ऑटो/दिव्यांग विशेष | शुभदा शक्ति
नई दिल्ली। BMW का नाम सुनते ही लग्जरी, पावर और एडवांस टेक्नोलॉजी की तस्वीर सामने आती है। लेकिन एक सवाल दिव्यांग कार प्रेमियों के लिए खास मायने रखता है—क्या शारीरिक दिव्यांगता के बावजूद BMW जैसी हाई-परफॉर्मेंस लग्जरी कार चलाई जा सकती है?
जवाब है—हां, उपयुक्त परिस्थितियों और सही vehicle adaptations के साथ यह संभव है। BMW खुद विदेशों में विशेष रूप से modified कारों के जरिए wheelchair users और अन्य शारीरिक दिव्यांग चालकों को ड्राइविंग का अनुभव उपलब्ध करा रही है। हालांकि, भारत में BMW का कोई अलग ऐसा मॉडल फिलहाल सामने नहीं आता जिसे कंपनी विशेष रूप से “दिव्यांगों के लिए बनी BMW” के रूप में बेचती हो।
🔴 सबसे बड़ी बात: पैरों की जगह हाथों से Accelerator और Brake

BMW M का ParaDrive Experience इसका वास्तविक उदाहरण है। इस कार्यक्रम में specially adapted BMW M2, M3 और M4 कारों में hand-operated accelerator और brake controls लगाए गए हैं।
इन कारों में जरूरत के मुताबिक steering-wheel-mounted brake lever, finger-operated throttle तथा pull-push accelerator/brake systems का इस्तेमाल किया जाता है। कुछ वाहनों में left-foot accelerator conversion भी उपलब्ध है। इससे अलग-अलग प्रकार की physical disabilities वाले चालकों की जरूरतों के अनुसार वाहन को अनुकूल बनाया जा सकता है।
व्हीलचेयर यूजर भी चला चुके हैं BMW की हाई-परफॉर्मेंस कारें
यह केवल तकनीकी अवधारणा नहीं है। BMW ने अपने आधिकारिक प्लेटफॉर्म पर wheelchair user और BMW M instructor Tina Schmidt-Kiendl की कहानी साझा की है। उनके लिए adapted BMW में acceleration और braking को hand controls के जरिए संचालित किया जाता है।
BMW के अनुसार, 2021 में लोगों के लिए विशेष BMW M Driving Experience शुरू किया गया था। इसका उद्देश्य शारीरिक दिव्यांग लोगों को adapted cars में सुरक्षित तरीके से ड्राइविंग का अनुभव और प्रशिक्षण देना था।
BMW का ParaDrive: दिव्यांग चालकों के लिए खास प्रशिक्षण
BMW M का वर्तमान ParaDrive programme wheelchair users, stroke के बाद शारीरिक सीमाओं का सामना कर रहे लोगों और physical disabilities वाले drivers के लिए तैयार किया गया है।
इसमें adapted BMW M कारों के जरिए emergency braking, lane changes, avoidance manoeuvres और vehicle control जैसी तकनीकों की ट्रेनिंग दी जाती है।
BMW का यह प्रयास एक महत्वपूर्ण संदेश देता है—सही तकनीक और adaptation के जरिए लग्जरी और performance driving भी अधिक समावेशी बनाई जा सकती है।
अमेरिका में BMW Mobility Program भी
BMW USA में BMW Mobility Program भी संचालित किया जाता है। इसके तहत नई या Certified Pre-Owned BMW खरीदने/लीज करने वाले पात्र ग्राहकों को आवश्यक adaptive equipment modifications पर एक बार में $2,500 तक reimbursement मिल सकता है।
BMW USA की आधिकारिक जानकारी में X1, X2, X3, X5, X6, X7 सहित कई BMW Series और electric models इस programme की सूची में शामिल हैं। हालांकि, यह सुविधा अमेरिकी बाजार की है और इसे BMW India की सुविधा नहीं समझा जाना चाहिए।
🇮🇳 भारत में क्या स्थिति है?
