साहित्य, सृजन और सम्मान की त्रिवेणी से सजा अजमेर लेखिका मंच का समारोह
‘ज़िंदगी के नाम आख़िरी ख़त’ का विमोचन, डॉ. अरुणा माथुर कलम अवॉर्ड से युवा प्रतिभाओं का सम्मान

अजमेर। साहित्य की संवेदनाओं, रचनात्मक अभिव्यक्ति और प्रतिभाओं के सम्मान का खूबसूरत संगम रविवार को अजमेर में देखने को मिला। अजमेर लेखिका मंच एवं सामाजिक सेवा संस्थान की ओर से मेरवाड़ा एस्टेट में आयोजित पुस्तक विमोचन, पुरस्कार वितरण एवं डॉ. अरुणा माथुर कलम अवॉर्ड समारोह साहित्य, सृजन और सम्मान के भव्य उत्सव में बदल गया।
समारोह की अध्यक्षता राजस्थान साहित्य अकादमी के सचिव डॉ. बसंत सिंह सोलंकी ने की, जबकि मुख्य अतिथि टीकमचंद बोहरा ‘अनजाना’ (आईएएस) रहे। विशिष्ट अतिथियों में अतिरिक्त एसपी प्रीति चौधरी, कार्डियोलॉजिस्ट डॉ. अभिलाषा माथुर तथा सेंट्रल यूनिवर्सिटी के हिंदी विभाग की प्रोफेसर एन. लक्ष्मी अय्यर शामिल रहीं।
‘ज़िंदगी के नाम आख़िरी ख़त’ बना समारोह का खास आकर्षण
समारोह का प्रमुख आकर्षण अजमेर लेखिका मंच की पुस्तक ‘ज़िंदगी के नाम आख़िरी ख़त’ का विमोचन रहा। पुस्तक का संपादन डॉ. मधु खंडेलवाल, डॉ. भारती प्रकाश, कविता अग्रवाल और डॉ. नंदिता ने किया है। मंचासीन अतिथियों ने पुस्तक का विमोचन किया। विमोचन की व्यवस्था अंबिका हेड़ा और कविता जोशी ने संभाली।
पुस्तक में शामिल विशिष्ट व्यक्तित्वों एवं साहित्यकारों के पत्रों का वाचन भी किया गया। उपमुख्यमंत्री दीया कुमारी के पत्र का वाचन संस्थान की अध्यक्षा डॉ. मधु खंडेलवाल ने किया। अन्य पत्रों का वाचन भी मंच की सदस्यों द्वारा किया गया।
युवा कलम को मिला सम्मान
समारोह में डॉ. अरुणा माथुर कलम अवॉर्ड विशेष आकर्षण रहा। प्रथम पुरस्कार एस.आर.के. पाटनी कन्या महाविद्यालय की आलिया खान को प्रदान किया गया। द्वितीय पुरस्कार आकाश माली और अक्षर अरोड़ा, जबकि तृतीय पुरस्कार हीरांशी जैन एवं निशिता ज्ञानवाणी को मिला। मनहा अहमद, हिमांशी प्रियाणी और नवाज़ सिद्दकी को सांत्वना पुरस्कार प्रदान किए गए।
इसके साथ ही वर्षभर आयोजित ‘शिक्षक के नाम पत्र’, साहित्यिक परिचर्चा, कविता लेखन और देशभक्ति रचना जैसी विभिन्न साहित्यिक प्रतियोगिताओं के विजेताओं को सम्मानित किया गया। कार्यक्रम में विभिन्न श्रेणियों में कुल 32 पुरस्कार प्रदान किए गए।
साहित्यकारों और रचनाकारों का भी सम्मान
‘अजमेर लेखिका मंच विशेष पुरस्कार’ के तहत मंच का अपनी पुस्तकों में उल्लेख करने वाले साहित्यकारों को सम्मानित किया गया। वहीं ‘संस्मरण : जो भूल नहीं पाए’ के अंतर्गत डॉ. बृजेश माथुर, विनीता निर्झर, डॉ. सतीश कुमार, डॉ. नीना छिब्बर, गोविंद भारद्वाज एवं ममता गंगवार को स्मृति-चिह्न प्रदान किए गए। विभिन्न साहित्यिक प्रतियोगिताओं के निर्णायकों को भी सम्मानित किया गया।
मंच की संयोजिका डॉ. मधु खंडेलवाल ने दो विशिष्ट पुरस्कारों की घोषणा करते हुए इंदु वैद्य और डॉ. भारती प्रकाश को शॉल ओढ़ाकर सम्मानित किया।
महिला लेखन और सृजन को मिला मंच
कार्यक्रम की शुरुआत दीप प्रज्वलन और डॉ. छाया शर्मा की सरस्वती वंदना से हुई। अंबिका हेड़ा ने अजमेर लेखिका मंच का गान प्रस्तुत किया, जिसमें मंच की सदस्यों ने सामूहिक सहभागिता की। डॉ. भारती प्रकाश ने मंच की वर्षभर की साहित्यिक गतिविधियों और उपलब्धियों की जानकारी दी।
समारोह में अजमेर लेखिका मंच की लेखिकाओं द्वारा प्रकाशित पुस्तकों की विशेष प्रदर्शनी भी लगाई गई। अनिता गंगाधर ने प्रदर्शित पुस्तकों और उनके लेखकों के बारे में जानकारी दी।
समारोह की पूर्ण संयोजक डॉ. मधु खंडेलवाल ‘मधुर’ रहीं। कार्यक्रम का संचालन डॉ. अंजु अग्रवाल तथा पुरस्कार वितरण का संचालन डॉ. नंदिता चौहान ने किया। अंत में भावना शर्मा ने अतिथियों, साहित्यकारों, पुरस्कार विजेताओं और उपस्थितजनों का आभार व्यक्त किया।
अजमेर के अनेक प्रतिष्ठित साहित्यकारों और साहित्यप्रेमियों की मौजूदगी में आयोजित इस समारोह ने महिला लेखन, साहित्यिक सृजन और नई प्रतिभाओं को मंच देने की दिशा में अजमेर लेखिका मंच की सक्रिय भूमिका को रेखांकित किया। साहित्य, संवेदना और सम्मान की यह शाम शहर के साहित्यिक परिदृश्य में एक यादगार आयोजन के रूप में संपन्न हुई।





