दिव्यांगजनों को बड़ी राहत: अब हर साल नहीं कराना होगा टोल-मुक्त FASTag का नवीनीकरण
दिव्यांगता प्रतिशत के आधार पर तीन से पांच वर्ष तक मिलेगी वैधता, बार-बार दस्तावेज जमा कराने की परेशानी होगी कम ।

नई दिल्ली / अजमेर । राष्ट्रीय राजमार्गों पर यात्रा करने वाले पात्र दिव्यांग वाहन मालिकों के लिए राहतभरी खबर है। भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण ने टोल शुल्क से छूट वाले FASTag की वैधता बढ़ाने के लिए संशोधित दिशा-निर्देश लागू कर दिए हैं। अब पात्र दिव्यांगजनों को प्रत्येक वर्ष FASTag का नवीनीकरण कराने की आवश्यकता नहीं होगी।
नए प्रावधान 2 अक्टूबर 2026 से प्रभावी हो गए हैं। इनके अनुसार, दिव्यांगता प्रमाणपत्र अथवा विशिष्ट दिव्यांगता पहचान-पत्र में दर्ज प्रतिशत के आधार पर टोल-मुक्त FASTag तीन या पांच वर्ष के लिए वैध रहेगा।
किसे कितने समय की वैधता मिलेगी?
– 70 से 100 प्रतिशत दिव्यांगता: पांच वर्ष की वैधता
– 40 से 70 प्रतिशत से कम दिव्यांगता: तीन वर्ष की वैधता
इससे पहले पात्र लाभार्थियों को सामान्यतः हर वर्ष नवीनीकरण की प्रक्रिया पूरी करनी पड़ती थी। बार-बार आवेदन, दस्तावेजों का सत्यापन और कार्यालयों के चक्कर दिव्यांग वाहन मालिकों के लिए परेशानी का कारण बनते थे। अब लंबी वैधता मिलने से उनका समय और प्रयास दोनों बच सकेंगे।
किन वाहनों पर लागू होंगे नियम?
यह सुविधा प्रत्येक दिव्यांग व्यक्ति के सामान्य FASTag पर स्वतः लागू नहीं होगी। संशोधित दिशा-निर्देश मुख्यतः दिव्यांगजनों के उपयोग के लिए विशेष रूप से निर्मित वाहनों तथा पंजीकरण प्रमाणपत्र में स्वामित्व श्रेणी ‘दिव्यांगजन’ के अंतर्गत दर्ज वाहनों पर लागू होते हैं।
वैधता तय करने के लिए आवेदक को मान्य दिव्यांगता प्रमाणपत्र, विशिष्ट दिव्यांगता पहचान-पत्र अथवा संबंधित अधिकृत दस्तावेज प्रस्तुत करने होंगे। निर्धारित अवधि समाप्त होने के बाद नवीनीकरण किया जा सकेगा, लेकिन उस समय भी लाभार्थी को राष्ट्रीय राजमार्ग शुल्क नियम, 2008 के अंतर्गत पात्रता पूरी करनी होगी।
आवेदन से पहले इन बातों की जाँच करें
लाभार्थी वाहन के पंजीकरण प्रमाणपत्र में दर्ज स्वामित्व श्रेणी, दिव्यांगता प्रतिशत और पहचान-पत्र की वैधता अवश्य जाँच लें। आवेदन केवल अधिकृत टोल-मुक्त FASTag पोर्टल, संबंधित बैंक या अधिकृत जारीकर्ता के माध्यम से करें। किसी अनजान व्यक्ति, संदिग्ध वेबसाइट अथवा सामाजिक माध्यम पर दस्तावेज साझा करने से बचें। आधिकारिक जानकारी भारतीय राजमार्ग प्रबंधन कंपनी के पोर्टल पर उपलब्ध है।
शुभदा शक्ति का दृष्टिकोण
यह बदलाव केवल प्रशासनिक प्रक्रिया को सरल बनाने वाला निर्णय नहीं, बल्कि स्वतंत्र और सम्मानजनक आवागमन की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। हालांकि इसका वास्तविक लाभ तभी मिलेगा, जब आवेदन प्रणाली पूरी तरह सुलभ हो, टोल कर्मचारियों को नियमों की जानकारी दी जाए और पात्र लाभार्थियों की शिकायतों का शीघ्र समाधान हो।
दिव्यांगजनों को हर वर्ष अपनी पात्रता सिद्ध करने के लिए मजबूर करने के बजाय सरल, पारदर्शी और दीर्घकालिक व्यवस्था उपलब्ध कराना ही वास्तविक सुगम्यता की पहचान है।






