते हैं, तब से ही हम फर्क कर देते हैं। ये कहते हैं कि स्पेशल स्कूल में ये बच्चे पढ़ेंगे। तो हम तो स्कूल से ही फर्क करके उन्हें मेनस्ट्रीम ने आने नहीं देते हैं। इसके अलावा जो बच्चे दिव्यांग नहीं हैं, सोचिए उनका कितना नुकसान हो रहा है। वो अपने दोस्तों से संवेदनशील होना, केयरिंग होना, उनकी मदद करना सीख सकते हैं। हाथ पकड़कर दोनों लोग साथ बढ़ सकते हैं। आमिर खान ने कहा कि जो लोग दिव्यांग होते हैं, हम उनसे बात ही नहीं कर पाते। हम समझ ही नहीं पातें कि उनसे बात कैसे करना है। हम ऑकवर्ड हो जाते हैं। हमारे प्रधानमंत्री का ऐलान है कि आजादी के इतने साल बाद हमें ये सब पीछे छोड़ देना चाहिए।’