13 सितंबर को मोती डूंगरी में बंटेगी ‘खास मेहंदी’, अविवाहितों में क्यों है इसे पाने की ऐसी आस्था?

जयपुर। राजस्थान की राजधानी जयपुर के प्रसिद्ध मोती डूंगरी गणेश मंदिर में गणेशोत्सव की रौनक के बीच 13 सितंबर का दिन इस बार बेहद खास रहने वाला है। गणेश चतुर्थी से एक दिन पहले मंदिर में पारंपरिक मेहंदी पूजन और सिंजारा उत्सव आयोजित होगा। इस अवसर पर सोजत से मंगाई गई करीब 3500 किलो मेहंदी भगवान गणेश को अर्पित की जाएगी और बाद में श्रद्धालुओं को प्रसाद स्वरूप वितरित की जाएगी।
अविवाहित युवक-युवतियों के बीच खास मान्यता
मोती डूंगरी की इस मेहंदी को लेकर वर्षों से एक विशेष धार्मिक मान्यता चली आ रही है। श्रद्धालुओं में विश्वास है कि भगवान गणेश को अर्पित यह मेहंदी यदि अविवाहित युवक या युवती अपने हाथों पर लगाए तो विवाह में आ रही बाधाएं दूर होती हैं और शीघ्र विवाह के योग बनते हैं।
पिछले वर्षों में भी इस परंपरा के कारण बड़ी संख्या में अविवाहित युवक-युवतियां मेहंदी प्रसाद लेने मंदिर पहुंचते रहे हैं। कुछ श्रद्धालुओं में तो यह मान्यता भी प्रचलित है कि मेहंदी लगाने वाले अविवाहित व्यक्ति का विवाह अगली गणेश चतुर्थी से पहले हो जाता है। हालांकि इसे धार्मिक आस्था और लोकमान्यता के रूप में ही देखा जाना चाहिए; इसका कोई वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है।
3500 किलो मेहंदी, पांच स्थानों से होगा वितरण
13 सितंबर को मेहंदी पूजन एवं सिंजारा के बाद रात 7:30 बजे से पांच अलग-अलग स्थानों पर मेहंदी प्रसाद का वितरण किए जाने की जानकारी सामने आई है। महिलाओं और कन्याओं के लिए अलग व्यवस्था भी रखी जाएगी।
इस दिन गणपति महाराज का स्वरूप भी विशेष आकर्षण का केंद्र रहेगा। भगवान गणेश को स्वर्ण मुकुट, नौलखा हार और विशेष पोशाक धारण कराई जाएगी तथा वे चांदी के सिंहासन पर विराजमान होकर भक्तों को दर्शन देंगे।
14 सितंबर को गणेश उत्सव
मोती डूंगरी गणेश मंदिर में इस वर्ष 7 से 15 सितंबर तक विभिन्न धार्मिक आयोजन हो रहे हैं। 13 सितंबर के सिंजारा और मेहंदी पूजन के अगले दिन, 14 सितंबर 2026 को श्री गणेश उत्सव मनाया जाएगा। इसके बाद 15 सितंबर को शाम 4 बजे शोभायात्रा निकाली जाएगी।






