FTA से भारत को मिलेगी नई उड़ान: ब्रिटेन के साथ समझौते से निर्यात, निवेश और महिला उद्यमियों को मिलेगा बढ़ावा

 

 

 

भारत और ब्रिटेन के बीच मुक्त व्यापार समझौता (FTA) पर हस्ताक्षर हो चुके हैं, और इसके साथ ही द्विपक्षीय संबंधों में एक नया अध्याय शुरू हो गया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और कीर स्टार्मर की मौजूदगी में हुए इस समझौते को दोनों देशों की अर्थव्यवस्था और व्यापार के लिए “गेम चेंजर” माना जा रहा है।

 

यह समझौता सिर्फ कागजों तक सीमित नहीं रहेगा — इसके प्रभाव हर स्तर पर महसूस होंगे। भारत के टेक स्टार्टअप्स, महिला एंटरप्रेन्योर्स, हैंडलूम सेक्टर और मैन्युफैक्चरिंग को इससे व्यापक अवसर मिलेंगे। साथ ही, भारत की वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला में भूमिका और मज़बूत होगी।

 

विशेषज्ञों का मानना है कि FTA के चलते भारत का निर्यात 86,000 करोड़ से 1.1 लाख करोड़ रुपये तक बढ़ सकता है। दूसरी तरफ, ब्रिटेन में भारतीय कंपनियों के लिए निवेश के रास्ते खुलेंगे और ब्रिटिश कंपनियों को भारत में नई संभावनाएं दिखेंगी।

 

कीर स्टार्मर ने इस समझौते को “ऐतिहासिक” बताते हुए कहा कि यह एफटीए केवल व्यापार का समझौता नहीं, बल्कि भारत-ब्रिटेन साझेदारी को अगले स्तर पर ले जाने का प्लेटफॉर्म है। उन्होंने यह भी साझा किया कि इस साझेदारी के जरिए 6 बिलियन पाउंड का नया व्यापार और निवेश उत्पन्न हुआ है।

 

प्रधानमंत्री मोदी और स्टार्मर ने मिलकर UK-India Vision 2035 भी लॉन्च किया, जिसमें आने वाले दशक के लिए दोनों देशों की साझेदारी का रोडमैप तैयार किया गया है।

SHUBHDA SHAKTI
Author: SHUBHDA SHAKTI

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