उदयपुर के सिटी पैलेस में सजा साहित्यिक संवाद: अजमेर की लेखिकाओं ने श्रीजी महाराज लक्ष्यराज सिंह मेवाड़ से की आत्मीय भेंट

वीर रस की कविता ने बटोरी वाहवाही, साहित्यकारों ने भेंट कीं अपनी पुस्तकें; राजस्थान की ऐतिहासिक विरासत को साहित्य के जरिए नई पीढ़ी तक पहुंचाने पर हुआ संवाद
अजमेर/उदयपुर, 9 सितम्बर। राजस्थान की गौरवशाली विरासत और साहित्य का खूबसूरत संगम उस समय देखने को मिला, जब अजमेर लेखिका मंच एवं सामाजिक सेवा संस्थान से जुड़ी महिला साहित्यकारों ने उदयपुर के ऐतिहासिक सिटी पैलेस में श्रीजी महाराज लक्ष्यराज सिंह मेवाड़ से आत्मीय भेंट की। इस दौरान साहित्य, संस्कृति, इतिहास और महिला साहित्य लेखन को लेकर सार्थक संवाद हुआ।
अजमेर से उदयपुर पहुंची साहित्यकारों की टीम का सिटी पैलेस में आत्मीय स्वागत किया गया। मंच की ओर से श्रीजी महाराज को शॉल ओढ़ाकर एवं पुष्पगुच्छ भेंट कर अभिनंदन किया गया।
कविता में उकेरा मेवाड़ का गौरव
कार्यक्रम का साहित्यिक रंग उस समय और गहरा हो गया, जब अजमेर लेखिका मंच की अध्यक्षा डॉ. मधु खंडेलवाल ने श्रीजी महाराज के व्यक्तित्व और मेवाड़ की गौरवशाली परंपरा के विभिन्न आयामों पर केंद्रित अपनी स्वरचित कविता का भावपूर्ण पाठ किया। मंच की ओर से श्रीजी महाराज को अभिनंदन-पत्र भी भेंट किया गया।
वहीं साहित्यकार वंदना वेदांगी ने वीर रस से ओतप्रोत कविता सुनाकर माहौल को जोश से भर दिया। उनकी प्रभावशाली प्रस्तुति को उपस्थित साहित्यकारों ने खूब सराहा और कविता ने जमकर वाहवाही बटोरी।
महिला साहित्यकारों की रचनात्मक यात्रा से कराया परिचय
इस अवसर पर कविता अग्रवाल ‘काव्यम’, डॉ. भारती प्रकाश, डॉ. नंदिता चौहान, खुशबू राठौड़, डॉ. अंजू अग्रवाल, अंबिका हेडा, काजल खत्री, कविता जोशी, सरपंच कंचन राठौड़, वंदना वेदांगी, दीपा गोयल, भावना शर्मा एवं लता शर्मा ने अपना परिचय देते हुए अपनी साहित्यिक और रचनात्मक गतिविधियों की जानकारी साझा की।
कविता अग्रवाल ‘काव्यम’ ने अजमेर लेखिका मंच द्वारा वर्ष 2018 से अब तक आयोजित किए गए साहित्यिक एवं सामाजिक कार्यक्रमों की जानकारी दी। उन्होंने महिला साहित्यकारों को मंच प्रदान करने के प्रयासों के साथ जिला प्रशासन एवं विभिन्न स्तरों से मंच को प्राप्त प्रशस्ति-पत्रों और सम्मानों का भी उल्लेख किया।
नई पीढ़ी तक पहुंचे राजस्थान की गौरवगाथा
साहित्यिक संवाद का एक महत्वपूर्ण विषय राजस्थान की ऐतिहासिक और सांस्कृतिक विरासत को साहित्य के माध्यम से नई पीढ़ी तक पहुंचाना भी रहा।
इस दिशा में डॉ. भारती प्रकाश ने महिला साहित्य लेखन को प्रोत्साहित करने तथा राजस्थान की गौरवशाली ऐतिहासिक विरासत को साहित्य के जरिए नई पीढ़ी से जोड़ने के उद्देश्य से एक विशेष वार्षिक साहित्यिक आयोजन की परिकल्पना साझा की।
मंच से जुड़ी साहित्यकारों ने अपनी-अपनी प्रकाशित पुस्तकें भी श्रीजी महाराज को सादर भेंट कीं। इन पुस्तकों के माध्यम से लेखिकाओं ने अपनी रचनाधर्मिता, विचारों और साहित्यिक यात्रा का परिचय दिया।
सिटी पैलेस की विरासत को करीब से देखा
साहित्यिक संवाद के बाद श्रीजी महाराज के स्नेहपूर्ण आतिथ्य में साहित्यकारों को सिटी पैलेस का भ्रमण भी करवाया गया। यहां उन्होंने मेवाड़ के इतिहास, स्थापत्य, संस्कृति और समृद्ध विरासत को करीब से देखा।
अजमेर लेखिका मंच की यह यात्रा केवल एक औपचारिक मुलाकात तक सीमित नहीं रही, बल्कि साहित्य, महिला रचनात्मकता, संस्कृति और राजस्थान की ऐतिहासिक विरासत के बीच संवाद का एक यादगार अवसर बन गई।
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