भारत में इस विषय पर सबसे जरूरी अंतर समझना होगा।
BMW के अंतरराष्ट्रीय programmes यह साबित करते हैं कि BMW vehicles को विशेष adaptations के साथ दिव्यांग चालकों के उपयोग के अनुकूल बनाया जा सकता है। लेकिन भारत में किसी BMW को modify कराने से पहले BMW India, authorised dealer/adaptation specialist और संबंधित RTO से यह सुनिश्चित करना जरूरी होगा कि modification तकनीकी रूप से सुरक्षित और भारतीय नियमों के अनुरूप है।
इसलिए किसी भी दिव्यांग ग्राहक को केवल aftermarket modification देखकर वाहन खरीदने का फैसला नहीं करना चाहिए। उसकी व्यक्तिगत mobility requirement, driving licence पर लागू conditions, vehicle registration और modification approval जैसे पहलुओं की पहले जांच की जानी चाहिए।
क्या दिव्यांग व्यक्ति को BMW खरीदने पर GST में छूट मिलेगी?
यहां एक महत्वपूर्ण अपडेट है।
भारत में पहले पात्र orthopaedic disability वाले व्यक्तियों के लिए कुछ छोटी कारों पर concessional GST certificate की व्यवस्था थी। लेकिन सितंबर-अक्टूबर 2025 में GST structure में बदलाव के बाद Ministry of Heavy Industries ने इस certificate को जारी करना बंद कर दिया।
सरकार के मुताबिक, निर्धारित श्रेणी की छोटी कारों पर GST दर सामान्य खरीदारों के लिए भी 18% हो जाने के कारण अलग concession certificate की जरूरत समाप्त हो गई।
इसलिए पुरानी जानकारी—जिसमें 40% या उससे अधिक orthopaedic disability पर अलग GST concession certificate लेने की प्रक्रिया बताई जाती है—को वर्तमान व्यवस्था समझकर इस्तेमाल नहीं करना चाहिए।
और BMW X1 जैसी बड़ी लग्जरी SUV को पुराने small-car concession नियम से जोड़ना भी भ्रामक होगा, क्योंकि पुरानी व्यवस्था में वाहन की लंबाई 4,000 mm तक तथा इंजन क्षमता पर भी निर्धारित सीमा थी।
ADAS और आधुनिक तकनीक भी बन सकती है सहायक
आज की BMW कारों में उपलब्ध driver-assistance technologies कुछ परिस्थितियों में driving workload को कम करने में मदद कर सकती हैं। लेकिन ADAS को disability adaptation या autonomous driving का विकल्प नहीं समझना चाहिए।
किसी व्यक्ति के लिए कौन-सा hand control, pedal modification, steering aid या अन्य adaptation उचित होगा, यह उसकी व्यक्तिगत जरूरत और अधिकृत तकनीकी/चिकित्सकीय आकलन पर निर्भर करता है।
♿ लग्जरी मोबिलिटी में Accessibility क्यों जरूरी?
दिव्यांग व्यक्तियों के लिए mobility केवल एक स्थान से दूसरे स्थान तक पहुंचने का साधन नहीं, बल्कि स्वतंत्रता, रोजगार, सामाजिक भागीदारी और आत्मनिर्भरता से भी जुड़ी है।
BMW के adapted driving programmes यह दिखाते हैं कि automobile technology को inclusive बनाया जा सकता है। सवाल केवल यह नहीं होना चाहिए कि “क्या दिव्यांग व्यक्ति BMW चला सकता है?” बल्कि यह भी होना चाहिए कि भारत में premium automobile manufacturers accessible mobility solutions को कितनी व्यापकता से उपलब्ध करा सकते हैं।

शुभदा शक्ति विशेष
BMW के अंतरराष्ट्रीय उदाहरण से यह स्पष्ट है कि शारीरिक दिव्यांगता और performance driving एक-दूसरे के विरोधी नहीं हैं। Hand controls, customised driving aids और उचित training जैसी तकनीकें mobility की संभावनाओं को काफी बढ़ा सकती हैं।
भारत में भी यदि automobile manufacturers, authorised adaptation specialists और नीति-निर्माता accessible mobility पर ज्यादा ध्यान दें, तो दिव्यांग लोगों के लिए व्यक्तिगत परिवहन के विकल्प और बेहतर हो सकते हैं।
शुभदा शक्ति का मानना है—सुलभ परिवहन केवल सुविधा नहीं, बल्कि स्वतंत्र और सम्मानजनक जीवन की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
- डिस्क्लेमर: किसी वाहन में disability-related modification कराने से पहले निर्माता/अधिकृत डीलर और संबंधित परिवहन प्राधिकरण से वर्तमान नियमों तथा modification की वैधता की पुष्टि करें। अलग-अलग व्यक्तियों की mobility requirements अलग हो सकती हैं।






