दिव्यांग बच्चों को उनके अधिकार दिलाए जाएंगे
जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के तत्वावधान में जिला एवं सत्र न्यायाधीश व अध्यक्षा मनीषा बत्रा और मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी एवं सचिव डॉ. कविता कांबोज के मार्गदर्शन में दिव्यांग व अनाथ बच्चों को उनके अधिकार…

जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के तत्वावधान में जिला एवं सत्र न्यायाधीश व अध्यक्षा मनीषा बत्रा और मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी एवं सचिव डॉ. कविता कांबोज के मार्गदर्शन में दिव्यांग व अनाथ बच्चों को उनके अधिकार प्रदान करवाने के लिए विशेष मुहिम ‘हम खास हैं का आयोजन किया गया। इसके अंतर्गत विशेष कानूनी जागरूकता शिविर का आयोजन गांव बहीन पलवल में पैनल अधिवक्ता जगत सिंह रावत व पीएलवी इंद्रजीत द्वारा किया गया।

डॉ. कविता कांबोज ने कहा कि दिव्यांग लोगों व बच्चों के लिए संबंधी नालसा योजना व उक्त योजना के अंतर्गत हम खास हैं, जागरूकता अभियान की शुरुआत की गई है। जिसके अंतर्गत 18 वर्ष से कम उम्र के दिव्यांग व निराश्रित बच्चों के संवैधानिक अधिकारों के संरक्षण व उनको विभिन्न योजनाओं के तहत लाभान्वित करवाने के लिए गांवों में विभिन्न विशेष शिविर आयोजित कराए जाएंगे। शिविरों के माध्यम से पात्र बच्चों के मौके पर ही फार्म भरवाए जाएंगे, ताकि उन्हें समाज कल्याण विभाग की विभिन्न योजनाओं का लाभ मिल सके।

उन्होंने कहा कि दिव्यांगों को भी जीने का अधिकार है, वो भी हमारे समाज के अभिन्न अंग हैं और समाज हित में उनकी भी भागीदारी सराहनीय है। इसलिए शारीरिक व मानसिक दिव्यांगों को निशुल्क कानूनी सहायता, शोषण के विरुद्ध सुनवाई का अधिकार, समान अवसर, शिक्षा पाने, समान मानवाधिकार, मौलिक अधिकार, बराबर का सम्मान, चिकित्सा सुविधा व योजनाओं का समान लाभ पाने के हकदार हैं। उनके साथ भेदभाव व उनका शोषण करना निषेध है। शिविर में पैनल अधिवक्ता जगत सिंह रावत ने ग्रामीणों को मानसिक रूप से बीमार एवं मानसिक रूप से दिव्यांग लोगों को निशुल्क कानूनी सेवाएं नालसा योजना 2015 व मानसिक स्वास्थ्य अधिनियम के बारे में जागरूक किया। शिविर के माध्यम से 12 मानसिक व शारीरिक दिव्यांग और निराश्रित बच्चों की पहचान की गई। उक्त बच्चों को समाज कल्याण विभाग की विभिन्न योजनाओं के अंतर्गत लाभ प्रदान करवाया जाएगा। इसके अलावा शिविर में ग्रामीणों को विभिन्न मामलों में कानूनी सलाह मुफ्त प्र्रदान की गई। उन्हें कानूनी पुस्तकें व पंपलेट भी वितरित किए गए। शिविर में पंचायत समिति सदस्य सुरेंद्र रावत, रामप्रसाद रावत, मांगेराम, मोहन, फतेह सिंह, हरबल शर्मा आदि गणमान्य ग्रामीण भी मौजूद रहे।