
OpenAI ने अपने नवीनतम और उन्नत डिजिटल असिस्टेंट ChatGPT एजेंट को लॉन्च कर दिया है। यह पारंपरिक चैटबॉट्स से कहीं आगे की तकनीक है। अब यह सिर्फ सवालों के जवाब नहीं देगा, बल्कि खुद वेबसाइट्स पर जाकर ज़रूरी डेटा एकत्र करेगा, उसका विश्लेषण करेगा और ज़रूरत पड़ने पर प्रेजेंटेशन स्लाइड्स और स्प्रेडशीट भी तैयार करेगा।
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कैसे काम करता है ChatGPT एजेंट?
ChatGPT एजेंट, उपयोगकर्ता की अनुमति मिलने के बाद वेबसाइट्स पर लॉग इन कर सकता है और Gmail या GitHub जैसे प्लेटफ़ॉर्म से डेटा एक्सेस कर सकता है। यह एजेंट बड़े और जटिल कार्यों को स्वत: पूरा करने की क्षमता रखता है। इसकी सबसे खास बात यह है कि यह हर कदम पर यूज़र की अनुमति लेता है और यूज़र द्वारा पूरी तरह नियंत्रित किया जा सकता है।
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OpenAI ने क्या कहा?
OpenAI ने स्पष्ट किया है कि एजेंट का उद्देश्य लोगों को डिजिटल कार्यों में सहयोग देना है। हालांकि, संस्थान ने यह भी चेतावनी दी है कि इसके ज़रिए जैविक या रासायनिक हानिकारक सामग्री तैयार की जा सकती है, लेकिन अब तक ऐसा कोई मामला सामने नहीं आया है।
OpenAI के CEO सैम ऑल्टमैन ने कहा,
> “एजेंट को उतनी ही एक्सेस दी जानी चाहिए, जितनी किसी प्रोजेक्ट के लिए आवश्यक हो।”
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ChatGPT एजेंट की प्रमुख विशेषताएं
खुद से वेबसाइट एक्सेस और संचालन की क्षमता
कोडिंग, डेटा विश्लेषण और रिपोर्टिंग में दक्ष
स्लाइड और स्प्रेडशीट स्वत: बनाना
हर कार्य से पहले यूज़र की अनुमति लेना
किसी भी समय रोका या नियंत्रित किया जा सकना
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संभावित जोखिम भी हैं
गलत डेटा मिलने पर ग़लत निर्णय
अत्यधिक एक्सेस से डेटा दुरुपयोग की संभावना
छोटे कार्य भी AI पर छोड़ने से मानवीय समझ और निर्णय क्षमता पर प्रभाव
जैविक/रासायनिक दुरुपयोग की सैद्धांतिक आशंका
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NASSCOM की सलाह
NASSCOM ने कंपनियों को सुझाव दिया है कि वे ऐसे AI टूल्स को अपनाएं जिनमें मानव निगरानी और नियंत्रण की व्यवस्था हो।